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2018 में बजी थी नरोत्तम के लिए खतरे की घंटी:11 हजार की लीड घटकर 2656 पर आ गई थी, भारती चार दल बदल चुके

दतिया विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को मतदान होना है। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही दलों ने अब तक उम्मीदवारों के नामों का ऐलान नहीं किया है। बीजेपी की ओर से पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का नाम लगभग तय माना जा रहा है। दतिया विधानसभा में पिछले आठ चुनावों का परिणाम बताता है कि 2018 में ही डॉ. नरोत्तम मिश्रा के लिए खतरे की घंटी बज चुकी थी। लगातार मजबूत पकड़ रखने वाले नरोत्तम उस चुनाव में कांग्रेस के राजेंद्र भारती को महज 2,656 वोट से हरा पाए थे। पांच साल बाद 2023 में यही मुकाबला पलट गया और राजेंद्र भारती ने 7,742 वोटों से नरोत्तम मिश्रा को हरा दिया। अब नरोत्तम अपने सार्वजनिक कार्यक्रमों में कार्यकर्ताओं और मतदाताओं से “गलतियों” के लिए माफी मांग रहे हैं, जबकि कांग्रेस इसे उनकी राजनीतिक स्वीकारोक्ति बता रही है। दतिया विधानसभा के चुनावी आंकड़े भी इसी बदलते ट्रेंड की कहानी कहते हैं। जब बेटिकट हुए भारती तभी बागी होकर लड़े राजेन्द्र भारती के पिता श्याम सुंदर श्याम दतिया से चार बार विधायक रहे। 1985 में राजेंद्र भारती ने पहला विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। इसके बाद 1990 में दूसरी बार कांग्रेस से विधायक बने। 1993 में कांग्रेस ने घनश्याम सिंह को उतारा और वे दतिया से जीत गए। 1998 के चुनाव में कांग्रेस ने चंदन सिंह को टिकट दिया तो राजेंद्र भारती बागी होकर समाजवादी पार्टी से चुनाव लड़े और उन्होंने जीत दर्ज की। 2003 में घनश्याम सिंह जीते 2003 में कांग्रेस ने फिर घनश्याम सिंह को टिकट दिया तो राजेंद्र भारती एनसीपी से चुनाव लड़ गए, लेकिन उन्हें हार मिली और घनश्याम सिंह फिर चुनाव जीत गए। 2008 में कांग्रेस ने घनश्याम सिंह को फिर प्रत्याशी बनाया तो राजेंद्र भारती बसपा से चुनाव लड़े। इस चुनाव में बीजेपी के नरोत्तम मिश्रा जीत गए। 2013 में राजेंद्र भारती ने कांग्रेस में वापसी कर चुनाव लड़ा। उन्हें लगातार दो चुनावों 2013 और 2018 में हार का सामना करना पड़ा। 2023 में वे नरोत्तम मिश्रा को चुनाव हराकर विधानसभा पहुंचे। ये खबर भी पढ़ें… दतिया उपचुनाव- प्रत्याशी घोषित नहीं, प्रचार शुरू मध्य प्रदेश के दतिया में हो रहे उपचुनाव का प्रत्याशी अभी किसी दल ने घोषित नहीं किया है, लेकिन चुनावी लड़ाई सड़कों पर उतर चुकी है। कहीं सभाएं हो रही हैं तो कहीं घर-घर दस्तक देकर वोट मांगे जा रहे हैं। भाजपा की ओर से पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा सबसे ज्यादा सक्रिय नजर आ रहे हैं।पूरी खबर पढ़ें

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