खंडवा में रामनगर क्षेत्र की शिवराज मल्टी में वेश्यावृत्ति का मामला सामने आया हैं। पुलिस ने दबिश दी तो मौके पर 3 महिलाएं पैसे के लेन-देन को लेकर झगड़ रही थी, वहीं 6 पुरूष मौजूद थे। पुरूषों ने पूछताछ के दौरान खुद को ग्राहक बताया। इसी आधार पर पुलिस ने सभी को धारा 151 के तहत सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया हैं। बता दें कि, प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत जसवाड़ी रोड़ पर बनी चीराखदान मल्टी को शिवराज मल्टी का नाम दिया गया था। इस मल्टी में अनैतिक गतिविधियों की स्थिति लंबे समय से थी। यही कारण था कि शहर की झुग्गी-बस्तियों से निकाले गए सैकड़ों परिवार इस मल्टी में रहने से कतरा रहे थे। जिसके बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने योजना बनाई और इस तरह की अनैतिक गतिविधियों में लिप्त महिलाओं को चिन्हित किया गया। ऐसी सभी महिलाओं पर सख्त कार्रवाई करने की बात कहीं। पुलिसकर्मी को ग्राहक बनाकर भेजा, प्लान लीक
मामले में सिटी कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई की हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वेश्यावृत्ति के मामले की सूचना मिलने पर एक पुलिसकर्मी को मौके पर ग्राहक बनाकर भेजा था। लेकिन प्लान लीक हो गया और महिलाओं को भनक लग गई। उनके बीच पैसे के लेन-देन का विवाद हो गया। इतनी देर में पीछे जा रही पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई। जहां 6 पुरूष भी मिले, उन्होंने कबूला कि वे लोग यहां बतौर ग्राहक आए थे। हालांकि, पुलिस ने देह व्यापार का मामला दर्ज नहीं किया हैं। टीआई प्रवीण आर्य का कहना हैं कि, देह व्यापार करते हुए महिलाओं को पकड़ा नहीं जा सका। तीनों महिलाओं के बीच में विवाद की स्थिति को देखते हुए शांतिभंग की धारा में सभी को जेल भेजा गया हैं।
