मध्य प्रदेश के ग्वालियर के तिघरा डैम में शनिवार रात MBBS के 8 स्टूडेंट्स में 2 दोस्त डूब गए। दोनों का पैर फिसल गया, जिससे करीब 40-50 फीट की गहराई में समा गए। सभी दोस्त पिकनिक मनाने आए थे। हादसा बोट क्लब से करीब 3 किलोमीटर दूर कच्ची पार इलाके में हुआ है। यह इलाका रिस्ट्रिक्ट जोन है। घटना के बाद शनिवार रात से ही SDRF और स्थानीय गोताखोरों की टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है। देर रात एक छात्र का शव बरामद कर लिया गया। पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू की निगरानी कर रहे हैं। 8 छात्रों का ग्रुप पिकनिक मनाने पहुंचा था डैम पर जानकारी के अनुसार, गजराराजा मेडिकल कॉलेज (GRMC) के 8 छात्र-छात्राओं का एक ग्रुप पिकनिक मनाने तिघरा डैम पहुंचा था। इसमें 4 छात्राएं और 4 छात्र शामिल थे। इसी दौरान दो छात्र आयुष श्रीवास्तव (निवासी मुजफ्फरपुर, बिहार) और गोपाल अग्रवाल (निवासी बीना, सागर, मध्य प्रदेश) पानी के किनारे नहाने चले गए। नहाते समय पैर फिसला, गहरे पानी में समा गए बताया जा रहा है कि दोनों MBBS सेकंड ईयर के छात्र थे। दोनों का पैर फिसलने से वे अचानक गहरे पानी की ओर चले गए। संतुलन बिगड़ने से डूब गए। बाकी साथी ऊपर पिकनिक स्पॉट पर मौजूद थे। जब दोनों काफी देर तक वापस नहीं लौटे तो साथियों ने उन्हें ढूंढना शुरू किया। किनारे मिले जूते-कपड़े तलाशी के दौरान कच्ची पार के पथरीले किनारे पर दोनों छात्रों के जूते सलीके से रखे हुए मिले। जूते और कपड़े देखकर साथियों को अनहोनी का अंदेशा हो गया। डूबने की आशंका के बीच तुरंत पुलिस को सूचना दी। SDRF और पुलिस का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी घटना की सूचना मिलते ही तिघरा थाना पुलिस, सीएसपी कृष्णपाल सिंह और थाना प्रभारी शिवराम सिंह कंषाना मौके पर पहुंचे। इसके बाद SDRF की टीम और स्थानीय गोताखोरों को भी रेस्क्यू में लगाया गया। अंधेरे में बोट और हाई-पावर लाइट की मदद से सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है, लेकिन डैम की गहराई और कीचड़-चट्टानों के कारण टीम को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय गोताखोरों की मदद ली जा रही सीएसपी कृष्णपाल सिंह ने बताया- स्टूडेंट्स कच्ची पार इलाके में पिकनिक मनाने आए थे। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और SDRF की संयुक्त टीम मौके पर पहुंच गई। स्थानीय गोताखोरों की मदद भी ली जा रही है। दोनों छात्रों के परिजनों को घटना की सूचना दे दी है। सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है और हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
