मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष संजय नगायच ने सांवेर विधानसभा के पालिया गांव में स्थित कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के चार वेयरहाउसों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान नागायच ने दावा किया कि पटवारी के वेयरहाउसों में फायर सेफ्टी (आग बुझाने के इंतजाम) जैसी बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है। वहां नियमों का खुला उल्लंघन हो रहा है। नगायच ने मौके पर ही अधिकारियों को निर्देश दिए कि नियमों के उल्लंघन के मामले में पटवारी को नोटिस जारी किया जाए। उनके वेयरहाउसों से सरकारी अनाज रखने की पात्रता खत्म की जाए (बेदखल किया जाए)। इस कार्रवाई और आरोपों के सामने आने के बाद पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने तत्काल वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के महाप्रबंधक अनुराग वर्मा को फोन लगाया। उन्होंने दोटूक शब्दों में अधिकारी से कहा कि सरकार को लगता है कि नियमों का उल्लंघन हो रहा है, तो वे तुरंत उनके वेयरहाउस खाली कर दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी के दबाव में नहीं झुकेंगे और न ही राजनीतिक द्वेष भावना से की जा रही ऐसी बेइज्जती को बर्दाश्त करेंगे। अध्यक्ष बोले- आग बुझाने के लिए रेत और बाल्टी तक नहीं वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष संजय नगायच ने जीतू पटवारी के वेयरहाउस निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने कहा कि जीतू पटवारी इतने बड़े नेता हैं, लेकिन उनके वेयरहाउस में आग बुझाने के लिए रेत और बाल्टी तक का इंतजाम नहीं था। उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिए कि मामले को गंभीरता से लेते हुए नोटिस जारी किया जाए। नगायच ने यह भी कहा कि उन्होंने केवल पटवारी ही नहीं बल्कि प्रदेश के लगभग 100 वेयरहाउसों का दौरा किया है। पटवारी बोले: कोई याचन-नाचन मेरे वेयरहाउस गए थे इसके बाद जीतू पटवारी ने कॉर्पोरेशन के महाप्रबंधक अनुराग वर्मा से फोन पर कहा “कोई याचन-नाचन बने हैं नए… मैं उनको नहीं जानता, वो वेयरहाउसिंग के कुछ हैं। वो हमारे वेयरहाउस पर गए थे और कह रहे हैं कि अंदर-बाहर जाले क्यों लगे हैं। मेरा आपसे आग्रह है कि मैंने पहले भी लिखकर दिया था और आज आपको भी चिट्ठी भेज दी है। आप अगर खाली कर सको तो हमारा वेयरहाउस खाली कर दो। हम कोई सरकार के दबाव में रूल नहीं तोड़ेंगे, आपके अनाज का पूरा ध्यान रखेंगे और कोई कमी भी नहीं छोड़ेंगे। अगर आप खाली करो तो बड़ी मेहरबानी होगी। जीएम बोले- मैं चेक करता हूं कि कौन गया था जब पटवारी ने ये सारी बातें कहीं, तो वर्मा ने असमंजस में पूछते हुए कहा, “मैं चेक करता हूं कि कौन गया था?” इस पर पटवारी ने दोबारा कहा कि कोई बीजेपी के नेता हैं, जिनकी अभी वेयरहाउसिंग में पोस्टिंग हुई है, वही गए थे। तब महाप्रबंधक ने स्पष्ट किया— “सर, वो संजय नगायच होंगे।” किराए का भुगतान नहीं होता और बेइज्जती कर रहे महाप्रबंधक की ओर से नाम स्पष्ट किए जाने पर जीतू पटवारी ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा- हां, नरायच (नागायच)…। वो अगर इस तरीके का बिहेवियर करेंगे कि हम किसी के कर्जदार हैं, तो भैया ये नहीं होगा। हमारा विनम्रता से आग्रह है, मैंने पहले भी लिखकर दिया था कि हमारा सेंटर चाहो तो भले हटा दो। पहले भी लिखकर दे चुका हूं, आज फिर भेज रहा हूं। आप तो माल खाली कर दो। आपका माल पूरी तरह सुरक्षित है, उसमें एक नए पैसे की भी कमी नहीं है। आप जिस दिन आएंगे, आपके नियमित अधिकारी निरीक्षण करते ही होंगे। पटवारी ने अपनी बात खत्म करते हुए कहा, “हमें अगर इस तरीके से बेइज्जत करेंगे… एक तो वेयरहाउस का पहले तो टाइम पर किराया नहीं देते, ऊपर से हम यहां बेइज्जती कराने के लिए नहीं बैठे हैं। आप वहां से अपना माल हटाओ।” इस पर जीएम वर्मा ने केवल इतना ही कहा— “ठीक है सर…” संजय नगायच बोले- जीतू पटवारी ने अधिकारियों को धमका मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉरपोरेशन के अध्यक्ष संजय नगायच ने कहा- इंदौर और उज्जैन संभाग के वेयरहाउसों का निरीक्षण किया। कमियां मिलीं, वहां नोटिस जारी किए जा रहे हैं। निरीक्षण के समय उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि संबंधित वेयरहाउस जीतू पटवारी का है। नगायच ने कहा- नियम सभी के लिए समान हैं। नेता, अधिकारी या आम व्यक्ति, किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर कार्रवाई होगी। नाबार्ड और केंद्र सरकार की सब्सिडी से बने वेयरहाउस में अनुबंध और सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है। जीतू पटवारी ने अधिकारियों को धमकाने और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया, जो कांग्रेस की कार्यशैली को दर्शाता है।
