इंदौर के अलग-अलग वार्डों से सामने आ रही जनसमस्याओं के समाधान में दैनिक भास्कर एप का ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट लगातार प्रभावी साबित हो रहा है। इस मंच के जरिए नागरिक अपनी समस्याएं सीधे जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचा रहे हैं, जिसके बाद कई मामलों में त्वरित कार्रवाई भी देखने को मिल रही है। शिकायत पोस्ट होते ही संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधि सक्रिय हो रहे हैं, जिससे लोगों को राहत मिल रही है। यही वजह है कि ‘भास्कर समाधान’ आमजन और प्रशासन के बीच एक मजबूत सेतु बनकर उभर रहा है। (आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें…) वार्ड 16 की पार्षद सोनाली मुकेश धरकर बनीं आज की ‘पब्लिक स्टार’ वार्ड 16 के महावीर जैन ने तालाब से जुड़ी समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा था कि छोटा बांगड़दा तालाब में भारी गंदगी है। चारों ओर से अतिक्रमण किया गया है। इसे साफ किया जाए, जिससे बारिश का स्वच्छ पानी एकत्र हो सके। समस्या भास्कर समाधान पर पोस्ट होने के बाद आज की पब्लिक स्टार और पार्षद सोनाली मुकेश धरकर ने संज्ञान लिया। उन्होंने प्रशासन की मदद से तालाब को अतिक्रमणमुक्त कराया। इसके बाद उसकी सफाई कराई गई। विजयनगर: खुले डीपी बॉक्स पर लगा ढक्कन, टला खतरा विजयनगर एरिया में भमोरी प्लाजा के पास फुटपाथ पर बिजली विभाग के डीपी बॉक्स का ढक्कन टूटा पड़ा था। यह शिकायत स्थानीय लोगों द्वारा “भास्कर समाधान” पर की गई थी। लोगों ने आशंका जताई थी कि इससे बड़ी दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। शिकायत पोस्ट होते ही बिजली विभाग ने मामले में संज्ञान लिया। एई विजयनगर राजकुमार शाह ने इसका समाधान कराया और स्वयं इसकी पुष्टि भी की। जलभराव, गंदगी और सुरक्षा संबंधी समस्याओं से जूझ रहे भोपालवासी, समाधान का इंतजार वार्ड 18: शिवकांत नगर में 15 साल से रोड का इंतजार वार्ड 18 के निवासी ने अपनी पहचान छुपाते हुए “भास्कर समाधान” पर समस्या पोस्ट की। उन्होंने लिखा कि शिवकांत नगर की रोड बीते 15 साल से नहीं बनी है। स्थिति यह है कि रोड अब नजर नहीं आती। हल्की सी बारिश होने पर हर जगह कीचड़-कीचड़ हो जाता है। इस समस्या का समाधान जल्द होना चाहिए। वार्ड 8: सार्वजनिक शौचालय के बुरे हाल, न पानी, न सफाई वार्ड 8 के निवासी मोहन सिंह परिहार ने समस्या पोस्ट की। उन्होंने लिखा कि हाई कोर्ट के पास स्ट्रीट नंबर एक में सार्वजनिक शौचालय है, जो काफी बुरे हाल में है। न उसमें पानी आता है और न ही कभी सफाई होती है, जिसकी वजह से आसपास के क्षेत्र में गंदगी फैल रही है। इस समस्या का जल्द समाधान हो। वार्ड 61: रोड पर खुले पड़े गड्ढे बने हादसे की वजह “भास्कर समाधान” पर वार्ड 61 के निवासी धर्मेंद्र श्रीवास्तव ने समस्या पोस्ट की। उन्होंने लिखा कि अलापुरा स्थित महेश बुक डिपो मेन रोड पर नई सड़क का छोटा सा टुकड़ा बनाया गया। बचे हुए मलबे का ढेर वहीं छोड़ दिया गया। इसके अलावा आसपास दो से तीन गड्ढे भी हैं, जिन्हें भरा नहीं गया। इससे यहां रोज एक्सीडेंट हो रहे हैं। वार्ड 41: 30 दिन पहले बिजली पोल लगाने के लिए खोदा था गड्ढा वार्ड 41 के निवासी राजकमल जोशी ने बिजली विभाग से जुड़ी शिकायत पोस्ट की। उन्होंने लिखा कि बिजली का पोल लगाने के लिए रिंग रोड पर एक महीने पहले गड्ढा खोदा गया था, जो अभी तक न भरा गया है और न ही यहां पोल लगाया गया है। इससे किसी दिन भी हादसा हो सकता है। पब्लिक को आवाज देने का सबसे बड़ा डिजिटल प्लेटफॉर्म दैनिक भास्कर एप पर भास्कर समाधान सेगमेंट देश का पहला ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी खुद अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू पोस्ट कर सकते हैं। यह पब्लिक को आवाज देने का सबसे बड़ा माध्यम बना है। एप को यूजर्स के लिए भी काफी आसान बनाया गया है और नए फीचर्स जोड़े गए हैं। किसी समस्या का समाधान होने पर यूजर्स बता सकते हैं कि उनकी शिकायत दूर कर दी गई है। अधिकारी बता सकेंगे, क्या एक्शन लिया दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपना एक्शन बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उसके अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है, तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे भी कॉल कर सकेंगे। यूजर बता सकते हैं, समाधान हो गया एप को यूजर्स के लिए भी काफी आसान बनाया गया है और नए फीचर्स जोड़े गए हैं। किसी समस्या का समाधान होने पर यूजर्स बता सकते हैं कि उनकी शिकायत दूर कर दी गई है। भास्कर समाधान सेगमेंट बदलाव लाने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है। इसके पीछे भास्कर एप की सोच यही है कि शहर के हर कोने से लोगों की समस्याएं प्रशासन तक रियल टाइम पहुंचें, ताकि आमजन और प्रशासन के बीच एक सेतु बन सके। लोग सीधे अपनी बात कह सकें। ऐसे में सरकार और अधिकारियों को चाहिए कि वे इन पोस्ट को सकारात्मक रूप से लें और समाधान का रास्ता चुनें।
