Homeमध्यप्रदेशकिसान संगठन के पदाधिकारी ने पत्रकार को बल्ले से मारा:घर बुलाकर अभद्रता...

किसान संगठन के पदाधिकारी ने पत्रकार को बल्ले से मारा:घर बुलाकर अभद्रता कर पीटने का आरोप; खबर में फोटो-नाम न देने की नाराजगी

नर्मदापुरम जिले के इटारसी में न्यूज में नाम प्रकाशित नहीं होने की नाराजगी एक मीडियाकर्मी पर हमले तक पहुंच गई। क्रांतिकारी मजदूर संगठन के यूथ विंग प्रदेशाध्यक्ष अरुण पटेल पर आरोप है कि उन्होंने पत्रकार को घर बुलाकर क्रिकेट बैट से हमला किया। इस हमले में पत्रकार घायल हो गया। घटना के बाद दोनों पक्ष इटारसी थाने पहुंचे, जहां पुलिस ने दोनों की शिकायत पर काउंटर केस दर्ज किया है। सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार पत्रकार राकेश पटेल डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए काम करते हैं। विवाद की शुरुआत तब हुई जब अरुण पटेल ने सोशल मीडिया पर राकेश की एक खबर को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की। शुक्रवार सुबह करीब 7:30 बजे राकेश ने फोन कर इस पोस्ट पर आपत्ति जताई। बताया जा रहा है कि बातचीत के दौरान अरुण ने राकेश को घर बुलाकर आमने-सामने चर्चा करने की बात कही। घर पहुंचते ही हुआ हमला
राकेश पटेल का आरोप है कि जब वह अरुण के घर पहुंचे तो वहां पहले गाली-गलौज हुई। विरोध करने पर अरुण, उनकी पत्नी राधिका और एक अन्य व्यक्ति ने उन्हें पकड़ लिया और क्रिकेट बैट से सिर, हाथ, कमर, जांघ और सीने पर हमला कर दिया। आरोप है कि इस दौरान जान से मारने की धमकी भी दी गई। घायल पत्रकार को इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां सिटी स्कैन में सिर में अंदरूनी चोट की पुष्टि हुई है। अरुण पटेल ने भी लगाए आरोप
दूसरी ओर अरुण पटेल ने आरोप लगाया कि राकेश पटेल अक्सर खबरों में नाम और फोटो बदल देते थे या प्रकाशित नहीं करते थे। इस बात को लेकर उन्होंने कई बार आपत्ति भी जताई थी। अरुण का कहना है कि शुक्रवार को राकेश खुद उनके घर पहुंचे और वहां अपशब्द कहते हुए मारपीट की। इटारसी थाना प्रभारी सौरभ पांडे ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर काउंटर केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच जारी है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अपमानित करना गलत
अरुण पटेल ने अपने चौरिया जन जागृति एकता नाम के व्हाट्सएप ग्रुप पर रात 12.30 बजे एक पोस्ट की। जिसमें राकेश पटेल को सार्वजनिक रूप से अमर्यादित भाषा लिख अपमानित किया। लेकिन इसे लेकर पुलिस द्वारा धारा नहीं बढ़ाई गई। सीनियर अधिवक्ता अनूप कुमार सिंह बताते है कि किसी व्यक्ति के विरुद्ध सोशल मीडिया, व्हाट्सएप ग्रुप, फेसबुक अथवा अन्य डिजिटल माध्यम पर अपमानजनक या मानहानिकारक टिप्पणी करना कानूनन अपराध हो सकता है। यदि किसी पोस्ट से किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचती है, उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित किया जाता है या उसके बारे में आपत्तिजनक आरोप लगाए जाते हैं, तो परिस्थितियों के अनुसार भारतीय न्याय संहिता (BNS) की मानहानि, जानबूझकर अपमान का अपराध हो सकता है। यदि पीड़ित पक्ष को लगता है कि उसकी शिकायत के अनुरूप उचित कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है, तो वह वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों अथवा सक्षम न्यायालय के समक्ष विधिक कार्यवाही कर सकता है।

Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
Related News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here