कोतवाली थाना क्षेत्र के सांवगा गांव में गुरुवार को दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। युवक दीपक धुर्वे ने लोहे की रॉड और डंडे से पिता हंसू धुर्वे (55), मां कमलती धुर्वे (45) और भाई दिलीप धुर्वे (23) की पीट-पीटकर हत्या कर दी। घर में मौजूद एक बिल्ली को भी मार डाला। मेहमान बनकर आए 4 वर्षीय भांजे की हत्या की कोशिश की, लेकिन वह कपड़ों के पीछे छिप गया, जिससे उसकी जान बच गई। दोपहर में गांव के युवक अर्जुन ने घर बंद देख खिड़की से झांका तो तीनों शव पड़े थे और दीपक पास बैठा था। सूचना पर खेड़ी चौकी पुलिस पहुंची। ग्रामीणों की मौजूदगी में दरवाजा तोड़ा गया। फर्श और दीवारों पर खून के छींटे थे। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर घटनास्थल से रॉड और डंडा जब्त किया। फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए। थाना प्रभारी देवकरण डहेरिया ने बताया कि आरोपी पिछले चार-पांच वर्षों से मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया जा रहा है। मेडिकल जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। मामले की विस्तृत जांच जारी है। 12वीं में स्कूल टॉपर था आरोपी पुलिस के अनुसार दीपक धुर्वे (25) ने पिता हंसू धुर्वे (55), मां कमलती धुर्वे (40) और भाई दिलीप धुर्वे (23) की हत्या कर दी। वहीं आरोपी ने मेहमानी आए अपने 4 वर्षीय भांजे प्रशांत परते पर भी हमला किया, जो घायल है। मौके पर एक बिल्ली का शव भी मिला है, जिससे आशंका है कि उसे भी मार दिया। परिजनों ने बताया कि दीपक 12वीं कक्षा का स्कूल का टॉपर रहा है। 15 घंटे तक कोने में छिपा रहा भांजा आरोपी ने माता-पिता और भाई की हत्या करने के बाद 4 साल के भांजे प्रशांत की भी हत्या करने की कोशिश की। लेकिन मासूम भाग कर घर कोने में कपड़ा ढककर छिप गया। करीब 15 घंटे बाद पुलिस पहुंची। इसके बाद मासूम को बाहर निकाला। पुलिस ने जब उसे पकड़ा तो गुस्सा दिखाने लगा। बाद में पूछा कि इन्हें कैसे मारा तो बोला मैने मार दिया है, पर कैसे मारा पता नहीं। चयन नहीं होने पर मानसिक स्थिति बिगड़ी ग्रामीणों ने बताया आरोपी दीपक धुर्वे सीआरपीएफ में जाना चाहता था। वह इसके लिए तैयारी कर रहा था। लेकिन चयन नहीं होने पर उसकी मानसिक स्थिति बिगड़ गई थी। परिवार वाले उसका नागपुर में इलाज भी करा रहे थे। पुलिस को घटना स्थल पर मिले साक्ष्य के अनुसार बुधवार रात उसकी मानसिक स्थिति अधिक बिगड़ने पर आरोपी ने घर का सारा सामान और अनाज बिखेर दिया। वहीं रोकने पर प्रयास करने पर माता-पिता और भाई की लोहे की रॉड और डंडा से पिटाई कर दी। जिससे उनकी मौत हो गई।
