मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। पीएम मोदी के बाद शिवराज ने दिखाया ‘आम’ प्रेम
प्रधानमंत्री मोदी ने राजनीति में अलग ही ट्रेंड सेट कर दिया है। जिसे कामयाबी की चाबी मानकर हर कोई फॉलो कर रहा है। मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में आम की चर्चा किए जाने के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी अपने आम के बगीचे में पहुंच गए। उन्होंने आम को फलों का राजा बताते हुए इसकी खूबियां गिनाईं। शिवराज सिंह चौहान ने अपने बगीचे में लगे आम के पेड़ों के बीच पहुंचकर कहा कि आम स्वाद, सेहत और मिठास का अनूठा संगम है। उन्होंने कहा कि आम के पेड़ केवल फल ही नहीं देते, बल्कि रिश्तों में भी मिठास घोलने का काम करते हैं। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि उनके बगीचे में लगे आम भी अब पककर तैयार होने वाले हैं। उन्होंने कहा कि भारत में आम की विभिन्न किस्में अपनी गुणवत्ता और स्वाद के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं। शिवराज ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि आम के इस मौसम का भरपूर आनंद लें, किसानों की मेहनत का सम्मान करें और फलों के राजा का स्वाद चखें। उनके इस अंदाज को मोदी ट्रेंड को फॉलो करने के रूप में भी देखा जा रहा है। सीएम के शब्दों पर जीतू पटवारी का इमोशनल वार
केवल भाजपा ही नहीं, विपक्षी दलों के नेता भी अब मोदी स्टाइल की राजनीति से प्रेरणा लेते नजर आ रहे हैं। अब मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को ही देख लीजिए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जब से उन्हें ‘दो कौड़ी का प्रदेश अध्यक्ष’ कहा है, तब से जीतू पटवारी ने इस टिप्पणी और सीएम के शब्दों को अपने राजनीतिक अभियान का भावनात्मक हथियार बना लिया है। वे लगभग हर मंच से यही बात दोहरा रहे हैं कि उन्हें गालियां दी गईं, लेकिन वे जनता और किसानों की लड़ाई लड़ते रहेंगे। पटवारी का कहना है कि मुख्यमंत्री की ये बातें उनके लिए अपमान नहीं, बल्कि प्रेरणा हैं। वे कहते हैं कि उनकी गालियां हमारे लिए फूल हैं, प्यार हैं और मोहब्बत हैं। इतना ही नहीं, जीतू पटवारी यह कहने से भी नहीं चूकते कि लोकप्रिय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उन्हें यह टिप्पणी करके उनके काम का ‘मेडल’ दे दिया है। अब लोग कह रहे हैं कि जीतू पटवारी सीएम के शब्दों को राजनीतिक सहानुभूति और जनसंपर्क के अवसर में बदलने की कोशिश में जुटे हैं। राज्यसभा के लिए नाम आने पर भावुक रजनीश अग्रवाल
मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा ने रजनीश अग्रवाल को उम्मीदवार घोषित किया तो वे भावुक हो गए। उनके लिए यह किसी लॉटरी लगने से कम नहीं था। उन्होंने कहा कि ऐसा केवल भाजपा में ही संभव है। रजनीश अग्रवाल ने भाजपा नेतृत्व को देवतुल्य बताते हुए कहा कि पार्टी में ऐसी ‘अदृश्य आंखें’ हैं, जो कार्यकर्ताओं के कामकाज पर लगातार नजर रखती हैं और उनके योगदान का आकलन करती हैं। अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह भी भाजपा के उस ‘मोदी ट्रेंड’ का हिस्सा है, जिसमें कब, किस कार्यकर्ता को बड़ा अवसर मिल जाए, इसका अंदाजा किसी को नहीं होता। ऐसे में जब रजनीश अग्रवाल पर यह कृपा बरसी तो उनकी आंखें नम हो गईं। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने उड़ा दी कांग्रेस पार्टी की नींद
कांग्रेस में वही पुराना ट्रेंड चल रहा है। नाम के ऐलान के साथ ही विरोध और कलह का। राज्यसभा उम्मीदवार के तौर पर मीनाक्षी नटराजन के नाम की घोषणा होते ही पार्टी के भीतर से असंतोष के स्वर सुनाई देने लगे। कांग्रेस नेता नरेश ज्ञानचंदानी ने इसे पार्टी की गलती और चूक तक बता दिया। उधर, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने यह कहकर कांग्रेस की बेचैनी और बढ़ा दी कि यदि भाजपा कोई तीसरा उम्मीदवार मैदान में उतारती है, तो उस तीसरे उम्मीदवार को भी जिताने की कोशिश करेंगे। अब लोग कह रहे हैं कि भाजपा का यह भी एक ऐसा ट्रेंड है, जिससे कांग्रेस पहले भी कई बार चोट खा चुकी है। ऐसे में कांग्रेस को आगे की रणनीति बेहद सावधानी से बनानी होगी और अपने विधायकों को एकजुट बनाए रखना होगा। ‘सरकार’ बोले- जहां सवारियां वहां पहुंची ही नहीं मेट्रो
एमपी में मेट्रो ट्रेन के ये हाल हैं कि वह खाली ही रेंग रही है। खर्चा निकालने के लिए बर्थडे पार्टी और अन्य आयोजनों के ऑफर दिए गए। वजह यह है कि ट्रेन जहां जा रही है, वहां सवारियां नहीं हैं और जहां सवारियां हैं, वहां तक पहुंची ही नहीं है। ये हमारा नहीं, ‘सरकार’ का कहना है। एक मीटिंग में उनका इशारा राजधानी की ओर था। ये भी पढ़ें –
मंत्री के बंगले में निकला ‘खाते-पीते घर का सांप’: अध्यक्ष ने अपने घर में लगवा लिया ऑफिस का एसी एमपी को यूं ही अजब-गजब नहीं कहा जाता। टीकमगढ़ में नगर पालिका ने स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर रैंक हासिल करने के लिए ‘गोलमाल’ कर डाला। हुआ यूं कि नगर पालिका की टीम एक मोहल्ले में पहुंची। वहां एक खुली नाली को लोहे की जालियों से ढंक दिया गया। इसके बाद फोटो और वीडियो बनाए और फिर जालियां वापस हटा ली गईं। पूरी खबर पढ़ें
