मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा को मिला कथावाचक का आशीर्वाद
भोपाल में इन दिनों कथावाचक पंडित देवकीनंदन ठाकुर की कथा चल रही है। पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा भी कथा में पहुंचे और कथावाचक से आशीर्वाद लिया। इस दौरान पंडित देवकीनंदन ठाकुर ने व्यासपीठ से नरोत्तम मिश्रा की जमकर तारीफ की। उन्हें सनातन धर्म का सेवक और भगवान का भक्त बताया। देवकीनंदन ठाकुर ने मजाकिया लहजे में शिकायत करते हुए कहा कि इन्होंने डबरा में बहुत सुंदर नवग्रह मंदिर बनवाया, मुझे भी बुलाया था, लेकिन मेरी कथा नहीं कराई। इस पर नरोत्तम मिश्रा हाथ जोड़कर मुस्कुराने लगे। वहीं, कथा में मौजूद लोगों के चेहरों पर भी मुस्कान आ गई। अब लोग कह रहे हैं कि उपचुनाव की दहलीज पर खड़े नरोत्तम मिश्रा को खास आशीर्वाद मिल गया। उन पर पक्का सनातनी होने की मुहर भी लग गई। नेता जी को भला और क्या चाहिए। बता दें कि दतिया में जल्द ही उपचुनाव होने की संभावना जताई जा रही है। इस चुनाव में भाजपा से नरोत्तम मिश्रा का टिकट लगभग तय माना जा रहा है। एबीवीपी नेता ने दे डाली कलेक्टर के ट्रांसफर की चुनौती
शिवपुरी में छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के विभाग संगठन मंत्री देशराज नरोलिया ने कलेक्टर को ही चुनौती दे डाली। कहा कि कलेक्टर का ट्रांसफर करवा दूंगा। हुआ यूं कि अपनी कुछ मांगों को लेकर एबीवीपी कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। लेकिन कई घंटे बीत जाने के बाद भी कलेक्टर उनकी बात सुनने के लिए मौके पर नहीं पहुंचे। इस पर एबीवीपी नेता ने नाराजगी जताई। जब प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं की बात सुनने के लिए तहसीलदार पहुंचे, तो देशराज नरोलिया ने उनसे सख्त लहजे में कहा- हम संगठन के लोग हैं और कलेक्टर के पास हमसे मिलने का समय नहीं है। अगर चाहूं तो तुरंत कलेक्टर का ट्रांसफर करवा दूंगा। अब लोग कह रहे हैं कि यह तो वही बात हो गई- जब सैया भये कोतवाल, तो डर काहे का.. शायद यही वजह रही कि तहसीलदार भी उनकी बात चुपचाप सुनते रहे। पति-पत्नी के विवाद में उलझी पुलिस, जमकर हुई मारपीट
बैतूल के मुलताई में पति-पत्नी का विवाद सुलझाने पहुंची पुलिस खुद ही उनसे उलझ गई। मामला इतना बढ़ गया कि बात हाथापाई तक पहुंच गई। दरअसल, एक गांव में पति-पत्नी के बीच विवाद हो गया था। इस पर पत्नी ने फोन कर पुलिस बुला ली। पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और दोनों को समझाने की कोशिश करने लगी। इसी दौरान किसी बात पर माहौल बिगड़ गया। पहले कहासुनी हुई, फिर धक्का-मुक्की और उसके बाद मारपीट शुरू हो गई। इधर, पति को पिटता देख उसकी शिकायत करने वाली पत्नी ही उसके बचाव में उतर आई। इस झड़प में पुलिसकर्मी और महिला का पति, दोनों घायल हो गए। अब इस मामले को लेकर लोग चुटकी ले रहे हैं कि आखिर पति-पत्नी के झगड़े का गणित भी बड़ा निराला होता है। आपस में चाहे जितनी तकरार हो जाए, लेकिन जब कोई तीसरा बीच में हाथ उठाए, तो अक्सर मोर्चा एकजुट होकर उसी के खिलाफ खुल जाता है। अंदर की बात..
राज्यसभा जाना चाहते थे, मंत्री जी को नहीं मिली सफलता
मध्य प्रदेश से राज्यसभा जाने के लिए भाजपा खेमे से एक कद्दावर मंत्री भी जुगाड़ में लगे थे, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। उनका प्लान कुछ-कुछ पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ की चर्चित संभावित रणनीति जैसा था। सुना है कि यदि कमलनाथ राज्यसभा चले जाते, तो अपनी विधानसभा सीट पर बेटे को विधायक बनाकर उसका राजनीतिक उद्धार करते। वहीं, इन मंत्री महोदय की योजना अपने भाई का राजनीतिक उद्धार करने की बताई जा रही थी। बता दें कि ये मंत्री मालवा क्षेत्र से नहीं हैं। कानाफूसी यह भी है कि उनका मन अब मध्य प्रदेश की राजनीति में पहले जैसा नहीं लग रहा। शायद यही वजह है कि उनकी नजर राज्यसभा के रास्ते पर टिकी हुई थी। लेकिन वे इस पर आगे बढ़ नहीं पाए। इनपुट सहयोग – विजय सिंह बघेल (भोपाल), कपिल मिश्रा (शिवपुरी), राकेश अग्रवाल (मुलताई) ये भी पढ़ें –
शिवराज को आया गुस्सा, कहा-जनता मूर्ख थोड़ी है: ‘लाड़ली-बहना’ पर बोले विधायक-पहले भिखारियों की तरह पैसे मांगती थी केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान एक कार्यक्रम के दौरान मंच पर ही नाराज हो गए। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कार्यक्रम के संचालक को टोकते हुए लोगों को बार-बार खड़ा करवाने पर आपत्ति जताई। शिवराज सिंह रायसेन जिले के सिलवानी में आयोजित जनकल्याण शिविर में पहुंचे थे। पूरी खबर पढ़ें
