इंदौर में चल रहे 5 दिन के ब्रिक्स कृषि सम्मेलन का बुधवार को दूसरा दिन है। आज सुबह 20 ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधि राजवाड़ा पहुंचे। यहां उन्होंने होलकरकालीन ऐतिहासिक धरोहर का अवलोकन किया। इतिहासकार जफर अंसारी ने उन्हें इंदौर के इतिहास, संस्कृति और राजवाड़ा के महत्व के बारे में जानकारी दी। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ढक्कनवाला कुआं स्थित ग्रामीण हाट बाजार पहुंचा, जहां उन्हें मध्यप्रदेश की कृषि, हस्तशिल्प और ग्रामीण उद्यमिता की झलक दिखाई गई। देखिए राजवाड़ा पर प्रतिनिधियों की तस्वीरें… ग्रामीण हाट में मालवी परंपरा से स्वागत ग्रामीण हाट में विदेशी मेहमानों का मालवा की परंपरा के अनुसार स्वागत किया गया। उन्हें पारंपरिक पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया। जनजातीय कलाकारों ने लोक और जनजातीय नृत्य प्रस्तुत किए। कलाकारों की प्रस्तुति से प्रभावित होकर कई विदेशी प्रतिनिधि भी नृत्य दल के साथ शामिल हुए और पारंपरिक धुनों पर थिरकते नजर आए। कृषि और हस्तशिल्प उत्पादों में दिखाई रुचि प्रतिनिधियों ने ओडीओपी योजना के तहत लगाए गए स्टॉलों का भ्रमण किया। बुरहानपुर के केले से बने उत्पाद, बालाघाट का जीआई टैग प्राप्त चिन्नौर चावल, रीवा के आम, झाबुआ की पारंपरिक फसलें और विभिन्न कृषि उत्पादों की जानकारी ली। प्रतिनिधियों ने आमों का स्वाद चखा और उनकी क्वालिटी, स्वाद और खुशबू की तारीफ की। प्राकृतिक खेती और महिला समूहों की सराहना की मृगनयनी के चंदेरी, महेश्वरी और कोसा वस्त्रों के साथ प्राकृतिक शहद, ए-2 दुग्ध उत्पाद, हर्बल सामग्री और महिला स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को भी सराहा। प्रतिनिधियों ने मध्यप्रदेश के कृषि, प्राकृतिक खेती और ग्रामीण उद्यमिता मॉडल की प्रशंसा की। अब देखिए ग्रामीण हाट की तस्वीरें…
कल भारत-रूस के बीच हुई अहम बैठक सम्मेलन के पहले दिन मंगलवार को भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई। इसमें कृषि व्यापार बढ़ाने, तकनीकी सहयोग मजबूत करने और खाद्य सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। दोनों देशों ने जलवायु अनुकूल खेती और कृषि अनुसंधान में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई। सम्मेलन में ब्रिक्स सदस्य देशों के अलावा साझेदार देशों के कृषि मंत्री, अधिकारी और विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं। आयोजन 9 से 13 जून तक इंदौर में होगा। ब्रिक्स में इन मुद्दों पर हो रही चर्चा 11 जून तक कृषि कार्य समूह की बैठकें सम्मेलन की शुरुआत 9 जून से कृषि कार्य समूह (Agriculture Working Group) की बैठकों के साथ हुई। विभिन्न देशों के अधिकारी और विशेषज्ञ खाद्य सुरक्षा, पोषण, कृषि व्यापार, पशुपालन, मत्स्य पालन, कृषि अनुसंधान और किसानों की आय बढ़ाने जैसे मुद्दों पर चर्चा करेंगे। बैठकों में विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों की चुनौतियों, कृषि ऋण, बाजार तक पहुंच और आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर फोकस रहेगा। 12 जून को मंत्रिस्तरीय संवाद 12 जून को कृषि मंत्रियों के बीच विशेष संवाद होगा। इसमें छोटे किसानों, महिलाओं और युवाओं की भूमिका, डिजिटल तकनीक और भविष्य की खाद्य सुरक्षा पर चर्चा होगी। 13 जून को होगी कृषि मंत्रियों की मुख्य बैठक सम्मेलन के अंतिम दिन ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों की मुख्य बैठक होगी। इसमें कृषि सहयोग, जलवायु परिवर्तन, खाद्य हानि कम करने और कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने पर मंथन होगा। बैठक के बाद संयुक्त दस्तावेज जारी किया जाएगा। मध्यप्रदेश के लिए बड़ा अवसर विशेषज्ञों का मानना है कि इस सम्मेलन से मध्यप्रदेश को कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और निर्यात के क्षेत्र में वैश्विक पहचान मिलेगी। साथ ही निवेश और तकनीकी सहयोग की नई संभावनाएं भी खुलेंगी। अब जानिए आने वाले दिनों का शेड्यूल कार्यक्रम दिन-2: बुधवार, 10 जून 2026 दिन-3 : गुरुवार, 11 जून 2026 दिन-4 : शुक्रवार, 12 जून 2026 दिन-5 : शनिवार, 13 जून 2026
