केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने रविवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तंज कसा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर स्वर्गीय BJP नेता सुषमा स्वराज का पुराना वीडियों शेयर किया। उन्होंने लिखा कि एक मैच्योर विपक्ष का नेता (LoP) सदन को आसानी से चलाने और पार्लियामेंट्री डेमोक्रेसी को बेहतर बनाने में बहुत काम आता है। रिजिजू का यह बयान बजट सत्र के पहले चरण में हुए हंगामे के बाद आया। राहुल गांधी ने चीनी टैंक की लद्दाख में घुसपैठ और पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की किताब पर बयान देने की कोशिश की थी। उन्होंने ‘एपस्टीन फाइल्स’ और इंडिया-US ट्रेड डील जैसे मुद्दों को संसद में उठाने का प्रयास किया था, जिन्हें बीजेपी ने बेबुनियाद बताया था। इसके बाद स्पीकर ने उन्हें रोका। जिसके बाद विपक्षी सांसदों सदन में हंगामा कर दिया था और सदन की कार्यवाही को बाधित किया था। रिजिजू ने सुषमा स्वराज की 2014 की स्पीच शेयर की किरेन रिजिजू ने सुषमा स्वराज की 2014 की लोकसभा में दी गई स्पीच शेयर की, जिसमें वो कहती हैं कि- भारतीय लोकतंत्र के मूल में एक भाव है। वो भाव ये है कि हम एक दूसरे के विरोधी है मगर शत्रु नहीं, हम विरोध विचारधाराओं, नीतियों और कार्यक्रम का करते है। हम जो आलोचना करते हैं वो प्रखर आलोचना हैं। लेकिन प्रखर आलोचना भी भारतीय लोकतंत्र में एक दूसरे के व्यक्तिगत संबंधों में आड़े नहीं आती है। मुझे आडवाणी जी हमेशा निर्देश देते थे कि सदन की गरिमा के अनुरुप ही आचरण करना। और आज मैं यह स्वीकार करना चाहूंगी कि नेता प्रतिपक्ष के रुप में जो भूमिका मैं निभा सकी वो आदरणीय आडवाणी जी के कारण निभा सकी। लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला के खिलाफ विपक्ष के नो-कॉन्फिडेंस मोशन पर बहस और वोटिंग 9 मार्च को होनी है। किरेन रिजिजू ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अगर विपक्षी पार्टियां सेशन के पहले अपना विरोध जारी रखती हैं, तो यह उनके लिए नुकसानदायक होगा। BJP सांसद ने राहुल की सदस्यता खत्म करने की मांग की BJP सांसद निशिकांत दुबे ने 12 फरवरी को राहुल गांधी के खिलाफ लोकसभा में सब्सटेंसिव मोशन पेश किया है। उन्होंने राहुल पर देश को गुमराह करने का आरोप लगाया था। दुबे ने राहुल की संसद सदस्यता खत्म करने और चुनाव लड़ने पर लाइफटाइम बैन लगाने की मांग की थी। —————————————– यह खबर भी पढ़ें… राहुल गांधी बोले- अडाणी पर केस मोदी पर दबाव बनाने के लिए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बजट पर चर्चा के दौरान एपस्टीन फाइल्स और अडाणी पर अमेरिका में चल रहे केस का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अडाणी पर चल रहा केस, दरअसल मोदी पर दबाव बनाने का तरीका है। पूरी खबर पढ़ें…
