सिंगरौली में भैंस चोरी में शामिल होने के शक में तीन लोगों ने 14 साल के बच्चे को लाठी-डंडों से पीटा। दबंगों के डर से परिवार न तो उसे अस्पताल ले गया और न ही पुलिस में रिपोर्ट कराई। तबीयत ज्यादा बिगड़ी तो परिजन उसे हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान बच्चे की मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर शुक्रवार को पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। सभी फरार हैं। पुलिस के मुताबिक, करकोसा गांव के रहने वाले आसमान सिंह की एक भैंस 6 जुलाई को चोरी हो गई थी। पुलिस ने मोफाल अंसारी, सत्तार अली और नसीम को गिरफ्तार भी कर लिया था। इसी बीच आसमान सिंह और उसके परिवार को शक हुआ कि सरईडर गांव निवासी विनोद सिंह को इस चोरी की पूरी जानकारी थी। आरोपियों ने 7 जुलाई को विनोद को पकड़ लिया और उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। मौत के बाद पुलिस चौकी पहुंचे परिजन मारपीट से विनोद के सिर और दाहिनी कनपटी पर गंभीर चोटें आईं। डरे-सहमे घरवालों ने किसी को कुछ नहीं बताया। 8 जुलाई की रात विनोद की तबीयत बहुत ज्यादा बिगड़ गई। परिजन उसे लेकर अस्पताल पहुंचे। यहां इलाज के दौरान 9 जुलाई को विनोद की मौत हो गई। इसके बाद उसके परिजन सासन चौकी पहुंचे और रिपोर्ट दर्ज कराई। विनोद के परिजन ने कहा- आसमान सिंह आरोप लगा रहा था कि चोरों ने विनोद को 400 रुपए दिए थे। कहा था कि भैंस को खूंटे से छोड़कर थोड़ी दूर तक हांक देना है। इसी बात को लेकर आसमान सिंह और उसके भतीजों ने विनोद को पीटा। गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही पुलिस टीमें सासन चौकी प्रभारी संदीप नामदेव ने कहा- पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से साफ हुआ है कि सिर में गंभीर अंदरूनी चोट लगने और खून का थक्का जमने की वजह से विनोद की मौत हुई है। परिजन की शिकायत के आधार पर आसमान सिंह और उसके दो भतीजों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस की अलग-अलग टीमें उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही हैं। ये खबर भी पढ़ें… स्कूटर चोरी के शक में नाबालिग को बंधक बनाकर पीटा राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में स्कूटर चोरी के शक में 17 वर्षीय नाबालिग के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ लोगों ने उसके हाथ पीछे रस्सी से बांध दिए, शर्ट उतरवा दी और बेरहमी से पीटा। पुलिस ने नाबालिग की शिकायत पर केस दर्ज किया है। पढ़ें पूरी खबर…
