मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। विधायक के बाद ‘सांसद लापता’ के पोस्टर
छिंदवाड़ा की राजनीति में इन दिनों पोस्टर वार एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। इस बार निशाने पर हैं छिंदवाड़ा के भाजपा सांसद विवेक बंटी साहू। एक गांव में उनके ‘लापता’ होने के पोस्टर लगाए गए हैं। लोगों का आरोप है कि चुनाव से पहले तो वे कई बार यहां आए, लेकिन चुनाव जीतने के बाद जनता से दूरी बना ली। जबकि क्षेत्र के लोग और किसान कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। वैसे सांसद विवेक बंटी साहू इन दिनों छिंदवाड़ा से मैहर तक पदयात्रा पर हैं। वे माता की भक्ति में लीन हैं। दिलचस्प बात यह है कि इससे पहले छिंदवाड़ा विधायक कमलनाथ के लिए भी इसी तरह के ‘लापता’ पोस्टर लगाए जा चुके हैं। मतलब ‘विधायक लापता’ के जवाब में ‘सांसद लापता’ के पोस्टर लगे हैं। बेशक, यह पोस्टरबाजी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा हो सकती है, लेकिन, अगर ये वाकई जनता का गुस्सा है तो फिर जनता की अनदेखी नेताओं को भारी पड़ सकती है। कांग्रेस विधायक ने अधिकारी को कहा टपोरी
रीवा के सेमरिया से कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा ने जिला पंचायत सीईओ मेहताब सिंह गुर्जर की कुत्ते से तुलना कर दी। इतना ही नहीं, उन्हें छोटी सोच वाला और टपोरी टाइप आदमी भी बता दिया। विधायक ने अधिकारी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि ये यहां पैसे कमाने आया है। जैसे टॉमी हर प्लेट में मुंह मारता है, वैसे ही यहां सीईओ भी कुछ ऐसा ही काम कर रहा है। विधायक ने कहा कि वे मुख्यमंत्री से शिकायत करेंगे कि यहां कैसी छोटी सोच वाले और टपोरी टाइप आदमी को बैठा दिया गया है। विधायक ने यह भी कहा कि एक मछली पूरे तालाब को गंदा कर रही है। इस पूरे मामले के बाद चर्चा हो रही है कि आखिर विधायक को जिला पंचायत सीईओ पर इतना गुस्सा क्यों आ रहा है। लगता है कि उनकी अधिकारी से पटरी नहीं बैठ रही है। अब खरी बात ये है कि नेताओं का अफसरों पर बरसना कोई नई बात नहीं है। कई बार जनप्रतिनिधियों का गुस्सा जायज भी हो सकता है, लेकिन शब्दों की मर्यादा का ध्यान तो सभी को रखना ही चाहिए। विधायक ने बयां की हेल्थ सिस्टम की बदहाली
एमपी में अब भाजपा विधायक ही अपनी सरकार के सिस्टम की पोल खोल रहे हैं। पन्ना के गुन्नौर से विधायक राजेश कुमार वर्मा ने एक कार्यक्रम के मंच से खुलेआम कहा कि उनके क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बेहद जटिल और दिक्कतों भरी है। उन्होंने यह भी कहा कि हमारी सरकार स्वास्थ्य सुविधाएं तो दे रही है, लेकिन वे पूरी तरह पर्याप्त नहीं हैं। इसके बाद उन्होंने एक निजी कंपनी के सर्वोच्च अधिकारी से गुहार लगाई कि अगर वे इस क्षेत्र में बेहतर अस्पताल और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करा दें, तो पूरा क्षेत्र उनका ऋणी रहेगा। अब विधायक के इस बयान के बाद राजनीति गर्मा गई है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या सरकार अपनी जिम्मेदारी भूल गई है, जो अब निजी कंपनी के सामने हाथ फैलाने पड़ रहे हैं। क्या सरकार में उनके अपने ही विधायक की सुनवाई नहीं हो रही है? भाजपा विधायक ने अपनी ही सरकार के हेल्थ सिस्टम की बदहाली ऐसे समय बयां की है, जब मध्य प्रदेश में भाजपा की डबल इंजन वाली सरकार है। वैसे, इस बयान के बाद भाजपा सरकार विपक्ष के निशाने पर भी आ गई है। और अब अंदर की बात.. नहीं करा सके महिला अधिकारी का ट्रांसफर
मंत्रालय में पदस्थ सचिव स्तर की एक महिला अधिकारी को हटाने की कोशिश में जुटे कुछ सीनियर अधिकारियों को फिर मुंह की खानी पड़ी। क्योंकि हाल ही में जारी तबादला सूची में इस अधिकारी का नाम नहीं आया, जबकि सीनियर्स इनके ट्रांसफर के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे थे। दरअसल, महिला अधिकारी की छवि सख्त है। वह सरकार की भरोसेमंद हैं, जो सीनियर्स की एलर्जी का कारण है। इसलिए वे इन्हें हटाने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे। हर स्तर पर कोशिश कर चुके हैं। अपने संपर्कों का इस्तेमाल भी कर चुके हैं। लेकिन अब तक महिला अधिकारी को कुर्सी से हिला नहीं सके। जबकि दो ऐसे मौके भी आए, जब फील्ड में उनके लेवल के पद खाली थे। इसके बावजूद वरिष्ठ अधिकारी उनका तबादला कराने में सफल नहीं हो सके और इस बार फिर उनके मंसूबों पर पानी फिर गया। इनपुट सहयोग – देवेंद्र ठाकुर (छिंदवाड़ा), अभिलाष मिश्रा (रीवा), इदरीश मोहम्मद (पन्ना) ये भी पढ़ें –
दिग्विजय ने लगाया पोस्टर- चंदा चोर मेरे घर न आएं: फिर मार्केट में आई नरोत्तम की पुरानी शायरी दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव के ऐलान के साथ ही पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का वह शायराना बयान फिर चर्चा में आ गया, जिसमें उन्होंने कहा था- ‘समुद्र का पानी उतरता देख किनारे पर घर मत बना लेना… मैं लौटकर आऊंगा, ये वादा है।’ वैसे उनकी उम्मीदवारी के सवाल पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि ये कहना अभी जल्दबाजी होगी। पूरी खबर पढ़ें
