नागदा के समीप रुपेटा गांव में गुरुवार को 1.27 करोड़ रुपए के विकास कार्यों के लोकार्पण और भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान हंगामा हो गया। केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन और राज्यपाल डॉ. थावरचंद गहलोत की मौजूदगी में भड़ला गांव में विकास न होने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं को जमीन पर बैठाने को लेकर भी सवाल उठे। इस कार्यक्रम में केंद्रीय सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री एल. मुरुगन और मुख्य अतिथि के रूप में मध्यप्रदेश के राज्यपाल डॉ. थावरचंद गहलोत शामिल हुए। मंत्री मुरुगन ने कहा कि उन्होंने डॉ. गहलोत की राजनीति को आदर्श मानकर सार्वजनिक जीवन में कदम रखा। गहलोत बोले- मंत्री-सांसद रहते रुपेटा का किया विकास राज्यपाल डॉ. गहलोत ने रुपेटा को अपनी जन्मभूमि बताया। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी के कारण उनका परिवार नागदा चला गया था, लेकिन विधायक, सांसद और मंत्री रहते हुए उन्होंने इस क्षेत्र के विकास में कोई कमी नहीं छोड़ी। उन्होंने अपने सांसद कार्यकाल के दौरान तत्कालीन इंदिरा आवास योजना के तहत सैकड़ों लोगों को आवास स्वीकृत कराने का भी जिक्र किया। मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री प्रहलाद पटेल को भी कार्यक्रम में शामिल होना था, लेकिन पैर में फ्रैक्चर के कारण वे नहीं पहुंच सके। उन्होंने वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित किया। जनपद सदस्य प्रतिनिधि ने किया हंगामा कार्यक्रम के बीच जनपद सदस्य प्रतिनिधि देवी सिंह चंद्रवंशी ने हंगामा खड़ा कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि रुपेटा पंचायत के अंतर्गत आने वाले भड़ला गांव में आज तक कोई ठोस विकास नहीं हुआ है। चंद्रवंशी ने बताया कि गांव में न तो स्कूल भवन है और न ही व्यवस्थित मुक्तिधाम। यदि मुक्तिधाम है भी, तो वहां तक जाने के लिए सड़क नहीं है। बरसात के दिनों में स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि शवों को ट्रैक्टर में रखकर नागदा लाकर अंतिम संस्कार करना पड़ता है। देवी सिंह चंद्रवंशी ने चेतावनी दी कि यदि अब भाजपा का कोई नेता वोट मांगने गांव आया तो उसका स्वागत जूते-चप्पलों की माला से किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को जमीन पर बैठाने को लेकर भी स्थानीय लोगों ने नाराजगी व्यक्त की। महिलाओं ने घेरा, आवास योजना पर सवाल कार्यक्रम खत्म होने के बाद जब डॉ. गहलोत मंच से उतरकर वाहन की ओर बढ़ रहे थे, तभी कुछ महिलाओं ने उन्हें घेर लिया। महिलाओं ने शिकायत की कि उन्हें अब तक आवास योजना का लाभ नहीं मिला है। इस पर गहलोत ने मौके पर ही सरपंच को निर्देश दिए कि पात्र महिलाओं को योजना का लाभ दिलाया जाए। छात्राओं को जमीन पर बैठाया कार्यक्रम में रुपेटा स्कूल की छात्राएं भी खेल मैदान की मांग को लेकर ज्ञापन देने पहुंची थीं। लेकिन विडंबना यह रही कि बच्चियों को कार्यक्रम में सबसे पीछे जमीन पर बैठाया गया। कार्यक्रम में मौजूद स्कूली छात्राओं को सम्मानजनक स्थान नहीं मिला। इस पर स्कूल के एक शिक्षक ने बताया कि वे सरपंच के कहने पर बच्चियों को लेकर आए थे। जनपद सीईओ ने कहा कि उन्हें जानकारी नहीं थी कि कोई बच्चियां ज्ञापन देने आई हैं, और अचानक आई भीड़ के लिए कुर्सियों की व्यवस्था करना गांव में संभव नहीं था।
