बैतूल में रविवार को स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह एक पार्टी कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों की पात्रता परीक्षा (टीईटी), ई-अटेंडेंस व्यवस्था और परिवहन विभाग के इंटीग्रेटेड चेक पोस्टों को लेकर सरकार का पक्ष रखा। टीईटी पर बोले- सुप्रीम कोर्ट के फैसले का करेंगे पालन शिक्षकों की पात्रता परीक्षा (टीईटी) को लेकर मंत्री ने कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। कोर्ट जो भी निर्देश देगा, सरकार उसका पालन करेगी। विभाग इसके लिए तैयारी कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि पूरी प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से पूरी हो। अभी कोर्ट का अंतिम फैसला नहीं आया है। मंत्री ने कहा कि शिक्षकों की मुख्य चिंता यह है कि जिस मापदंड के आधार पर उनकी नियुक्ति हुई थी, अब नए मापदंड क्यों लागू किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार इस मामले में सबसे पहले सुप्रीम कोर्ट गई थी। सॉलिसिटर जनरल के माध्यम से कोर्ट को बताया गया है कि शिक्षकों का चयन तत्कालीन नियमों के अनुसार हुआ था। इसके बावजूद यदि कोर्ट परीक्षा कराने का निर्देश देता है तो सरकार उसका पालन करेगी। ई-अटेंडेंस पर सख्त रुख ई-अटेंडेंस को लेकर मंत्री ने कहा कि सभी शिक्षकों को तय समय पर स्कूल पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज करनी होगी। उन्होंने कहा कि सुबह स्कूल आना और शाम तक अपनी जिम्मेदारी निभाना सभी के लिए अनिवार्य है। ई-अटेंडेंस का पालन भी ईमानदारी से करना होगा। उन्होंने बताया कि करीब 98 प्रतिशत अतिथि शिक्षक और 90 प्रतिशत नियमित शिक्षक ई-अटेंडेंस दर्ज कर रहे हैं। कुछ लोगों की वजह से पूरी व्यवस्था नहीं रोकी जा सकती। नेटवर्क वाले क्षेत्रों में मिलेगी राहत मंत्री ने कहा कि उपस्थिति मोबाइल या अन्य स्वीकृत माध्यम से दर्ज करना अनिवार्य है। जिन क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या है, वहां छूट दी जा रही है। महिलाओं, बीमारी की स्थिति और मातृत्व अवकाश पर रहने वाली महिला अतिथि शिक्षकों को भी आवश्यक राहत दी गई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के करीब एक हजार गांवों में नेटवर्क की समस्या है। ऐसे लगभग 7 से 8 प्रतिशत शिक्षकों को राहत दी जा रही है। सरकार का उद्देश्य विसंगतियों को दूर कर शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना है। इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट फिर शुरू हो सकते हैं परिवहन विभाग के इंटीग्रेटेड चेक पोस्टों को लेकर मंत्री ने कहा कि भविष्य में इन्हें फिर से शुरू किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद सरकार ने रिव्यू पिटिशन दायर की है। मंत्री ने कहा कि सरकार इस पर अध्ययन कर रही है कि जिन चेक पोस्टों पर पहले से बड़ा निवेश हुआ है, वहां परिवहन, खनिज, कृषि और वाणिज्य विभागों का संयुक्त अमला तैनात कर उन्हें डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाए। यदि यह व्यवस्था पारदर्शी और प्रभावी साबित होती है तो इसे लागू करने पर विचार किया जाएगा।
