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7वें बाघ में कैनाइन डिस्टेंपर वायरस मिला:रेस्क्यू कर क्वारेंटाइन सेंटर भेजा, वायरस से अब तक 6 की मौत

मंडला में कान्हा टाइगर रिजर्व के किसली रेंज अंतर्गत संदुकखोल क्षेत्र में एक बाघ को अजीब और असामान्य व्यवहार करते हुए देखा गया है। इसके बाद पार्क प्रबंधन ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे रेस्क्यू कर लिया और मुक्की रेंज स्थित क्वारेंटाइन सेंटर में इलाज और निगरानी के लिए रखा है। शनिवार को बाघ में सीडीवी पाया गया है। बाघ के खून के सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए हैं, क्योंकि कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (सीडीवी) की आशंका के चलते प्रबंधन कोई ढिलाई नहीं बरतना चाहता। जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को संदुकखोल पर्यटन क्षेत्र में घूमने आए पर्यटकों ने इस बाघ को अजीब हरकतें करते देखा था। इसकी खबर तुरंत कान्हा प्रबंधन को दी गई, जिसके बाद से ही बाघ पर लगातार नजर रखी जा रही थी। वन्यजीव विशेषज्ञों और अधिकारियों की टीम ने मौके पर जाकर बाघ के हालात का जायजा लिया। लगातार निगरानी के बाद गुरुवार शाम को बाघ को सुरक्षित तरीके से पकड़कर मुक्की रेंज के क्वारेंटाइन सेंटर शिफ्ट कर दिया गया। 2 महीने में 8 बाघों की मौत से अलर्ट पर प्रबंधन क्वारेंटाइन सेंटर में बाघ का इलाज चल रहा है और उसकी सेहत से जुड़ी हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। अगर जांच रिपोर्ट सही आती है और बाघ पूरी तरह ठीक हो जाता है, तो उसे वापस जंगल में आजाद छोड़ दिया जाएगा। कान्हा टाइगर रिजर्व में पिछले कुछ महीनों में सीडीवी (CDV) संक्रमण की वजह से 6 बाघों की मौत हो चुकी है। इनमें अमही बाघिन और उसके 4 शावक, साथ ही महावीर मेल बाघ भी शामिल है। पिछले करीब दो महीनों में कान्हा में कुल 8 बाघों की मौत दर्ज की गई है, जिसकी वजह से वन विभाग और पार्क प्रबंधन बेहद सतर्क है। शुरुआती जांच में न्यूरो की समस्या, बाद में आया सीडीवी कान्हा के उपसंचालक (कोर) पीके वर्मा ने बताया कि बाघ के शुरुआती लक्षण सीडीवी जैसे नहीं लग रहे थे, बल्कि न्यूरो से जुड़ी समस्या लग रही थी, इसी वजह से उसका रेस्क्यू किया गया। शुरुआती टेस्ट में सीडीवी नेगेटिव आया था, लेकिन बाद की जांच में यह पॉजिटिव निकला है। फिलहाल उसे अलग (आइसोलेट) रखकर मुक्की क्वारेंटाइन सेंटर में इलाज दिया जा रहा है। सीडीवी के खतरे को देखते हुए प्रशासन किसी भी बीमार या अजीब व्यवहार करने वाले बाघ की सूचना मिलते ही तुरंत एक्शन ले रहा है। पार्क प्रबंधन इससे पहले भी दो बाघों का कामयाब इलाज कर उन्हें वापस जंगल में छोड़ चुका है। फिलहाल, इस बाघ का इलाज और डॉक्टर्स की देखरेख जारी है।

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