मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। विधायक का प्रण- सड़कें बनेंगी, तभी जूते-चप्पल पहनूंगा शाजापुर जिले के कालापीपल से भाजपा विधायक घनश्याम चंद्रवंशी सड़कों की मांग को लेकर मंच पर ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने अड़ गए। वे अपने क्षेत्र की 16 सड़कों की मांग वाला कागज लेकर आए थे। उन्होंने कहा कि जब तक ये सड़कें नहीं बन जातीं, तब तक वे जूते-चप्पल नहीं पहनेंगे। विधायक ने मंच से सड़कों की बदहाली भी बयां की। उन्होंने कहा कि उनके क्षेत्र में 15-20 साल से सड़कों की हालत खराब है, जिससे किसान, स्कूल आने-जाने वाले छात्र-छात्राएं और आमजन परेशान हैं। विधायक चंद्रवंशी ने मुख्यमंत्री से यहां तक कह दिया कि ये सड़कें आपको बनवाना ही पड़ेंगी। आप कुछ भी कहें। आप मुझे बाद में डांट भी लेना, लेकिन ये काम करना है। इधर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने ही विधायक के इस रवैये से थोड़े असहज नजर आए। उन्होंने विधायक को भाषण के बीच में ही टोक दिया। हालांकि, मामला भरे मंच पर हुआ, इसलिए मुख्यमंत्री ने भी उनकी मांगें मंजूर करने की घोषणा कर दी। अब लोग कह रहे हैं कि जनता की नजरों में हीरो बनने के चक्कर में विधायक ने अपनी ही सरकार की किरकिरी करा दी। मंच पर मुख्यमंत्री के सामने अपनी ही सरकार के सिस्टम की पोल खोलकर रख दी। विधायक संजय पाठक बोले- पीछे रह गया मेरा कटनी भाजपा विधायक संजय पाठक ने एक कार्यक्रम के दौरान अपनी ही सरकार के सिस्टम पर सवाल उठाए। उन्होंने कटनी का विकास नहीं होने को लेकर नाराजगी जताई। कहा कि आज भी कटनी का अपेक्षित विकास नहीं हो पाया है, जबकि आसपास के कई जिले विकास की दौड़ में आगे निकल गए हैं। संजय पाठक ने कहा कि कटनी से छोटे शहर भी लगातार आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि रीवा महानगर की ओर बढ़ गया, शहडोल, दमोह और सतना का विकास हुआ। मंडला, डिंडौरी और सिवनी जैसे जिले भी आगे निकल गए। हालांकि, विधायक ने यह भी कहा कि यहां जितने भी विकास कार्य हुए हैं, ये सभी भाजपा के शासन काल में हुए, लेकिन उतने नहीं हुए, जितने होने चाहिए थे। कटनी को आज भी विकास की दरकार है। विधायक के इस बयान के बाद राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि कटनी की राजनीति में वर्षों से संजय पाठक और उनके परिवार का प्रभाव रहा है। ऐसे में यदि जिला विकास की दौड़ में पीछे रह गया है तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी मानी जाए? 19 गाड़ियों के काफिले के साथ निकले नितिन गडकरी केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के रतलाम दौरे का एक वीडियो चर्चा में है। इसमें वे करीब 19 गाड़ियों के काफिले के साथ गुजरते नजर आ रहे हैं। नितिन गडकरी दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे का जायजा लेने रतलाम पहुंचे थे। इसी दौरान उनके लंबे काफिले ने लोगों का ध्यान खींचा। अब लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल और डीजल की बचत संबंधी अपील का जिक्र करते हुए सवाल उठा रहे हैं कि जब आम लोगों से ईंधन बचाने की अपील की जाती है, तब जनप्रतिनिधियों और वीआईपी दौरों में इतने बड़े काफिलों की जरूरत क्यों पड़ती है? हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि काफिले में शामिल सभी वाहन केंद्रीय मंत्री के आधिकारिक काफिले का हिस्सा थे या सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था के तहत लगाए गए थे। और अब अंदर की बात… इंजीनियर को दिया अनाज के हिसाब-किताब का काम मध्य प्रदेश में एक असिस्टेंट इंजीनियर के ऐसे जलवे हैं कि वो जहां चाहें, वहां प्रतिनियुक्ति पर अपनी पोस्टिंग करा लेते हैं। अब इन्हें महाकौशल के उस जिले में भेजने की तैयारी है, जहां ये पहले भी इसी पद पर रह चुके हैं। साहब अब स्टेट सिविल सप्लाई कॉर्पोरेशन के जिला प्रबंधक का काम देखेंगे। इन्हें प्रतिनियुक्ति पर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष की सिफारिश से भेजा जा रहा है। दरअसल, ये इंजीनियर मप्र विधानसभा में पदस्थ हैं, लेकिन इन्होंने कभी विधानसभा में काम ही नहीं किया। इससे पहले ये नगरीय प्रशासन विभाग में प्रतिनियुक्ति पर थे और स्मार्ट सिटी का काम भी देख चुके हैं। बताया जाता है कि लक्ष्मी की कृपा से इनका हर काम बन जाता है। इनपुट सहयोग – मोहित राठौर (शाजापुर), पुरुषोत्तम परवानी (शुजालपुर), मोहम्मद एजाज (कटनी), केके शर्मा (रतलाम) यह भी पढ़ें –
भाजपा विधायक ने धमकाया- ‘लाड़ली बहना’ बंद करना है क्या: सांसद बोले- तो भगवान राम हाथ तोड़ देंगे मध्य प्रदेश में ‘लाड़ली बहना’ योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये क्या मिल रहे हैं, सत्ताधारी दल के कुछ नेता इस योजना के नाम पर उन्हें कभी धमकाने, कभी बेइज्जत करने तो कभी भावनात्मक दबाव बनाने से भी नहीं चूक रहे हैं। अब भाजपा विधायक मीना सिंह ने धमकाने के अंदाज में कहा कि ‘लाड़ली बहना’ बंद कराना है क्या? पूरी खबर पढ़ें
