उज्जैन में महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय का षष्ठ दीक्षांत समारोह मंगलवार को कालिदास अकादमी के संकुल सभागार में आयोजित हुआ। समारोह की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलाधिपति और मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने की। कार्यक्रम सुबह 11 बजे शुरू हुआ। समारोह में शामिल होने पहुंचे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज से दैनिक भास्कर ने राम मंदिर ट्रस्ट में दान चोरी के मामले को लेकर सवाल किए। हालांकि उन्होंने किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया। उन्होंने मुंह पर उंगली रखकर चुप रहने का इशारा किया और बिना कुछ बोले अपनी कार में बैठकर रवाना हो गए। ‘महा महोपाध्याय’ की मानद उपाधि से सम्मानित हुए गोविंद देव गिरी दीक्षांत समारोह में स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज को ‘महा महोपाध्याय’ की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। वहीं, श्रीलाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. रमेश पांडेय को ‘विद्या वाचस्पति’ की मानद उपाधि प्रदान की गई। स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज मंगलवार सुबह चार्टर्ड विमान से उज्जैन पहुंचे थे। 21 विद्यार्थियों को उपाधि, 42 को पदक समारोह में कुलाधिपति मंगुभाई पटेल ने 21 विद्यार्थियों को उपाधियां और 42 विद्यार्थियों को पदक प्रदान किए। उपाधियों और पदकों के लिए पात्र 1303 विद्यार्थियों में से 179 विद्यार्थियों ने पंजीयन कराया था। 63 मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान विश्वविद्यालय के 63 विद्यार्थियों को स्नातक, स्नातकोत्तर और विद्यावारिधि (पीएचडी) की उपाधियां प्रदान की गईं। साथ ही विभिन्न संकायों के मेधावी विद्यार्थियों को उनकी उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए स्वर्ण, रजत और कांस्य पदकों से सम्मानित किया गया।
