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नरोत्तम के ‘दिल के अरमां’ आंसुओं में बह गए:फिर टूटी शिवराज की कसम; बार-बार टॉयलेट जा रहे अधिकारी, कमिश्नर ने कराया शुगर टेस्ट

मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। दिल के अरमां आंसुओं में बह गए..
समुद्र का पानी उतरता देख किनारे पर घर मत बना लेना… मैं लौटकर आऊंगा, ये वादा है…। साल 2023 का विधानसभा चुनाव हारने के बाद पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने यह शायरी बोलकर वापसी की हुंकार भरी थी। फिर हालात ने दतिया को उपचुनाव की दहलीज पर लाकर खड़ा कर दिया। ऐसे में नरोत्तम मिश्रा की उम्मीद जाग गई। उपचुनाव का ऐलान होते ही टिकट को लेकर आश्वस्त नरोत्तम मिश्रा चुनावी तैयारी में जुट गए। घर-घर दस्तक दी, लोगों की मान-मनौव्वल की और पिछली गलतियों के लिए खुलकर माफी मांगी। लेकिन जैसा कि भाजपा अक्सर करती है, दतिया उपचुनाव के उम्मीदवार की घोषणा में भी सबको चौंका दिया। नरोत्तम मिश्रा को नहीं, बल्कि आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बना दिया। ये हालात नरोत्तम के लिए कुछ इस गाने जैसे हो गए- दिल के अरमां आंसुओं में बह गए… मतलब, दतिया के दादा नरोत्तम मिश्रा की चुनावी दूल्हा बनने की फुल तैयारी थी, लेकिन उनकी अपनी पार्टी ने घोड़ी पर किसी और को चढ़ा दिया। किसी और के सिर पर सेहरा सजा दिया। अब लोग कह रहे हैं कि भाजपा को यूं ही पार्टी विद डिफरेंस नहीं कहा जाता। यहां कब कौन अर्श से फर्श पर और फर्श से अर्श पर पहुंच जाए, यह कहा नहीं जा सकता। जिसे मंत्री नहीं जानते वो प्रवक्ता बने
भाजपा के ‘पार्टी विद डिफरेंस’ होने की एक और बानगी भी देखिए। जिस कांग्रेस नेता राकेश यादव को मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पहचानने तक से इंकार कर दिया था, भाजपा ने न केवल उन्हें गले लगाया, बल्कि पार्टी का प्रदेश प्रवक्ता भी बना दिया। हुआ यूं कि कांग्रेस से नाराज राकेश यादव ने अपनी पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। जब मीडिया ने इस मामले को लेकर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से सवाल पूछा तो उन्होंने कह दिया- कौन हैं राकेश यादव? हम तो जानते नहीं। फिर अगले ही दिन राकेश यादव भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई और मौके पर ही उन्हें पार्टी का प्रदेश प्रवक्ता बनाने का ऐलान भी कर दिया। अब इस घटनाक्रम को लेकर लोग चटकारे लेकर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का वीडियो शेयर कर रहे हैं और कह रहे हैं कि भाजपा वाकई ‘पार्टी विद डिफरेंस’ है। फूल-मालाओं से लदे दिखे शिवराज
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान एक बार फिर फूल-मालाओं से लदे नजर आए। वे गंजबासौदा पहुंचे थे, जहां उनके समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया। यह स्थिति तब है, जब शिवराज कई मंचों से नेताओं के इस तरह के स्वागत से परहेज की बात कह चुके हैं। शिवराज सिंह ने एक कार्यक्रम में कहा था- हम कहीं जाते हैं तो फूल-मालाएं आती हैं, स्मृति-चिह्न आते हैं। लेकिन मैं व्यक्तिगत रूप से यह तय कर रहा हूं कि मैं स्मृति-चिह्न नहीं लूंगा। फूलों की मालाओं की भी जरूरत नहीं है। शिवराज ने यह भी कहा था कि नेता तो जनता के सेवक होते हैं। अब जब खुद शिवराज सिंह का ऐसा स्वागत हुआ तो लोग सवाल उठाने लगे। हालांकि, कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि यह तो उनके चाहने वालों का उत्साह है। इसमें शिवराज भला क्या करें? माला पहनकर वे उनका सम्मान ही कर रहे हैं। मीटिंग के दौरान शुगर टेस्ट कराया
रीवा संभाग के कमिश्नर शीलेंद्र सिंह की एक पहल इन दिनों जमकर चर्चा में है। दरअसल, उन्होंने हाल ही में पहले मैहर और फिर सतना में समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान ही उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का शुगर टेस्ट कराया। बताया गया कि बैठक के दौरान कई अधिकारी-कर्मचारी बार-बार टॉयलेट जा रहे थे। इस पर उन्होंने पूछ लिया- क्या आप शुगर के मरीज हैं? इसके बाद उन्होंने मौके पर ही मेडिकल टीम बुलाकर सभी की शुगर जांच कराई, जिसमें कई कर्मचारियों का शुगर स्तर बढ़ा हुआ पाया गया। अब लोग इसे कमिश्नर की अनोखी पहल मान रहे हैं, लेकिन असल में यह मोदी सरकार के उस मिशन का हिस्सा है, जिसके तहत 30 साल से अधिक उम्र के लोगों की शुगर जांच की जानी है। कमिश्नर ने अपनी बैठकों के दौरान इस जांच की शुरुआत करने की पहल की है। और अब अंदर की बात… चर्चा में मंत्रालय के 5वें फ्लोर का कमरा
राजधानी भोपाल स्थित मंत्रालय के पांचवें फ्लोर का एक कमरा इन दिनों बड़ी चर्चा में है। वजह यह है कि इस कमरे में कोई बैठना नहीं चाहता। यहां बैठने वाला कोई भी अधिकारी ज्यादा दिन टिक नहीं पाता। आलम यह है कि पिछले ढाई साल में ही यहां बैठने वाले पांच अधिकारियों का तबादला हो चुका है। फिलहाल, यह कमरा पिछले एक-डेढ़ महीने से खाली पड़ा है। चर्चा है कि यह सब वास्तु दोष के कारण हो रहा है। इनपुट सहयोग – विजय सिंह बघेल (भोपाल), संतोष शितोले (इंदौर), सौरभ बबेले (गंजबासौदा), प्रशांत द्विवेदी (सतना), जयदेव विश्वकर्मा (मैहर) ये भी पढ़ें –
सड़क के लिए सीएम से अड़े विधायक, कहा-बनाना तो पड़ेगी: विकास नहीं होने पर विधायक का छलका दर्द शाजापुर जिले के कालापीपल से भाजपा विधायक घनश्याम चंद्रवंशी सड़कों की मांग को लेकर मंच पर ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने अड़ गए। वे अपने क्षेत्र की 16 सड़कों की मांग वाला कागज लेकर आए थे। उन्होंने कहा कि जब तक ये सड़कें नहीं बन जातीं, तब तक वे जूते-चप्पल नहीं पहनेंगे। पूरी खबर पढ़ें

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