मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने बुधवार को सीहोर दौरे के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के रजिस्ट्रेशन और उसकी काम करने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने मीडिया से बातचीत में RSS के साथ-साथ राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर भी निशाना साधा। दिग्विजय सिंह ने देश के नियमों का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी समिति या संगठन के लिए रजिस्ट्रेशन, सदस्य बनाना और बैंक खाता होना जरूरी होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि RSS का कोई आधिकारिक रजिस्ट्रेशन नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब संगठन रजिस्टर्ड ही नहीं है, तो उसमें आने वाला पैसा कौन संभालता है और वह पैसा कहां जाता है। उन्होंने इसकी उच्च स्तर पर जांच की मांग की। दिग्विजय सिंह बोले- संघ जिम्मेदारी से बचना चाहता है संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान का जिक्र करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि यह तर्क दिया जाता है कि संघ का रजिस्ट्रेशन इसलिए नहीं कराया जाता क्योंकि हिंदू धर्म का कोई रजिस्ट्रेशन नहीं होता। इस पर उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म हजारों साल पुराना है, उस समय रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था नहीं थी। लेकिन आज के समय में संगठन आधुनिक नियमों के अनुसार चलते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि RSS इस तरह के तर्क देकर अपनी जिम्मेदारी से बचता है। जन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप इसके अलावा राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर हमला बोलते हुए दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि अयोध्या में भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है। उन्होंने चंपत राय को वहां का सबसे भ्रष्ट व्यक्ति बताया और कहा कि वही पूरे काम के जिम्मेदार हैं। इसके अलावा उन्होंने देश और प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक और प्रशासनिक स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अपने लंबे राजनीतिक जीवन में उन्होंने ऐसी खराब स्थिति पहले कभी नहीं देखी।
