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शिवसेना के 6 बागी विधायकों में से 2 सामने आए:निम्बालकर ने कहा- मैं शिंदे के साथ, नागेश पाटिल बोले- उद्धव से नाराज नहीं

उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) के बागी 6 विधायकों में से दो रविवार को सामने आए। धराशिव के सांसद ओमराजे निंबालकर ने पुणे में कार्यकर्ताओं के साथ एक बैठक में ऐलान किया कि वह एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होंगे। वहीं, हिंगोली से सांसद नागेश पाटिल आष्टीकर ने सोशल मीडिया के जरिए अपना रुख साफ किया है। उन्होंने कहा- मैं पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे से बिल्कुल भी नाराज या परेशान नहीं हूं। बगावत का मुख्य कारण निर्वाचन क्षेत्र का विकास और धन की कमी है। पार्टी के 6 सांसदों ने की है बगावत पार्टी के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 सांसदों ने बगावत कर दी थी। 17 जून को बागी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को लेटर सौंपकर खुद को अलग समूह के रूप में मान्यता देने की मांग की थी। सांसदों ने चिट्‌ठी में उद्धव से अलग होने की वजह बताते हुए दावा किया है कि ठाकरे गुट के सीनियर नेता शिवसेना का विलय कांग्रेस में करना चाहते थे। उद्धव विचारधारा बदल चुके हैं। पार्टी का अस्तित्व बचाने के लिए हम अलग हो रहे हैं। मेरी छवि खराब की जा रही है: निम्बालकर ओमराजे निम्बालकर ने कहा- महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मेरे खिलाफ नतीजे घोषित होते ही तुरंत संज्ञान लिया। अब हमें फैसला लेना होगा। कई कार्यकर्ताओं ने मुझे बताया कि मेरी छवि खराब की जा रही है। कुछ लोग कह रहे थे कि मैं नतीजे घोषित करने गया था। हमें कई कामों में दिक्कतें भी आ रही हैं। इसलिए मैं चाहता हूं कि आप मेरे हर फैसले में मेरा साथ दें। कई लोगों ने मुझे फोन किया है। आखिर हमें भी तो जीना है। 18 जून तक हममें से कोई कहीं नहीं गया था: अष्टिकर विद्रोह के समय के बारे में बताते हुए नागेश पाटिल अष्टिकर ने कहा- 18 जून तक हममें से कोई कहीं नहीं गया था। लेकिन उसके बाद, पार्टी ने जिस तरह से हद से ज्यादा बयानबाजी की, उससे कई साथियों को लगा कि अब यहीं रुकने का कोई मतलब नहीं है और उन्होंने यह कदम उठाया। कृपया, कोई भी असंवैधानिक भाषा न बोले, गुस्सा जरूर व्यक्त करें लेकिन असंवैधानिक भाषा न बोलें, शब्द मन के लिए बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। क्योंकि, हमारे अपने गांव के बबूल और हमारे अपने गांव की बोरियां। शिवसेना (UBT) के कांग्रेस में विलय का ऐलान महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़े घटनाक्रम की चर्चा तेज हो गई है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) कांग्रेस में विलय का ऐलान कर सकती है। शिवसेना (UBT), कांग्रेस और एनसीपी (शरद पवार गुट) पहले से ही महाविकास अघाड़ी (MVA) गठबंधन में हैं। शिवसेना के 60वें स्थापना दिवस पर शुक्रवार को शिवसेना (UBT) चीफ उद्धव ठाकरे ने कहा था- कांग्रेस के साथ हमारे पॉलिटिकल मतभेद रहे हैं, लेकिन उसने कभी शिवसेना को खत्म करने की कोशिश नहीं की, जैसा BJP कर रही है। शिंदे बोले- 2022 में हुई टूट का जनता का समर्थन मिला शिवसेना के 60वें स्थापना दिवस पर शुक्रवार को उद्धव ठाकरे गुट और एकनाथ शिंदे वाली शिवसेना ने मुंबई में अलग-अलग रैलियां और कार्यक्रम किए। उद्धव गुट का कार्यक्रम सायन के षणमुखानंद हॉल में हुआ। शिंदे गुट का गोरेगांव के नेस्को सेंटर में आयोजित हुआ। इस दौरान एकनाथ शिंदे ने कहा कि उनकी बगावत को जनता का समर्थन मिला है। आज उनकी अगुवाई वाली शिवसेना के पास विधायक, सांसद और स्थानीय निकायों में मजबूत प्रतिनिधित्व है। पार्टी में 4 साल में दूसरी बार टूट जून 2022 में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में 39 विधायकों ने बगावत कर शिवसेना को दो हिस्सों में बांट दिया था। इसके बाद चुनाव आयोग ने शिंदे गुट को शिवसेना नाम और धनुष-बाण चुनाव चिह्न दिया था। अब 6 सांसदों की बगावत पिछले चार साल में पार्टी के लिए दूसरी बड़ी टूट है। उद्धव की बैठक में 3 सांसद नहीं पहुंचे उद्धव ठाकरे ने 18 जून को शिवसेना (UBT) के संसदीय दल की दिल्ली में बैठक बुलाई थी। इस बैठक में 9 में से सिर्फ 3 लोकसभा सांसद अनिल देसाई, अरविंद सावंत और राजाभाऊ वाजे पहुंचे थे। संजय राउत ने कहा कि हमारे सांसदों को किडनैप किया गया है। जो बैठक में आएगा वो हमारे साथ है, जो नहीं आएगा वो गद्दार। 6 सांसदों के गुट को दल-बदल कानून से मिल सकती है राहत लोकसभा में शिवसेना (UBT) के 9 सांसद हैं। दल-बदल कानून के तहत किसी दल में टूट के बाद अयोग्यता से बचने के लिए कम से कम दो-तिहाई सांसदों का साथ होना जरूरी है। यानी अगर 9 में से 6 सांसद एक साथ अलग होने का फैसला करते हैं, तो वे खुद को वैध गुट बताने का दावा कर सकते हैं। इसी वजह से 6 सांसदों के बगावत करने की खबर राजनीतिक और कानूनी, दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जानकारों के मुताबिक, सिर्फ अलग गुट बनाना ही काफी नहीं होगा। आगे चलकर इन सांसदों को किसी दूसरे दल में विलय की प्रक्रिया भी पूरी करनी पड़ सकती है, ताकि उनकी स्थिति कानूनी रूप से और मजबूत हो सके। शिवसेना से पहले AAP-TMC के 27 सांसद बागी हुए पिछले 3 महीने के दौरान विपक्षी गुट के 27 सांसदों ने अपनी पार्टी से बगावत करते हुए भाजपा या NDA को समर्थन दिया है। इनमें 7 AAP के राज्यसभा सांसद और 20 TMC के लोकसभा सांसद हैं। शिवसेना (UBT) में टूट की अटकलों के बीच सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) चीफ और यूपी के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी में बड़ी टूट होने वाली है और पार्टी के कई नेता BJP में शामिल होने के लिए तैयार हैं। सपा चीफ अखिलेश यादव ने पार्टी में टूट की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि सपा मजबूत और एकजुट है। अखिलेश ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा के अपने विधायक पाला बदलने वाले हैं। —————————————- ये खबर भी पढ़ें… उद्धव की पार्टी टूटी, राउत ने प्रेस-कॉन्फ्रेंस में गाली दी, 9 में से 6 सांसद बागी महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) के 9 में से 6 सांसदों ने बगावत कर दी है। दिल्ली में राज्यसभा सांसद संजय राउत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बागी सांसदों को गाली दी। राउत ने कहा- ये साले #$% के। ये बेईमान लोग हैं। बेईमानी उनके खून में हैं। पूरी खबर पढ़ें…

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