मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा विभागों से पदोन्नति की जानकारी तलब किए जाने के बाद उन विभागों में भी पदोन्नति की फाइलें तेजी से आगे बढ़ने लगी हैं, जहां पहले इस प्रक्रिया को लेकर अधिकारी गंभीर नहीं थे। मुख्यमंत्री के अधीन गृह विभाग के पुलिस महकमे में भी तैयारियां तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि जल्द ही पुलिस विभाग के 10 हजार से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों के प्रमोशन आदेश जारी हो सकते हैं। इनमें निरीक्षक से डीएसपी बनने वाले 410 अधिकारी भी शामिल हैं। इसके अलावा अन्य विभागों में भी पदोन्नति की प्रक्रिया तेज हो गई है। मध्यप्रदेश पुलिस में आरक्षक से प्रधान आरक्षक, प्रधान आरक्षक से सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई), एएसआई से उपनिरीक्षक (एसआई) और उपनिरीक्षक से निरीक्षक स्तर तक पदोन्नति की सूची तैयार की जा रही है। उच्च पद का प्रभार व्यवस्था समाप्त होने के बाद प्रदेशभर में करीब 10 हजार कर्मचारियों को लोक सेवा पदोन्नति नियम-2025 के तहत पदोन्नति मिलने की संभावना है। आरक्षक से एएसआई तक की पदोन्नति की प्रक्रिया जिला स्तर पर पूरी की जाएगी, जबकि इससे ऊपर के पदों पर पदोन्नति पुलिस मुख्यालय करेगा। होमगार्ड और एसएएफ में भी पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। वहीं, निरीक्षक से डीएसपी पद पर पदोन्नति के लिए गृह विभाग और लोक सेवा आयोग (पीएससी) के बीच बैठक के बाद आगे की कार्रवाई होगी। इसके लिए गृह विभाग अपने स्तर पर तैयारी कर रहा है। गौरतलब है कि 8 जुलाई को मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद मुख्यमंत्री सचिवालय ने सभी विभागों से पदोन्नति की अद्यतन जानकारी मांगी थी। इसके बाद विभागों में प्रक्रिया तेज हो गई। होमगार्ड ने दायर की केविएट होमगार्ड मुख्यालय ने पदोन्नति नीति-2025 के तहत होने वाली पदोन्नतियों को लेकर केविएट दायर की है। डायरेक्टर जनरल, होमगार्ड्स के निर्देश पर सभी डिवीजनल कमांडेंट को बताया गया है कि कुछ अधिकारी या कर्मचारी पदोन्नति के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सकते हैं। ऐसे मामलों में याचिका दायर करने से पहले उसकी प्रति डायरेक्टर जनरल, होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा मुख्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। जल संसाधन, पीडब्ल्यूडी, नगरीय विकास और पीएचई विभाग भी सक्रिय नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने सभी नगर निगम आयुक्तों, मुख्य नगर पालिका अधिकारियों (सीएमओ) और नगर परिषदों को पदोन्नति प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश जारी किए हैं। कई जिलों में वरिष्ठता सूची तैयार करने का काम भी पूरा हो चुका है। विभाग ने पदोन्नति के लिए अलग-अलग विभागीय पदोन्नति समितियां (डीपीसी) गठित की हैं, जो वरिष्ठता सूची और पदोन्नति नियमों के आधार पर अंतिम सूची तैयार करेंगी। उधर, जल संसाधन विभाग में अधीक्षण यंत्रियों को मुख्य अभियंता पद पर पदोन्नत करने की सूची तैयार की जा रही है। इसके अलावा कार्यपालन यंत्री, सहायक यंत्री और उपयंत्री स्तर पर भी वरिष्ठता सूची तैयार की जा रही है। इसी तरह लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) में भी पदोन्नति की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
