विदिशा के लटेरी उपजेल में हत्या के मामले में न्यायिक अभिरक्षा में बंद 46 वर्षीय बंदी राजू वाल्मीकि की गुरुवार को तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया था, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने रास्ते में दम तोड़ दिया। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मौत के कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। इसमें सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कैदी को जिंदा दिखाने की कोशिश में जेल सिपाही लाश को हथकड़ी लगाकर अस्पताल पहुंचे। पहले वह लटेरी सिविल अस्पताल पहुंचे, उसके बाद वहां से 80 किलोमीटर दूर विदिशा जिला अस्पताल लेकर दौड़ते रहे। इतना ही नहीं मौत के 5 घंटे बाद तक परिजन को जेल प्रबंधन, पुलिस या अस्पताल से कोई सूचना नहीं दी गई। चार महीने से उपजेल में बंद था
जानकारी के अनुसार, राजू वाल्मीकि सिरोंज थाना क्षेत्र के ग्राम बागरोदा का निवासी था। वह पिछले करीब चार महीने से हत्या के एक मामले में लटेरी उपजेल में बंद था और उसका मामला कोर्ट में विचाराधीन है। बताया गया है कि पिछले तीन-चार दिनों से उसकी तबीयत खराब चल रही थी। इस दौरान उसे लटेरी अस्पताल में भी भर्ती कराया गया था, जहां उसे उल्टियां होने की शिकायत थी। स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने पर लटेरी अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए विदिशा जिला अस्पताल रेफर कर दिया। हालांकि, विदिशा लाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। बेटा बोला- पड़ोस के सरपंच ने मौत की खबर दी
राजू के बेटे आकाश ने कहा जेल प्रशासन के पास हमारे पूरे परिवार का रिकॉर्ड है। हम हर सोमवार पिताजी से मिलने जाते थे। तबीयत खराब होने पर 30 जून को भी मिलने गए थे। मुलाकात से पहले हमारा नाम, मोबाइल नंबर, रिश्ता और पता सब रजिस्टर में एंट्री की जाती थी। हमें तो दूसरी पंचायत के सरपंच से खबर मिली। मौत के 5 घंटे बीत जाने के बाद भी हम जिला अस्पताल के बाहर जेल प्रशासन की सूचना का इंतजार करते रहे। मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट नहीं
जिला अस्पताल के डॉक्टर गौरव रघुवंशी ने बताया कि बंदी के साथ आए स्टाफ ने उसे उल्टी होने की जानकारी दी थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट नहीं है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वजह सामने आ सकेगी।
