भिंड के मेहगांव थाना क्षेत्र के पिपरौली गांव के पास बंबा में मिले 40 वर्षीय महिला के शव के मामले में पुलिस ने 10 दिन के भीतर सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मुख्य आरोपी ने अपनी पुरानी प्रेमिका के साथ संबंध बनाए रखने के लिए अपनी कथित पत्नी की गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद पहचान मिटाने के इरादे से साथी से उसके चेहरे पर फावड़े से कई वार कराए और शव को पिपरौली के पास फेंककर फरार हो गए। मेहगांव एसडीओपी संजय कोच्छा ने बताया कि 3 जून की सुबह पिपरौली गांव के समीप बंबा में एक महिला का शव मिला था। चेहरे पर गंभीर चोटें थीं, जिससे उसकी पहचान नहीं हो पा रही थी। घटनास्थल की जांच के दौरान पुलिस को फटी हुई हालत में एक रेलवे टिकट मिला। टिकट के टुकड़ों को जोड़ने पर पता चला कि वह मथुरा से ग्वालियर की यात्रा का था। इसके बाद पुलिस की जांच का पूरा फोकस रेलवे रूट पर आ गया। पुलिस ने खंगाले 500 सीसीटीवी
जांच टीम मथुरा पहुंची और करीब 500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। एक महिला की साड़ी के आधार पर उसकी पहचान की कड़ी मिली। फुटेज में उसके साथ एक युवक भी दिखाई दिया। इसके बाद ग्वालियर रेलवे स्टेशन और फिर भिंड की ओर जाने वाले मार्ग के सीसीटीवी खंगाले गए। जांच में सामने आया कि महिला ग्वालियर से भिंड की ट्रेन में सवार हुई और सोनी रेलवे स्टेशन पर उतरी, जहां उसके साथ दो युवक नजर आए। पुलिस ने पहचान के आधार पर अजनौल निवासी नारायण बघेल को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने पूरी वारदात स्वीकार कर ली। आरोपी ने बताया कि करीब तीन साल पहले सूरत में उसकी मुलाकात प्रतापगढ़ निवासी इंद्रावती से हुई थी और दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए। बाद में दोनों ने दंदरौआ में मंदिर में शादी भी की थी। वहीं दूसरी ओर उसका करीब 10 साल पुराना प्रेम संबंध भिंड निवासी संगीता बघेल से भी था। मारने के बाद चेहरे पर किए थे फावड़े से वार
पुलिस के अनुसार, इंद्रावती शादी के बाद लगातार साथ रहने और अधिकारों की बात कर रही थी। करीब आठ माह पहले उसने पुलिस में आवेदन भी दिया था। इसी बीच संगीता लगातार नारायण पर इंद्रावती से संबंध खत्म करने का दबाव बना रही थी। इससे छुटकारा पाने के लिए नारायण ने अपने दोस्त इटावा निवासी कुंदन बाथम के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। आरोपी ने पुलिस को बताया कि दोनों इंद्रावती को लेकर मथुरा, आगरा और ग्वालियर होते हुए सोनी रेलवे स्टेशन पहुंचे। वहां से शॉर्टकट रास्ते से मेहगांव और पिपरौली की ओर पैदल जाते समय सुनसान स्थान पर नारायण ने इंद्रावती का गला घोंट दिया। इसके बाद कुंदन बाथम ने फावड़े से चेहरे पर कई वार किए ताकि उसकी पहचान न हो सके। वारदात के बाद शव को बंबा के पास छोड़कर दोनों फरार हो गए।
