ग्वालियर में आधा दर्जन बदमाशों ने एक ऑटो को रोककर उसमें बैठे गैंगस्टर विक्रम राणा पर जानलेवा हमला कर दिया। हमलावरों ने पहले विक्रम पर सीधे गोली दागने की कोशिश की, लेकिन फायर मिस (पिस्टल लॉक) हो गया। इसके बाद भाग रहे विक्रम को कुछ दूरी पर घेर लिया। उसे लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा गया। जान बचाने के लिए वह जैसे-तैसे मुरार थाने पहुंचा। मामले में नया मोड़ तब आया जब पुलिस घायल गैंगस्टर को मेडिकल कराने अस्पताल ले गई। वहां मौका देख वह भाग निकला। जब उसकी प्रोफाइल खंगाली तो पता चला कि वह आर्म्स एक्ट में लंबे समय से फरार है। घटनाक्रम रविवार दोपहर को 7 नंबर चौराहे पर हुआ है। सोमवार को पुलिस के हाथ एक 12 सेकेंड का वीडियो लगा है। हालांकि, गैंगस्टर के भाग जाने के चलते कोई FIR दर्ज नहीं की जा सकी है। पुलिस को कार्रवाई के लिए उसके लौटने का इंतजार है। जान बचाकर भागा तो पीछे दौड़कर पीटा मुरार थाना पुलिस ने बताया कि विक्रम राणा का नाम शहर के गैंगस्टर सूची में आता है। हत्या और फायरिंग के मामलों में उसका नाम है। दोपहर को एक ऑटो में सवार होकर अपने घर की तरफ लौट रहा था। ऑटो जैसे ही मुरार के व्यस्त 7 नंबर चौराहे के पास पहुंचा, तभी पहले से घात लगाए बैठे आधा दर्जन बदमाशों ने ऑटो को बीच सड़क पर जबरन रुकवा लिया। बदमाशों ने ऑटो रुकते ही विक्रम पर कट्टा/पिस्टल तान दी और गोली चलाई, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण फायर मिस हो गया। बदमाशों के खूंखार तेवर देखकर विक्रम अपनी जान बचाने के लिए ऑटो से कूदकर घर की तरफ भागा। मिस फायर होने के बाद लाठी-डंडे से पीटा हमलावरों ने बीच सड़क पर पीछा करते हुए विक्रम को दबोच लिया और लाठी-डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस मारपीट में विक्रम के सिर और पैर में गंभीर चोटें आई हैं। सरेराह मारपीट देखकर जब चौराहे पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जुटने लगी, तो हमलावर जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से भाग निकले। इन बदमाशों पर लगाया हमले का आरोप
लहूलुहान हालत में विक्रम राणा सीधे मुरार थाने पहुंचा और आपबीती सुनाई। विक्रम ने पुलिस को बताया कि पुरानी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई के चलते उस पर यह जानलेवा हमला किया है। उसने आमोद, बबलू, राज, आमोद के जीजा और उनके दो-तीन अन्य अज्ञात साथियों पर आरोप लगाया है। आर्म्स एक्ट में फरार था पीड़ित, अस्पताल से भागा इस पूरे गैंगवार में उस समय बड़ा ट्विस्ट आया जब पुलिस ने फरियादी विक्रम राणा का क्रिमिनल रिकॉर्ड खंगाला। पुलिस जांच में सामने आया कि जो विक्रम राणा खुद पर हमले की शिकायत लेकर थाने आया था। जबकि वह खुद बहोड़ापुर या अन्य थाने में आर्म्स एक्ट (अवैध हथियार रखने) के एक मामले में लंबे समय से फरार चल रहा है। जब मुरार थाना पुलिस नियमानुसार विक्रम के सिर और पैर की चोटों का मेडिकल चेकअप कराने के लिए अस्पताल लेकर गई, तो शातिर विक्रम ने मौका देखा और पुलिसकर्मियों को चकमा देकर अस्पताल परिसर से ही गायब हो गया। सीएसपी अतुल कुमार सोनी ने बताया कि मुरार के 7 नंबर चौराहे पर विक्रम राणा नाम के व्यक्ति के साथ मारपीट की घटना हुई है। घायल ने कुछ लोगों पर मारपीट के आरोप लगाए हैं। चूंकि घायल खुद आर्म्स एक्ट के एक मामले में पुलिस का वांटेड है।
