Homeमध्यप्रदेशदिग्विजय ने लगाया पोस्टर- चंदा चोर मेरे घर न आएं:फिर मार्केट में...

दिग्विजय ने लगाया पोस्टर- चंदा चोर मेरे घर न आएं:फिर मार्केट में आई नरोत्तम की पुरानी शायरी; चलती क्लास में सो गया शराबी शिक्षक

मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। फिर मार्केट में आया ‘मैं लौटकर आऊंगा’ बयान
दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव के ऐलान के साथ ही पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का वह शायराना बयान फिर चर्चा में आ गया, जिसमें उन्होंने कहा था- ‘समुद्र का पानी उतरता देख किनारे पर घर मत बना लेना… मैं लौटकर आऊंगा, ये वादा है।’ वैसे तो नरोत्तम मिश्रा काफी समय से उपचुनाव की तैयारी में जुटे थे, लेकिन चुनाव की घोषणा होते ही उनकी सक्रियता और बढ़ गई है। हालांकि इस बार उनकी रणनीति कुछ ऐसी दिख रही है, जैसे ‘दूध का जला छाछ भी फूंक-फूंककर पीता है।’ एक कार्यक्रम में उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधने के साथ-साथ आत्ममंथन का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा- अगर हमसे कोई गलती हुई है तो उसे सुधारेंगे। अपने कार्य, व्यवहार, आचार और विचार में बदलाव लाएंगे और पूरी ईमानदारी के साथ झुककर जनता के सामने आएंगे। दरअसल, 2023 के विधानसभा चुनाव में गृह मंत्री रहते हुए नरोत्तम मिश्रा को हार का सामना करना पड़ा था। अब उपचुनाव में वे भाजपा की ओर से दूल्हा बनने को तैयार हैं मतलब उम्मीदवार बनने की पूरी तैयारी में हैं। हालांकि ‘दूल्हा’ कौन होगा, इस पर फिलहाल भाजपा ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। जब मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से पूछा गया कि क्या दतिया उपचुनाव में भाजपा की ओर से नरोत्तम मिश्रा ही उम्मीदवार होंगे, तो उन्होंने साफ जवाब देने से बचते हुए कहा- अभी ऐसा कहना जल्दबाजी होगी। जो भी होगा, सबके सामने आ जाएगा। कैलाश विजयवर्गीय के इस बयान ने दतिया उपचुनाव में भाजपा के उम्मीदवार को लेकर सस्पेंस और बढ़ा दिया है। यानी नरोत्तम मिश्रा तो मैदान में उतरने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन पार्टी की ओर से हरी झंडी का इंतजार है। दिग्विजय ने लगाया पोस्टर- चंदा चोरों की नो एंट्री
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह है अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला। इसे लेकर उन्होंने भोपाल स्थित अपने निवास के बाहर एक पोस्टर लगा दिया है। पोस्टर पर लिखा है- ‘हमारी आस्था के प्रतीक भगवान श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए समूचे देश द्वारा दिए गए चंदे के चोरों एवं चढ़ावा चोरों का मेरे निवास पर प्रवेश निषेध है।’ यही नहीं, दिग्विजय सिंह ने इस मुद्दे को लेकर उज्जैन से अयोध्या तक पदयात्रा निकालने का भी ऐलान किया है। उनका कहना है कि यह यात्रा पूरी तरह गैर-राजनीतिक होगी। अब सियासी गलियारों में इस कदम के अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं। लोग कह रहे हैं कि दिग्विजय सिंह को यूं ही राजनीति का चाणक्य नहीं कहा जाता। वे जब भी कोई कदम उठाते हैं, उसके पीछे कोई न कोई राजनीतिक या सामाजिक संदेश जरूर छिपा होता है। दिग्विजय सिंह ने 2018 के विधानसभा चुनाव से पहले भी नर्मदा परिक्रमा यात्रा की थी। उस समय भी उन्होंने इसे अपनी निजी धार्मिक यात्रा बताया था। हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उस यात्रा ने कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने में मदद की थी और बाद में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी थी। शराब के नशे में क्लास में ही सो गया शिक्षक
एक शराबी शिक्षक ने शिक्षा व्यवस्था को एक बार फिर शर्मसार कर दिया है। मामला नर्मदापुरम जिले के केसला क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल का है। यहां पदस्थ एक शिक्षक शराब के नशे में धुत होकर क्लासरूम में ही सोता हुआ नजर आया। ग्रामीणों ने उसका वीडियो बना लिया। गांव के लोगों ने शिक्षक को जमकर फटकार भी लगाई। मामले की शिकायत मिलने पर पुलिस ने शिक्षक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। वहीं शिक्षा विभाग ने भी गंभीरता दिखाते हुए उसे निलंबित कर दिया है। हालांकि बाद में शिक्षक अपनी गलती स्वीकार करता नजर आया। उसने कहा कि उससे बड़ी भूल हो गई और वह भविष्य में कभी शराब को हाथ तक नहीं लगाएगा। इस घटना के बाद लोग सवाल उठा रहे हैं कि यदि जनप्रतिनिधि और जिम्मेदार अधिकारी समय-समय पर दूरदराज के स्कूलों का औचक निरीक्षण करें, तो शायद स्कूलों की व्यवस्था में सुधार हो सके। मंत्री जी को चाहिए प्रमुख सचिव की पोस्टिंग
मध्य प्रदेश में एक महिला मंत्री के विभाग में वैसे तो कामकाज अच्छा चल रहा है। सरकार को उसकी रिपोर्ट भी ठीक-ठाक मिल रही है। लेकिन मंत्री के मनमाफिक काम नहीं हो रहा है। इसकी वजह बताई जा रही है कि इस विभाग की प्रशासनिक कमान एक महिला सचिव के पास है, जो नियम-कायदों की सख्त है और सरकार की भरोसेमंद है। मंत्री यह बात अच्छी तरह जानती है कि उन्हें हटाया नहीं जा सकता, तो उन्होंने इसका दूसरा रास्ता खोज लिया। मंत्री अब चाहती है कि इस महिला सचिव के ऊपर एसीएस या पीएस की पोस्टिंग हो जाए, ताकि उसके अधिकार कुछ सीमित किए जा सकें। इसके लिए वह मुख्यमंत्री कार्यालय में अक्सर नजर आ जाती है। प्रशासनिक गलियारों में चर्चा यह भी है कि ऐसा करने के लिए मंत्री के कान में यह मंत्र किसने फूंका। अब सवाल यह है कि मंत्री को पीएस की जरूरत क्यों महसूस हुई। अंदर की बात यह है कि इस विभाग में बड़े-बड़े टेंडर हैं, जिन्हें जारी करने का मौसम चल रहा है। इस पूरे मामले में मंत्री की तकलीफ यह भी है कि उन्होंने तबादलों की जो सूची सौंपी थी, जिनकी उन्होंने सिफारिश की थी, उसमें करीब आधे नामों पर महिला सचिव ने कैंची चला दी। हालांकि मंत्री अपने ‘मिशन पीएस’ में अब तक कामयाब नहीं हो पाई हैं। लेकिन पूरी कोशिश में लगी हैं। अब देखते हैं आगे क्या होता है। इनपुट सहयोग – विजय सिंह बघेल (भोपाल), राधावल्लभ मिश्रा (दतिया), धर्मेंद्र दीवान (नर्मदापुरम) ये भी पढ़ें –
सीएम के आसपास मंडराते रहे कांग्रेस विधायक: अब साउथ में ‘मामा’ का क्रेज सिवनी में कांग्रेस विधायक ठाकुर रजनीश सिंह का मूवमेंट चर्चा का विषय बन गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान वे मुख्यमंत्री के आसपास मंडराते रहे। दिलचस्प बात ये है कि सीएम के कार्यक्रम से कुछ समय पहले यही कांग्रेस विधायक मुख्यमंत्री के खिलाफ सड़क पर प्रदर्शन करते नजर आए थे। फिर सीधे सीएम के मंच पर जा बैठे। पूरी खबर पढ़ें

Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
Related News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here