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ममता जो सीट हारी, वहां EVM-VVPAT सुरक्षित रखने का आदेश:HC बोला- मामले की सुनवाई के दौरान उनकी जांच होगी; शुभेंदु 15 हजार वोटों से जीते थे

कलकत्ता हाईकोर्ट ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल की भवानीपुर विधानसभा सीट के रिजल्ट में गड़बड़ी के आरोपों पर सुनवाई की। कोर्ट ने मतगणना से जुड़े सभी अहम साक्ष्य सुरक्षित रखने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि EVM, VVPAT, CCTV फुटेज और अन्य संबंधित रिकॉर्ड संरक्षित रखे जाएं। जरूरत पड़ने पर उनकी जांच होगी। जस्टिस गौरांग कांत ने मतगणना केंद्र रहे शेखावाटी मेमोरियल स्कूल के अंदर और बाहर लगे सभी CCTV कैमरों की फुटेज सुरक्षित रखने का भी आदेश दिया। अदालत ने मामले में सभी संबंधित पक्षों को शामिल करने के निर्देश भी दिए हैं। इसके तहत मुख्यमंत्री शुभेंदु उनके सलाहकार सुभ्रत गुप्ता और सुनील अग्रवाल को पक्षकार बनाने का आदेश दिया गया है। भवानीपुर सीट पर शुभेंदु अधिकारी ने पूर्व CM ममता बनर्जी को 15,105 वोटों से हराया था। 16 जून : ममता ने कलकत्ता हाईकोर्ट में अपनी हार को चुनौती दी ममता बनर्जी ने 16 जून को भवानीपुर सीट के चुनावी नतीजे को कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। ममता खुद याचिका दाखिल करने हाईकोर्ट पहुंचीं और रिजल्ट की वैधता की जांच करने की मांग की। उन्होंने याचिका में कहा कि चुनाव गलत तरीके से हुआ है। 12 राउंड की काउंटिंग के बाद इलेक्शन एजेंट और मुझे पीटा गया और बाहर कर दिया गया। भवानीपुर सीट से ममता तीन बार विधायक रह चुकी हैं। चुनाव के दौरान उन्होंने मतगणना में गड़बड़ी और अपने साथ मारपीट के आरोप भी लगाए थे। 3 मई: रिजल्ट से एक दिन पहले ममता 4 घंटे स्ट्रॉन्गरूम में रहीं 4 मई को बंगाल विधानसभा के रिजल्ट आए थे। एक दिन पहले 3 मई को काउंटिंग सेंटर के बाहर हंगामा हुआ था। TMC कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि BJP के झंडे वाली कार को बिना जांच के भवानीपुर के स्ट्रॉन्गरूम परिसर में एंट्री दी गई। इस दौरान ममता करीब 4 घंटे स्ट्रॉन्गरूम में रहीं। ममता ने मतगणना के दिन आरोप लगाया कि राज्य की कई सीटों पर जानबूझकर मतगणना रोकी गई। भाजपा और चुनाव आयोग मिलकर चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। ममता ने दावा किया कि केंद्रीय बलों और भाजपा के दबाव में काम हो रहा है। 4 मई: ममता बोलीं थीं- मुझे धक्का दिया, मारा-पीटा ममता 4 मई को शेखावाटी मेमोरियल स्कूल में काउंटिंग सेंटर पर पहुंची थी। कुछ देर वहां रहने के बाद उन्होंने बाहर आकर कहा था कि उनके पोलिंग एजेंट को जबरन बाहर निकाला गया। ममता का आरोप था कि उन्हें धक्का दिया गया और मारा पीटा गया। साथ ही काउंटिंग सेंटर में प्रवेश नहीं करने दिया गया। उन्होंने कहा था। शुभेंदु अधिकारी ने कहा था- ममता ड्रामेबाजी कर रहीं शुभेंदु अधिकारी ने ममता के आरोपों को खारिज किया था। उन्होंने कहा था कि ममता ड्रामेबाजी कर रही हैं और इससे चुनाव परिणाम नहीं बदलने वाला। शुभेंदु ने कहा था कि ममता हार की आशंका से परेशान हैं और ईवीएम से जुड़े आरोप निराधार हैं। बंगाल में भाजपा पहली बार जीती पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित हुए थे। भाजपा ने 208 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया था, जबकि तृणमूल कांग्रेस (TMC) को 80 सीटें मिली थीं। इसके बाद शुभेंदु अधिकारी राज्य के मुख्यमंत्री बने थे। 2021: नंदीग्राम में शुभेंदु से हार के बाद भी ममता हाईकोर्ट पहुंचीं थीं शुभेंदु अधिकारी ने 2021 में नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी को करीब 1,956 वोटों से हराया था। 17 जून 2021 को ममता बनर्जी ने कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर की थी। इसमें नंदीग्राम से शुभेंदु अधिकारी की जीत को चुनौती दी। रिजल्ट के बाद टीएमसी ने रीकाउंटिंग की मांग की थी, लेकिन चुनाव आयोग ने इसे स्वीकार नहीं किया था। ———————————————– यह खबर भी पढ़ें… ममता बोलीं- पुलिस TMC कार्यकर्ताओं को धमकी दे रही, लेकिन मैं विरोध करती रहूंगी, लडूंगी या मर जाऊंगी तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने उनके भतीजे और सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले, चुनाव के बाद हिंसा और फेरीवालों को हटाने के विरोध में धरना दिया। धरना स्थल पर बनर्जी ने कहा- हमें मंच बनाने और माइक्रोफोन इस्तेमाल करने की परमिशन नहीं दी गई। पुलिस TMC वर्कर्स को प्रदर्शनों में हिस्सा न लेने की धमकी दे रही है लेकिन मैं विरोध करती रहूंगी। पूरी खबर पढ़ें…

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