बेटी 3 साल से लगातार मेहनत कर रही थी। पिछला NEET एग्जाम बहुत अच्छा गया था। उसने सबको बताया भी था और खुश थी। लेकिन, फिर पेपर लीक हो गया। 2 दिन बाद होने वाले नीट री-एग्जाम की तैयारी में लगी थी यह कहना है इंदौर में गुरुवार (18 जून) को छत से कूदने वाली छात्रा अवंतिका के पिता डॉ. बंशीलाल मौर्य का। उन्होंने कहा कि वह तीन बार नीट परीक्षा दे चुकी थी। चौथी बार हिम्मत नहीं जुटा सकी और तनाव के चलते उसने यह कदम उठा लिया। दूसरी ओर, पड़ोसियों ने हादसे के वक्त धमाके की आवाज आने की बात कही है। मां बोदरबाई ने सबसे पहले एक युवक के चिल्लाने की आवाज सुनी थी कि कोई नीचे गिर गया है। वह घबराकर पहले छत की ओर दौड़ीं। वहां से देखा कि अवंतिका छत पर रखी कुर्सी पर पैर रखकर नीचे छलांग लगा चुकी थी। बता दें, अवंतिका को गंभीर हालत में गंभीर हालत में पहले निजी अस्पताल और फिर एमवाय हॉस्पिटल पहुंचाया गया। शुक्रवार सुबह (19 जून) उसकी मौत हो गई। पिता बोले- खाना खाकर सब सोने जा रहे थे डॉ. बंशीलाल मौर्य ने दैनिक भास्कर को बताया कि वे खरगोन के भिकनगांव में मेडिकल ऑफिसर हैं। एमवाय अस्पताल में ट्रेनिंग की वजह से पांच दिन पहले ही परिवार सहित इंदौर आए थे। बेटी अपनी बड़ी बहन सपना के साथ फ्लैट में रहकर नीट की तैयारी कर रही थी। सपना भी डॉक्टर है। गुरुवार को फ्लैट में पूरा परिवार, मां और भाई भी मौजूद था। सभी लोग खाना-पीना खाकर सोने की तैयारी में लगे थे। अवंतिका खाना खाने के बाद टहलते हुए बाहर निकली और यह हादसा हो गया। अवंतिका के पिता ने बताया कि बेटी अब तक तीन बार परीक्षा दे चुकी थी लेकिन पास नहीं हुई। पिछले पेपर के बाद उसने बताया था कि पिछला एग्जाम उसका बहुत अच्छा गया था। वह खुश भी थी लेकिन पेपर फिर लीक हो गया। डॉक्टर बनकर सेवा करना चाहती थी पिता ने बताया कि बेटी पिछले 3 साल से डॉक्टर बनने का सपना लेकर मेहनत कर रही थी, लेकिन सिलेक्शन न होने के कारण वह पिछले 5-6 महीनों से तनाव में चली गई थी। अगर हम कहते भी कि बेटा परेशान होने की बात नहीं है, तो वह हमेशा कहती थी कि डॉक्टर बनना है, सेवा करनी है। शुरुआती 2 साल उसने ऑफलाइन कोचिंग की और इस बार वह घर पर ही ऑनलाइन पढ़ाई कर रही थी। उसका बचपन से डॉक्टर बनकर लोगों की बेहतर सेवा करने का सपना था, लेकिन लगातार मेहनत के बाद भी उसका सिलेक्शन नहीं हो पा रहा था, जबकि उसके साथ के अन्य बच्चों का सिलेक्शन हो गया था। वह पिछले 5-6 महीने से काफी डिप्रेशन (तनाव) में रहने लगी थी। पिछले 4-5 महीनों से तो सबसे कम बातचीत करती थी। वह अपनी मां से भी अक्सर दुखी होकर दोस्तों और घर के बाकी लोगों के पेपर में पास होने को लेकर बात किया करती थी। पिछले 5 दिनों से पूरा परिवार साथ ही था। अवंतिका के शांत रहने पर मां ने उससे जब वजह पूछी, तो उसने पढ़ाई के तनाव और दोस्तों व परिवार के बच्चों के परीक्षा में पास होने की बात कही थी। वह परिवार के लोगों से भी कम से कम बात करती थी और बस यही कहती थी कि उसका सिलेक्शन नहीं हो रहा है। वह अपनी मां से भी अक्सर यही कहती थी कि ‘मेरा सिलेक्शन नहीं हो रहा है।’ उसे इसी बात का सबसे ज्यादा डिप्रेशन था। धमाके की आवाज सुन दौड़कर बाहर आईं लड़कियां जिस बिल्डिंग में अवंतिका रहती थी, उसी बिल्डिंग में रहने वाला एक युवक देर रात नीचे पानी भरने के लिए गया हुआ था। उसने ही सबसे पहले अवंतिका को ऊपर से नीचे गिरते हुए देखा। युवक ने तुरंत आगे बढ़कर उसे उठाया और पानी पिलाया, लेकिन उसे होश नहीं आया। उसी युवक ने चिल्लाकर सबसे पहले परिजनों को इस हादसे की सूचना दी। इधर, जिस बिल्डिंग से कूदकर अवंतिका ने सुसाइड किया, उसके पड़ोस की बिल्डिंग में तीन लड़कियां किराए से रहती हैं, जो उस वक्त अपने घर के भीतर ही थीं। उन लड़कियों ने बताया कि जैसे ही अवंतिका ने ऊपर से छलांग लगाई, तो उन्हें कुछ बोरी जैसी चीज के नीचे गिरने के जोर से धमाके की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनते ही वे सभी लड़कियां दौड़कर तुरंत बाहर आ गईं। हंसकर बात करती थी, लगा नहीं ऐसा कदम उठाएगी गली में किराने की दुकान चलाने वाली महिला ने कहा कि वह स्वभाव से बहुत अच्छी थी। अक्सर उनकी दुकान में सामान लेने आया करती थी। यहां आकर वह मेरी बच्चियों से बात भी करती थी। हमने कभी भी उसे गुस्से या तनाव में नहीं देखा, वह हमेशा सभी से हंसकर ही बात करती थी। उसे देखकर कभी लगा ही नहीं था कि वह इतना बड़ा कदम उठा लेगी। मां ने नीचे देखा तो बेटी सड़क पर पड़ी थी अवंतिका के छत से कूदने की बाद मां बोदरबाई सहम गई और जल्दबाजी में सबसे पहले दौड़ लगाकर छत की ओर पहुंची। नीचे देखा तो बेटी सड़क पर पड़ी हुई थी। अवंतिका ने तीसरे माले में रखी कुर्सी पर छड़कर वहां से छलांग लगा दी। घटना के बाद से मां सहित पूरा परिवार सदमें मे है। मां को बार बार चक्कर आने पर बड़ी बेटी सोनम और उसकी चचेरी बहन पानी पिलाकर ढंढ़स बांधती रहीं। अवंतिका की बड़ी बहन सपना उसके साथ ही फ्लैट में रहती है और डॉ है। वही छोटा भाई 7वीं क्लास में है। यह खबर भी पढ़ें… नीट स्टूडेंट ने तीसरी मंजिल से कूदकर सुसाइड किया इंदौर में नीट की तैयारी कर रही छात्रा गुरुवार देर रात तीसरी मंजिल से कूदकर सुसाइड कर लिया। उसे गंभीर हालत में पहले निजी अस्पताल और फिर एमवाय हॉस्पिटल पहुंचाया गया। उसे गंभीर हालत में पहले निजी अस्पताल और फिर एमवाय हॉस्पिटल पहुंचाया गया। शुक्रवार सुबह उसकी मौत हो गई। पूरी खबर यहां पढ़ें…
