मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। उपवास के मंच से भाजपा पर बरसे कांग्रेस नेता
मध्य प्रदेश में कांग्रेस की राज्यसभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के बाद पार्टी हर स्तर पर इस फैसले का विरोध कर रही है। इसी कड़ी में कांग्रेस ने भोपाल में उपवास कार्यक्रम किया, लेकिन इस मंच से केवल विरोध ही नहीं, बल्कि तीखी बयानबाजी, चेतावनी, अपशब्द और आरोप-प्रत्यारोप भी सुनाई दिए। कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने मुख्यमंत्री के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। विधायक दिनेश गुर्जर ने सीएम हाउस का घेराव करने और वहां पत्थर फेंकने की बात कही। वहीं विधायक हेमंत कटारे ने रिटर्निंग ऑफिसर को लेकर कहा कि वह उनकी कुंडली खोल देंगे और वो रोता फिरेगा। उपवास के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को चुनौती देते हुए कहा कि वे जिस विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं, वहां से चुनाव लड़कर दिखाएं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी भाजपा पर जमकर निशाना साधा। साथ ही चुनाव आयोग पर भी तीखा हमला बोला। अब लोग कह रहे हैं कि कांग्रेस ने विरोध की शुरुआत गांधीवादी तरीके से जरूर की, लेकिन कुछ ही देर में उसका स्वरूप बदलता नजर आया। माना कि कांग्रेस खेमे में नाराजगी, पीड़ा और गुस्सा है, लेकिन सार्वजनिक मंचों पर भाषा और मर्यादा का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है। और फिर.. दिग्विजय सिंह को करना पड़ी अपील
कांग्रेस अपनी राज्यसभा प्रत्याशी का नामांकन निरस्त होने को भाजपा की साजिश बता रही है। वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का कहना है कि यह कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी का नतीजा है। उनके मुताबिक, पूरा मामला कांग्रेस के भीतर की खींचतान का परिणाम है। इस बीच सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें भी चर्चा का विषय हैं। एक तस्वीर में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से हाथ मिलाते नजर आ रहे हैं। वहीं पास में भाजपा के राज्यसभा प्रत्याशी महेश केवट भी दिखाई दे रहे हैं। दूसरी तस्वीर में दिग्विजय सिंह तेलंगाना कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के साथ नजर आ रहे हैं। इस मामले में दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस नेताओं से अपील करते हुए कहा कि हर कोई, हर किसी पर आरोप लगा रहा है, लेकिन ऐसी बातों पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी नेताओं को अपने साथियों पर भरोसा रखना चाहिए, उनका साथ देना चाहिए और एकजुट रहना चाहिए। कुछ इस अंदाज में मुख्यमंत्री से मिले महेश केवट
मध्य प्रदेश में अभी की स्थिति में राज्यसभा की तीसरी सीट पर भाजपा प्रत्याशी महेश केवट का निर्विरोध निर्वाचन लगभग तय माना जा रहा है। कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन निरस्त होने के बाद केवट ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की। इस मुलाकात का वीडियो अब खूब चर्चा में है। वीडियो में महेश केवट मुख्यमंत्री के पैर छूते नजर आ रहे हैं। इस पर राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की टिप्पणियां सुनाई दे रही हैं। लोग रामायण का प्रसंग याद करते हुए कह रहे हैं कि वहां केवट ने भगवान राम को नदी पार कराई थी, जबकि यहां भाजपा ने केवट की राजनीतिक नैया पार लगा दी। ऐसे में अपने नेताओं के प्रति उनका आभार जताना स्वाभाविक है। वैसे भाजपा ने राज्यसभा की तीसरी सीट पर भी जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत झोंक रखी थी। इसी बीच मुख्यमंत्री का एक पुराना बयान भी चर्चा में आ गया है। जब उनसे पूछा गया था कि क्या राज्यसभा की तीसरी सीट भी भाजपा के खाते में आएगी तो उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया था- आएगी, जाएगी कहां? अब कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन निरस्त होने के बाद यह बयान राजनीतिक गलियारों में और ज्यादा चर्चित हो गया है। शिवराज बोले- मोदी भारत के लिए भगवान का वरदान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने के मामले में पंडित जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है। उनकी इस उपलब्धि पर भाजपा में उत्साह का माहौल है और पार्टी के नेता उनकी जमकर सराहना कर रहे हैं। मध्य प्रदेश में भी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से लेकर मंत्री, सांसद और अन्य भाजपा नेताओं ने मंदिरों में पूजा-अर्चना कर प्रधानमंत्री के लिए मंगलकामनाएं कीं। हालांकि, इस मामले में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने बयानों के कारण सबसे ज्यादा चर्चा में रहे। उन्होंने दिल्ली के एक मंदिर में पूजा-अर्चना की और प्रधानमंत्री मोदी की जमकर प्रशंसा की। शिवराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी दिन-रात देश और जनता की सेवा में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी भारत के लिए भगवान का वरदान हैं। यहीं नहीं, शिवराज सिंह ने प्रधानमंत्री को अतिमानव (सुपर ह्यूमन), विकास पुरुष, प्रधान सेवक और जन सेवक जैसे विशेषणों से भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मोदी कल्पनाशील सोच वाले नेता हैं, जो नए विचारों के साथ देश को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। अपने अधीनस्थ महिला आईएएस से परेशान प्रमुख सचिव
एक विभाग के प्रमुख सचिव अपनी अधीनस्थ महिला आईएएस अधिकारी से खासे परेशान हैं। आरोप है कि वे जब भी कोई फाइल उनके पास भेजते हैं, महिला अधिकारी उसमें रोड़े अटका देती हैं। स्थिति यह है कि प्रमुख सचिव ने उनके तबादले के लिए मुख्यमंत्री सचिवालय से लेकर मुख्य सचिव तक गुहार लगा दी, लेकिन अब तक कोई नतीजा नहीं निकला। सुना है कि जब यह महिला अधिकारी एक जिले में कलेक्टर थीं, तब प्रमुख सचिव ने एक मामले में उनकी जांच की थी। जांच में अधिकारी पर लगे आरोप सही पाए गए थे। बताया जा रहा है कि तभी से दोनों अधिकारियों के बीच रिश्तों में खटास आ गई और आज भी उसका असर कामकाज में देखने को मिल रहा है। इनपुट सहयोग – विजय सिंह बघेल (भोपाल) ये भी पढ़ें –
विजयवर्गीय बोले- कांग्रेस ने ही लीक किया मीनाक्षी का ‘पर्चा’: गुस्से में केंद्रीय मंत्री- मेरा तो दिमाग खराब हो गया कांग्रेस की राज्यसभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के लिए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कांग्रेस को ही जिम्मेदार ठहराया। विजयवर्गीय ने कहा- ‘जिस आधार पर हमने आपत्ति लगाई, उसके दस्तावेज हमें किसने दिए? हमारे पास कहां से आए? कांग्रेस की स्थिति आप समझ सकते हैं। हमें कांग्रेस के लोगों ने ही जानकारी दी है।’ पूरी खबर पढ़ें
