देवास जिले की टोंकखुर्द पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर एक अंधे कत्ल का पर्दाफाश करते हुए मृतक राहुल मालवीय के दो करीबी दोस्तों को शनिवार को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि पैसों के लेन-देन और चोरी की शंका को लेकर हुए विवाद के चलते दोनों आरोपियों ने अपने ही मित्र की हत्या कर दी थी। पुलिस के अनुसार, शनिवार को डायल-112 के माध्यम से सूचना मिली थी कि ग्राम आलरी स्थित एक आरओ प्लांट में राहुल मालवीय का शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी टोंकखुर्द हितेश पाटिल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करने पर मामला प्रथम दृष्टया हत्या का प्रतीत हुआ। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू की और मृतक के परिजनों, मित्रों तथा अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की। विवेचना के दौरान मिले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर मृतक के दो करीबी मित्रों को संदेह के आधार पर हिरासत में लिया गया। दोनों संदिग्धों ने गुमराह करने की कोशिश की थी
प्रारंभिक पूछताछ में दोनों संदिग्धों ने पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया। हालांकि, वैज्ञानिक एवं तथ्यात्मक आधार पर की गई सघन पूछताछ में उन्होंने हत्या करना स्वीकार कर लिया। आरोपियों ने बताया कि पैसों के लेन-देन और चोरी की शंका को लेकर उनका मृतक से विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते दोनों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी राहुल रावत (पिता जयसिंह रावत) और मोहित प्रजापत (पिता परमानंद प्रजापत), दोनों निवासी ग्राम आलरी, थाना टोंकखुर्द, जिला देवास को गिरफ्तार कर लिया है। उनके विरुद्ध हत्या का प्रकरण दर्ज किया गया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। कार्रवाई में उप निरीक्षक मलखान सिंह भाटी, उप निरीक्षक चेतन यादव, सहायक उप निरीक्षक नरेन्द्र सिंह चौहान, प्रधान आरक्षक राजेश कड़ोंदिया, जितेन्द्र चौहान, अनिल मुकाती, आरक्षक जितेन्द्र भीलाला, जोजन सिंह, वीरेन्द्र सिंह, धर्मेन्द्र प्रजापत, शंकर पटेल, रितेश अहिरवार, सैनिक जितेन्द्र, ओमप्रकाश चौधरी तथा साइबर सेल के प्रधान आरक्षक सचिन चौहान और शिवप्रताप सिंह सेंगर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
