इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर प्रोजेक्ट का बहुप्रतीक्षित भूमि पूजन 20 जून को इंदौर जिले के चंद्रावतीगंज में आयोजित किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। यह कॉरिडोर विशेष रूप से सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है जिससे लाखों श्रद्धालुओं और यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी। कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने के लिए बुधवार को जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट और कलेक्टर शिवम वर्मा ने चंद्रावतीगंज स्थित सागर गार्डन पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों के साथ कार्यक्रम स्थल का विस्तृत भ्रमण कर विभिन्न विभागों द्वारा की जा रही तैयारियों की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान मंच, पार्किंग, यातायात प्रबंधन, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, सुरक्षा व्यवस्था और बैठक व्यवस्था सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं की जानकारी ली गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी तैयारियां समय पर पूर्ण की जाएं और कार्यक्रम में आने वाले अतिथियों एवं आमजन की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। मंत्री सिलावट और कलेक्टर वर्मा ने कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने तथा सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए। प्रशासन ने कार्यक्रम को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रोजेक्ट की प्रमुख बातें क्या होगा फायदा? दो साल में होगा पूरा निर्माण एजेंसी को प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए लगभग 24 महीने का समय दिया गया है। सरकार की कोशिश है कि यह कॉरिडोर सिंहस्थ-2028 से पहले पूरी तरह तैयार हो जाए। इसलिए है महत्वपूर्ण यह सिर्फ एक सड़क प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि इंदौर-उज्जैन धार्मिक, आर्थिक और पर्यटन कॉरिडोर के रूप में देखा जा रहा है। महाकाल लोक, ओंकारेश्वर, इंदौर एयरपोर्ट और औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ने वाली यह परियोजना मालवा क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
