मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में बिजली कंपनी के एक जूनियर इंजीनियर (जेई) सुबोध कुमार के घर 2 जुलाई को हाईवोल्टेज ड्रामा हुआ। सड़क पर हंगामा, मारपीट और पुलिस की एंट्री। मामला थाने पहुंचने के बाद दोनों पक्ष पहली बार बात करने को राजी हुए। महिला का आरोप है कि शादीशुदा होने के बाद भी सुबोध ने कुंवारा बताकर लव मैरिज की। अब तीसरी महिला के साथ रह रहे हैं। वहीं, जेई का कहना है कि महिला पहले से शादीशुदा है और कई साल से उन्हें ब्लैकमेल कर लाखों रुपए ऐंठने की कोशिश कर रही है। दोनों के आरोपों के बीच अब पुलिस जांच और कोर्ट की सुनवाई पर सबकी नजर है। जेई और खुद को उनकी पत्नी बताने वाली महिला ने पहली बार खुलकर बात की और अपना पक्ष रखा। पढ़िए रिपोर्ट… देखें विवाद की 3 तस्वीरें…. जेई के घर हाईवोल्टेज ड्रामा
राजगढ़ के जीरापुर स्थित मूंदड़ा कॉलोनी में जेई सुबोध कुमार के घर 2 जुलाई को एक महिला अपने परिचित के साथ पहुंची। उसने खुद को जेई की पत्नी बताते हुए भरण-पोषण और दूसरी महिला के साथ रहने पर सवाल उठाए। इसी दौरान घर में मौजूद तीसरी महिला को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते हाथापाई और सड़क पर हंगामा होने लगा। सूचना पर डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाने ले गई। दोनों ने बाद में एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाते हुए आवेदन दिए। 6 साल पहले मिले, फिर शादी की
डबरा (ग्वालियर) के गुप्तापुरा की रहने वाली लालो गिरी (39) ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 में सुबोध कुमार से उसकी मुलाकात हुई थी। बातचीत बढ़ी तो दोस्ती प्यार में बदल गई। उस समय सुबोध ने खुद को अविवाहित बताया था। भरोसा होने के बाद हमने स्टाम्प पर लिखा-पढ़ी कर शादी कर ली। इसके बाद करीब तीन साल तक पति-पत्नी की तरह साथ रहे। शादी के बाद मुझे धीरे-धीरे पता चला कि सुबोध पहले से शादीशुदा हैं और उनकी पहली पत्नी उनके माता-पिता के साथ रहती है। तीसरी महिला के साथ रह रहे, पता चला तो देखने आई लालो का आरोप है कि कोर्ट में मामला चलने के बावजूद सुबोध न तो भरण-पोषण की राशि दे रहे हैं और न ही जिम्मेदारी निभा रहे हैं। करीब 10 दिन पहले मुझे जानकारी मिली थी कि जीरापुर में सुबोध एक दूसरी महिला के साथ रह रहे हैं। मुझे लगा कि मेरे साथ एक बार फिर धोखा हुआ है। इसी वजह से मैं अपने एक परिचित युवक के साथ सीधे जीरापुर पहुंच गई। वहां पहुंचते ही घर के बाहर ही सुबोध मिल गए। उसने भरण-पोषण और दूसरी महिला के बारे में सवाल पूछे तो दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। कुछ ही देर बाद घर के अंदर से दूसरी महिला बाहर आई और विवाद तेज हो गया। आरोप है कि उसके साथ आए युवक के साथ मारपीट की गई। सड़क पर काफी देर तक हंगामा चलता रहा और लोगों की भीड़ जमा हो गई। बाद में डायल-112 पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले गई। जेई बोले- मैंने शादी नहीं की, पैसे के लिए पीछा करती है
जेई सुबोध कुमार ने महिला के आरोपों को पूरी तरह झूठा बताया। उन्होंने फोन पर बातचीत में कहा कि लालो गिरी पहले से शादीशुदा है। उसका पति दशरथ गिरी है, जो चिनोर में रहता है। उसके दो बच्चे भी हैं और दोनों का अभी तक तलाक भी नहीं हुआ है। ऐसे में उससे शादी करने का सवाल ही नहीं उठता। उमैंने कभी कोर्ट मैरिज नहीं की और न ही उसे पत्नी के रूप में स्वीकार किया है। ‘कोर्ट में समझौते के नाम पर 10 लाख मांगे’
जेई ने दावा किया कि महिला के साथ आने वाला युवक पहले भी डबरा कोर्ट में मुझसे मिला था। उसने कहा था कि यदि 8 से 10 लाख रुपए दे दिए जाएं तो पूरा मामला खत्म करा देगा। मैंने पैसे देने से इनकार कर दिया, क्योंकि मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बाद से लगातार मुझ पर दबाव बनाया जा रहा है। सुबोध ने कहा कि मेरी जहां-जहां पोस्टिंग हुई, महिला वहां-वहां पहुंच गई। पहले मुरैना, फिर कुरावर और अब जीरापुर में भी वही घटनाक्रम दोहराया गया। यह पूरा विवाद मुझे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर पैसे वसूलने की कोशिश का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों से मैं मानसिक तनाव में हूं। न ठीक से खाना खाया है और न ही कार्यालय जा पाया हूं। यदि महिला के आरोपों में सच्चाई है तो निष्पक्ष जांच कराई जाए, लेकिन यदि आरोप झूठे साबित होते हैं तो कानून के मुताबिक कार्रवाई भी होनी चाहिए। अब दो दावों के बीच उलझी जांच
इस पूरे घटनाक्रम में एक तरफ महिला खुद को जेई की दूसरी पत्नी बताते हुए धोखे, भरण-पोषण नहीं मिलने और तीसरी महिला के साथ रहने का आरोप लगा रही है। वहीं, दूसरी तरफ जेई महिला को पहले से शादीशुदा बताते हुए ब्लैकमेलिंग और रुपए मांगने का आरोप लगा रहे हैं। दोनों के बयान एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं। पुलिस ने कहा- दोनों पक्षों के आवेदन मिले हैं
जीरापुर थाना प्रभारी हुकुमचंद मीणा ने बताया कि दोनों पक्षों के आवेदन प्राप्त हुए हैं। जेई और महिला के बीच भरण-पोषण का मामला पहले से न्यायालय में लंबित है। जीरापुर में हुए विवाद की जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
