मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स के पार्ट-1 में अब तक आपने पढ़ा कि 24 जनवरी 2021 की शाम नरसिंहपुर के करेली निवासी सपनेश पटेल एक फोन कॉल आने के बाद दुकान से निकला। उसने साथियों से कहा कि वह दोस्त के बुलावे पर पार्टी में जा रहा है, लेकिन फिर रहस्यमय ढंग से लापता हो गया। परिवार ने गुमशुदगी दर्ज कराई, जबकि गांव में कर्ज के कारण उसके भाग जाने की चर्चा थी। जांच में पता चला कि आखिरी कॉल रिश्तेदार सूर्यप्रकाश पटेल की थी। 31 जनवरी को तालाब से शव मिला और पोस्टमार्टम में गला घोंटकर हत्या की पुष्टि हुई। जांच में पत्नी स्लेखा और सूर्यप्रकाश की नजदीकियां भी सामने आईं। आखिर हत्या क्यों हुई और साजिश में कौन-कौन शामिल था? जानिए क्राइम फाइल्स पार्ट-2 में। प्रेम संबंध से खुला हत्या का राज सपनेश की हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने उसकी कॉल डिटेल, परिवार और रिश्तेदारों के बयान खंगालने शुरू किए। जांच एक ऐसे मोड़ पर पहुंची, जिसने पूरे केस की दिशा बदल दी।
पुलिस को पता चला कि सूर्यप्रकाश का सपनेश के घर में काफी आना-जाना था। वह सिर्फ रिश्तेदार नहीं, बल्कि परिवार का बेहद करीबी माना जाता था।
77 मिनट की बातचीत ने बढ़ाया संदेह मोबाइल कॉल डिटेल निकाली गई तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। हत्या से एक दिन पहले यानी 23 जनवरी की रात स्लेखा और सूर्यप्रकाश के बीच करीब 77 मिनट तक बातचीत हुई थी।
घटना वाले दिन भी दोनों लगातार एक-दूसरे के संपर्क में थे। इधर, सूर्यप्रकाश के मोबाइल रिकॉर्ड की जांच में एक तीसरा नाम भी सामने आया- बृजेश यादव। तकनीकी साक्ष्यों से पता चला कि घटना वाले दिन सूर्यप्रकाश, बृजेश और सपनेश तीनों अलग-अलग समय पर लगातार एक-दूसरे के संपर्क में थे। अब साफ था कि ये संयोग नहीं साजिश का हिस्सा था। पैसे देकर सपनेश को खामोश रखना चाहता था जांच में सामने आया कि सूर्यप्रकाश और स्लेखा के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे। सपनेश को इस रिश्ते की जानकारी हो चुकी थी। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि जब इस प्रेम संबंध की जानकारी सपनेश को हुई तो वह विरोध करने लगा। सूर्यप्रकाश, स्लेखा से संबंध बनाए रखने के बदले सपनेश को पैसे देकर खामोश रखना चाहता था। लेकिन सपनेश नहीं माना। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कई बार विवाद भी हुआ।
पार्टी के बहाने बुलाया, फिर कर दी हत्या पुलिस के मुताबिक, स्लेखा और सूर्यप्रकाश ने सपनेश को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। इस साजिश में सूर्यप्रकाश ने अपने घर पर काम करने वाले बृजेश यादव को भी शामिल कर लिया।
24 जनवरी की शाम सूर्यप्रकाश ने सपनेश को फोन कर शराब पार्टी के बहाने बुलाया। करेली के पास फोरलेन किनारे एक ढाबे पर तीनों ने शराब पी। सपनेश को जरा भी अंदाजा नहीं था कि जिन लोगों के साथ वह बैठा है, वही उसकी हत्या की तैयारी कर चुके हैं। शराब पीने के बाद सूर्यप्रकाश और बृजेश ने मोबाइल की चार्जिंग केबल से उसका गला घोंट दिया। पूरी रात कार में रखा शव, मोबाइल कुएं में फेंका हत्या के बाद सबसे बड़ी चुनौती थी- सबूत मिटाना। आरोपियों ने सपनेश के शव को कार की डिक्की में रखा और पूरी रात सुनसान रास्तों पर घूमते रहे। वे ऐसी जगह तलाश रहे थे, जहां शव फेंकने के बाद किसी को शक न हो। इस दौरान उनकी कार टोल प्लाजा के सीसीटीवी कैमरों में भी कैद हुई। आखिरकार डूडा गांव के पास एक तालाब चुना गया। रात के अंधेरे में शव तालाब में फेंक दिया गया। शव ऊपर न आ जाए, इसलिए उसके ऊपर बड़े-बड़े पत्थर भी रख दिए।
तकनीकी सबूतों ने उठाया साजिश से पर्दा पुलिस ने कॉल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज से कड़ियों को जोड़ना शुरू किया। टोल प्लाजा के कैमरों में वही कार दिखाई दी, जिसमें शव ले जाया गया था। मोबाइल लोकेशन भी आरोपियों के बयानों से मेल नहीं खा रही थी। एक-एक कर तकनीकी साक्ष्य जुड़ते गए और पूरी कहानी साफ होती चली गई। पूछताछ का दबाव बढ़ा तो सूर्यप्रकाश के बयान बदलने लगे। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल चार्जिंग केबल, कार, मोबाइल फोन समेत कई अहम साक्ष्य बरामद कर लिए। जांच पूरी होने तक यह साफ हो चुका था कि यह कोई आवेश में की गई हत्या नहीं, बल्कि पूरी योजना के तहत रची गई साजिश थी। ढाई साल बाद तीनों को उम्रकैद मामला अदालत पहुंचा। स्लेखा और सूर्यप्रकाश ने आरोपों से इनकार कर दिया। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने कर्ज, संपत्ति विवाद और झूठे फंसाए जाने जैसे कई तर्क दिए। स्लेखा ने अदालत में दावा किया कि उसके ससुर और देवर संपत्ति में हिस्सा नहीं देना चाहते थे, इसलिए उसे झूठे मामले में फंसा दिया। हालांकि अभियोजन पक्ष ने कॉल रिकॉर्ड, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, गवाहों के बयान, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्य अदालत के सामने रख दिए। क्राइम फाइल्स पार्ट-1 भी पढ़ें… पत्नी के प्रेम-संबंध…कर्ज;7 दिन बाद मिली युवक की लाश मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स में आज कहानी नरसिंहपुर के एक ऐसे मर्डर केस की, जिसने पुलिस को कई दिनों तक उलझाए रखा। एक युवक दोस्त की पार्टी में जाने के लिए घर से निकला और फिर रहस्यमय तरीके से गायब हो गया। परिवार और पुलिस उसे तलाशते रहे, लेकिन सात दिन तक उसका कोई सुराग नहीं मिला। पढ़ें पूरी खबर…
