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गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड के कपड़े उतरवा खाई में धकेला:नहीं मरे तो पत्थरों से मारा, टूरिस्ट प्लेस पर लुटेरों के गैंग ने मचाया था आतंक

मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स के पार्ट-1 में आपने पढ़ा कि प्रदेश के टूरिस्ट स्पॉट्स पर सक्रिय एक खतरनाक गैंग सुनसान जगहों पर घूमने आने वाले युवा जोड़ों को निशाना बनाता था। 6 नवंबर 2017 को महू से पातालपानी और मेहंदीकुंड घूमने गए हिमांशु और श्रेया अचानक लापता हो गए। पुलिस और परिजन ने उनकी काफी तलाश की, लेकिन महीनों तक दोनों का कोई सुराग नहीं मिला। करीब छह महीने बाद एक मामूली चोरी के मामले में गिरफ्तार बदमाशों के बीच जेल में हुए विवाद ने इस रहस्य से पर्दा उठाया। मुखबिर से सूचना मिलने के बाद पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की और मेहंदीकुंड में हुई एक खौफनाक वारदात का सुराग हाथ लगा। इसके बाद जंगल के बीच खाई में तलाशी ली गई, जहां पत्थरों के नीचे दबे दो कंकाल बरामद हुए। उनकी पहचान हिमांशु और श्रेया के रूप में हुई। अब कई सवाल सामने थे कि आखिर मेहंदीकुंड में उस दिन हुआ क्या था? इस हत्याकांड के पीछे कौन था? पढ़िए क्राइम फाइल्स के इस पार्ट में इनके जवाब- पुलिस ने चने की चोरी के मामले में जेल में बंद बलराम से सख्ती से पूछताछ शुरू की। धीरे-धीरे पूरी कहानी सामने आने लगी। पूछताछ में एक ऐसे नाम का खुलासा हुआ, जो उस इलाके में लंबे समय से पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। उसका नाम था- ईश्वर भील। स्थानीय स्तर पर कुख्यात इस हिस्ट्रीशीटर का नाम कई आपराधिक गतिविधियों से जुड़ चुका था, लेकिन पुलिस के लिए वह अब भी एक पहेली बना हुआ था। रास्ता बताने के बहाने सुनसान जगह ले गए 6 नवंबर 2017 को हिमांशु और उसकी गर्लफ्रेंड श्रेया मेहंदीकुंड जाने का रास्ता तलाश रहे थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात बलराम, ईश्वर भील और उनके साथियों से हुई। दोनों ने उनसे रास्ता पूछा तो आरोपियों ने मदद का भरोसा दिलाया। लेकिन यह मदद नहीं, एक सुनियोजित जाल था। रास्ता बताने के बहाने आरोपी उन्हें बड़िया के जंगल में स्थित नकोड़ी कुंड के पास ले गए। चारों तरफ जंगल, पहाड़ और गहरी खाई थी। वहां न कोई आने-जाने वाला था और न ही कोई मदद के लिए मौजूद। यही वह जगह थी, जहां गैंग ने अपना असली चेहरा दिखाया। एक आरोपी को श्रेया ने पहचान लिया आरोपियों ने दोनों को धमकाना शुरू कर दिया। उनके पास मौजूद नकदी, सोने की चेन, एटीएम कार्ड और चेकबुक लूट लिए गए। लेकिन बदमाशों का मकसद सिर्फ लूटपाट नहीं था। उन्होंने दोनों के कपड़े उतरवा दिए। इसी दौरान श्रेया ने ईश्वर भील को पहचान लिया। उसने कहा, “मैं तुम्हारे गांव की हूं… गांव के नाते तुम्हारी बहन लगती हूं, मुझे छोड़ दो।”
खाई में धक्का देकर पत्थरों से हमला किया आरोपियों ने पहले दोनों को खाई में धक्का दे दिया। नीचे गिरने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद आरोपी खुद खाई में उतरे और पत्थरों से हमला कर उनकी हत्या कर दी। वारदात के बाद शवों को बड़े-बड़े पत्थरों से ढक दिया गया। ईश्वर भील दोनों के मोबाइल फोन और स्कूटी भी अपने साथ ले गया, ताकि कोई सुराग न बचे। यही वजह रही कि पुलिस महीनों तक दोनों की तलाश करती रही, लेकिन उन्हें कोई सफलता नहीं मिली। सिर्फ दो नहीं, कई लोग बने थे शिकार जांच आगे बढ़ी तो यह मामला सिर्फ दोहरे हत्याकांड तक सीमित नहीं रहा। ईश्वर भील और उसके साथियों के बारे में कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आईं। मामले की जांच से जुड़े रिटायर्ड डीएसपी एस.डी. मुले के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया था कि मेहंदीकुंड और आसपास के सुनसान इलाकों में घूमने आने वाले कई प्रेमी युगलों को उन्होंने निशाना बनाया था। गैंग पहले मारपीट और लूटपाट करता था। इसके बाद युवक-युवती के अश्लील वीडियो बना लिए जाते थे। इन्हीं वीडियो के आधार पर उन्हें ब्लैकमेल किया जाता था। इंदौर से गोवा तक फैला था नेटवर्क जांच में सामने आया कि ईश्वर भील केवल मेहंदीकुंड इलाके तक सीमित नहीं था। उस पर इंदौर से लेकर गोवा तक कई आपराधिक मामलों में शामिल होने के आरोप हैं। उसने अपने साथियों का एक गैंग बना रखा था, जो खासतौर पर पिकनिक और पर्यटन स्थलों पर आने वाले कपल्स को निशाना बनाता था। गैंग के गुर्गे पहले दोस्ती या मदद का दिखावा करते, फिर सुनसान स्थान पर ले जाकर रेप, मारपीट और लूट जैसे अपराधों को अंजाम देते थे। अब भी दिखाई देती है उस खौफ की छाया पातालपानी और उसके आसपास आज भी कई जगह चेतावनी बोर्ड लगे हुए हैं। इन पर लिखा है कि पर्यटक रेलवे ट्रैक के पास स्थित बगदा और कुछ गुफाओं की ओर न जाएं, क्योंकि वहां लूटपाट की घटनाएं होती रही हैं। आठ साल बाद फैसला, सरगना फरार मामले के खुलासे के बाद पुलिस ने अन्य आरोपियों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान दो नाबालिग आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया। करीब आठ साल तक अदालत में सुनवाई चली। आखिरकार इस साल 6 जून को इंदौर की अदालत ने बलराम मकवाना को हिमांशु और श्रेया की हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। नाबालिग आरोपियों का मामला बाल न्यायालय में विचाराधीन है। लेकिन इस पूरे मामले का सबसे बड़ा किरदार, गैंग का कथित सरगना ईश्वर भील, अब भी फरार है। क्राइम फाइल्स पार्ट-1 भी पढ़ें… टूरिस्ट स्पॉट घूमने निकली लड़की और बॉयफ्रेंड लापता मध्य प्रदेश के मशहूर पर्यटन स्थल पातालपानी को एक खूंखार गैंग ने अपना शिकारगाह बना लिया था। बदमाश मौका मिलते ही कपल्स को घेर लेते, लूटपाट करते, युवतियों के साथ दरिंदगी करते, अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करते और फिर धमकाकर छोड़ देते। पढ़ें पूरी खबर…

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