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विजय ने नीति आयोग बैठक में NEET का विरोध किया:MBBS-BDS में 12वीं के अंकों पर एडमिशन की मांग; PM समेत सभी राज्यों के CM शामिल हुए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में गुरुवार को दिल्ली में नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की 11वीं बैठक हुई। इसमें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, उपराज्यपाल, केंद्रीय मंत्री और नीति आयोग के अधिकारी शामिल हुए। बंगाल में भाजपा सरकार का नेतृत्व करने वाले सीएम शुभेंदु अधिकारी भी पहली बार बैठक में शामिल हुए। गैर भाजपा-NDA शासित तीन राज्यों के नए मुख्यमंत्री पहली बार बैठक का हिस्सा बने। इनमें कर्नाटक CM शिवकुमार, तमिलनाडु CM विजय और केरल CM वी.डी. सतीशन शामिल हैं। विजय ने बैठक में NEET परीक्षा का विरोध किया। उन्होंने कहा कि NEET शुरू होने के बाद ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों पर असर पड़ा है। विजय ने तमिलनाडु के राज्य कोटा की MBBS, BDS और AYUSH सीटों पर 12वीं के अंकों के आधार पर एडमिशन की मांग की। नीति आयोग बैठक की 5 तस्वीरें… बैठक में समान अवसर और डिजिटल गवर्नेंस नीति आयोग की बैठक में विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए समावेशी मानव विकास पर चर्चा हुई। बैठक में मानव विकास, रोजगार, कौशल विकास, स्वास्थ्य, पोषण, समान अवसर और डिजिटल गवर्नेंस जैसे मुद्दों पर मंथन किया गया। बैठक में राज्यों के विकास विजन को राष्ट्रीय विजन के साथ जोड़ने, विकास योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने और उनके प्रभावी क्रियान्वयन की रणनीति पर भी विचार-विमर्श हुआ। साथ ही दिसंबर 2025 में आयोजित मुख्य सचिवों के राष्ट्रीय सम्मेलन की सिफारिशों पर भी चर्चा की गई। इस बार नीति आयोग की थीम: समावेशी मानव विकास इस साल नीति आयोग की बैठक की थीम ‘विकसित भारत @2047 के लिए समावेशी मानव विकास’ है। इसका मतलब 2047 तक हर उम्र, क्षेत्र, लिंग और सामाजिक-आर्थिक बैकग्राउंड से परे हर भारतीय तक विकास का लाभ पहुंचाना है। भारत 2047 में आजादी के 100 साल पूरे करेगा। केंद्र सरकार का लक्ष्य तब तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है। इसके लिए GDP बढ़ाने के साथ मानव पूंजी को मजबूत करना, युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करना, रोजगार बढ़ाना, महिलाओं और वंचित वर्गों को अवसर देना क्षेत्रीय असमानताओं को कम करना भी जरूरी है। इसी वजह से नीति आयोग की बैठक में शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य, पोषण, उद्यमिता, रोजगार और सामाजिक समानता जैसे मुद्दों पर विशेष चर्चा हुई, ताकि विकास का लाभ हर भारतीय तक पहुंच सके। सिद्धारमैया के अलावा 4 CM पिछली बैठक में नहीं पहुंचे थे नीति आयोग की 10वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक में कर्नाटक के तत्कालीन CM सिद्धारमैया, पश्चिम बंगाल की तत्कालीन CM ममता बनर्जी, केरल के तत्कालीन CM पिनराई विजयन, बिहार के तत्कालीन CM नीतीश कुमार और पुडुचेरी CM एन. रंगासामी शामिल नहीं हुए थे। नीति आयोग के CEO बीवीआर सुब्रह्मण्यम के अनुसार, 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में से 31 ने बैठक में भाग लिया था। उन्होंने इसे गवर्निंग काउंसिल की सबसे अधिक भागीदारी वाली बैठकों में से एक बताया था। वहीं, तमिलनाडु के तत्कालीन CM एम.के. स्टालिन, तेलंगाना के CM रेवंत रेड्डी, हिमाचल प्रदेश CM सुखविंदर सिंह सुक्खू, झारखंड CM हेमंत सोरेन और पंजाब के भगवंत मान जैसे विपक्ष शासित राज्यों के मुख्यमंत्री बैठक में मौजूद रहे थे। ——————————— यह खबर भी पढ़ें… मोदी बोले- कांग्रेस ने नाकामी का कलंक हिंदुओं पर लगाया:हमने सालों के काम महीनों में किए; शुभेंदु ने PM को झालमुड़ी खिलाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं। उनके कार्यकाल के 4,399 दिन पूरे होने पर भारत मंडपम में आयोजित NDA बैठक में उनका सम्मान किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा- 12 साल में देश कांग्रेस के कुचक्र से आजाद हुआ। नाकामी कांग्रेस की थी लेकिन कलंक हिंदू आबादी पर लगाया गया। पूरी खबर पढ़ें…

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