प्रदेश में मानसून की दस्तक के साथ ही बुधवार को इंदौर में तेज बारिश हुई। शाम को तेज बारिश के कारण जगह-जगह जलभराव की स्थिति बन गई। पूरे शहर के कई मार्गों पर जाम की स्थिति बनी रही। देखिए इंदौर में बारिश से शहर के हाल… मौसम विभाग के अनुसार इस बार प्रदेश के अधिकांश जिलों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना जताई गई है। इंदौर, उज्जैन, सागर और चंबल संभाग के केवल आठ जिलों में ही सामान्य वर्षा होने के संकेत हैं। विभाग का अनुमान है कि जून माह में मानसून अपेक्षाकृत कमजोर रह सकता है, जिससे बारिश का आंकड़ा सामान्य से कम रहने की संभावना है। जुलाई में मानसून की गतिविधियां मजबूत होंगी हालांकि, जुलाई और अगस्त को लेकर राहत भरी खबर है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून का मुख्य दौर इन दो महीनों में रहता है और इसी दौरान अधिकांश वर्षा दर्ज होती है। अनुमान है कि जुलाई में मानसून की गतिविधियां मजबूत होंगी और अगस्त में भी अच्छी बारिश देखने को मिलेगी। विशेषज्ञों के मुताबिक जिस प्रकार अप्रैल और मई सबसे अधिक गर्मी वाले महीने होते हैं तथा दिसंबर-जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है, उसी तरह मानसून के लिए जुलाई और अगस्त सबसे महत्वपूर्ण महीने माने जाते हैं। इन दोनों महीनों में ही प्रदेश में होने वाली कुल वर्षा का लगभग 60% हिस्सा दर्ज होता है। ऐसे में किसानों और जल प्रबंधन से जुड़े विभागों की नजर अब जुलाई-अगस्त की बारिश पर टिकी हुई है।
