मध्य प्रदेश के गुना में एक निजी फाइनेंस कंपनी की बिल्डिंग से गिरकर रिकवरी एजेंट मौत हो गई। हादसे के बाद मां अपने बेटे की लाश से लिपटकर रोती रही। घटना शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे हुई। गिरकर मरने का CCTV फुटेज भी सामने आया है। मामला एबी रोड स्थित बिल्डिंग की है। जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान लूसन का बगीचा निवासी सचिन सेन के रूप में हुई है, जो निजी फाइनेंस कंपनी में रिकवरी एजेंट के पद पर कार्यरत था। हादसे के बाद परिजन ने कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों पर बंधक बनाकर प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। हनुमान चौराहे पर डेडबॉडी रखकर चक्काजाम कर दिया। हादसे से जुड़ी तस्वीरें देखिए… श्रीराम फाइनेंस में रिकवरी एजेंट था सचिन परिजन ने बताया- सचिन सेन पिछले 2 साल से श्रीराम फाइनेंस में रिकवरी एजेंट के रूप में कार्यरत था। तीन दिन पहले वह यह कहकर घर से निकला था कि ग्वालियर से आए अधिकारियों के साथ मीटिंग है। मीटिंग खत्म होने के बाद घर लौट आएगा। इस दौरान परिवार की उससे फोन पर बातचीत होती रही। उन्होंने बताया- शुक्रवार को घटना से कुछ देर पहले भी फोन किया था, तब सचिन ने सिर्फ इतना कहा कि वह “सर के साथ है” और बाद में बात करेगा। इसके कुछ समय बाद ही उसके बिल्डिंग से गिरने की सूचना परिवार को मिली। परिजनों का आरोप- पैसों के लिए बनाया जा रहा था दबाव मृतक के भाई मनीष सेन ने आरोप लगाया कि कंपनी के कुछ अधिकारी और कर्मचारी लगातार सचिन पर पैसों की व्यवस्था करने का दबाव बना रहे थे। ग्वालियर से आए एक अधिकारी और हलीम नाम का एक कर्मचारी उससे कहते थे कि कहीं से भी पैसे लाओ। इसी मानसिक दबाव के कारण यह घटना हुई। ऑफिस में बंधक बनाकर रखा था मनीष सेन ने बताया कि सचिन ने फोन पर परिवार को बताया था कि उसे ऑफिस में बंधक बनाकर रखा गया है। घर नहीं जाने दिया जा रहा है। उनका भाई वहां से निकलने की कोशिश कर रहा था। आशंका है कि या तो वह बंधन से छूटने के प्रयास में बिल्डिंग से कूद गया होगा या फिर किसी ने उसे धक्का दिया होगा। मैनेजर का फोन बंद, फरार होने का आरोप परिजन का आरोप है कि घटना के बाद कंपनी का मैनेजर फरार हो गया है। उसका मोबाइल फोन भी बंद आ रहा है। इससे संदेह और गहरा गया है। उन्होंने पुलिस से मैनेजर और संबंधित अधिकारियों को तत्काल गिरफ्तार करने और हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। शव रखकर किया चक्काजाम घटना के विरोध में परिजनों और स्थानीय लोगों ने सचिन का शव हनुमान चौराहे पर रखकर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और हत्या का केस दर्ज किए जाने की मांग की। चक्काजाम के कारण कुछ देर तक यातायात प्रभावित रहा। मौके पर एसडीएम शिवानी पांडे, डीएसपी आनंद कुमार राय, तहसीलदार, कैंट थाना प्रभारी और पुलिस बल मौजूद रहा। प्रशासनिक अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया। एसडीएम शिवानी पांड़े ने बताया कि घर वालों का आरोप था कि युवक का ऑफिस में बंद करके रखा था। घरवालों के फोन करने पर यहां से बताया जाता कि वह भोपाल ऑफिस में है। आज यहीं पर छत से गिरने से उसकी मौत हो गई है। परिजनों का कहना था कि आरोपियों पर FIR दर्ज की जाए। हमने भी FIR के लिए कहा है, जो भी आरोपी होगा। उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज एसडीएम शिवानी पांडे ने बताया- परिजन का आरोप है कि युवक को ऑफिस में बंद करके रखा गया था। जब घर वाले फोन करते थे, तो उन्हें बताया जाता था कि वह भोपाल ऑफिस में है। आज इसी बिल्डिंग की छत से गिरने से उसकी मौत हो गई। उन्होंने बताया- परिजन की मांग है कि आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। हमने भी एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं, जो भी आरोपी होगा, उसे गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस बोली- सभी आरोपों की जांच होगी मामले में एएसपी प्रशांत सिंह सुमन ने बताया कि सचिन सेन नाम का युवक बिल्डिंग से गिरने के बाद जिला अस्पताल लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि परिजन ने कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों पर जो आरोप लगाए हैं, उनकी भी जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। …………………………………….. सागर में ऑपरेशन से एक दिन पहले लगाया बेहोशी का इंजेक्शन, मौत सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) में मरीज देवेंद्र पाठक की मौत के मामले में प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में गंभीर लापरवाही सामने आई है। जांच में पाया गया कि जिस एनेस्थीसिया इंजेक्शन का इस्तेमाल अगले दिन ऑपरेशन के दौरान मरीज को बेहोश करने के लिए किया जाना था, उसे ड्यूटी पर मौजूद नर्स ने एक दिन पहले ही आईवी के जरिए लगा दिया। पढ़ें पूरी खबर…
