दमोह जिले की पथरिया थाना पुलिस ने एक नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता की पहचान और निजता को सोशल मीडिया पर सार्वजनिक करने के मामले में दो यूट्यूबरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध पॉक्सो और जेजे एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। लाइव वीडियो में उजागर की थी पहचान एक सामाजिक कार्यकर्ता नित्या प्यासी द्वारा दमोह एसपी और कोतवाली टीआई को दी गई शिकायत में बताया गया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित एक लाइव वीडियो के दौरान यूट्यूबर पुष्पेंद्र लोधी और एक अन्य यूट्यूबर ने पथरिया थाना क्षेत्र की नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता की पहचान पूरी तरह उजागर कर दी। वीडियो में पीड़िता के गर्भवती होने और बच्चे को जन्म देने जैसी बेहद संवेदनशील जानकारी भी सार्वजनिक की गई, जिससे उसकी निजता पर गंभीर प्रभाव पड़ा। दो महीने पुराना है मामला पथरिया एसडीओपी प्रिया सिंधी ने बताया कि करीब दो महीने पहले पथरिया थाना क्षेत्र में एक नाबालिग से दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ था। इसी मामले को लेकर दोनों यूट्यूबरों ने लाइव बातचीत के दौरान कानून और नियमों का उल्लंघन करते हुए पीड़िता का नाम लिया था। पुलिस कर रही आरोपियों की तलाश सामाजिक कार्यकर्ता की शिकायत और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पथरिया थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़िता की पहचान छिपाना कानूनी रूप से अनिवार्य है और इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं। फिलहाल दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम तलाश में जुटी है।
