राजधानी में स्वास्थ्य व्यवस्था को झकझोर देने वाला एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत सरकारी अस्पतालों में तैनात 9 तथाकथित डॉक्टर फर्जी दस्तावेजों के सहारे नौकरी करते पकड़े गए हैं। इनमें तीन महिलाएं भी शामिल हैं। चूनाभट्टी थाना पुलिस ने गुरुवार को सभी आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मामले की शुरुआत एनएचएम कार्यालय से मिली शिकायत से हुई, जिसमें नियुक्त डॉक्टरों के दस्तावेजों पर संदेह जताया गया था। प्राथमिक जांच में ही सामने आ गया कि कुछ आवेदकों ने मध्यप्रदेश मेडिकल काउंसिल के फर्जी रजिस्ट्रेशन नंबर और एमबीबीएस की नकली डिग्रियां लगाकर चयन प्रक्रिया को पार कर लिया। सत्यापन में खुली पोल एनएचएम में डॉक्टरों की भर्ती के लिए तय प्रक्रिया के तहत ऑनलाइन आवेदन, दस्तावेज सत्यापन और इंटरव्यू के बाद नियुक्तियां दी जाती हैं। जनवरी 2026 से अब तक 81 डॉक्टरों की भर्ती की गई थी। गहन जांच में 9 डॉक्टरों के दस्तावेज संदिग्ध पाए गए। जब मेडिकल काउंसिल से मिलान कराया गया तो पता चला कि दिए गए रजिस्ट्रेशन नंबर असल में अन्य डॉक्टरों के नाम पर दर्ज हैं। दूसरों के नाम पर बनी डिग्री जांच एजेंसियों को यह भी पता चला कि आरोपियों ने असली डॉक्टरों के दस्तावेजों की कॉपी हासिल कर उन्हें एडिट कर अपने नाम से फर्जी प्रमाण-पत्र तैयार किए थे। इसी आधार पर वे सरकारी अस्पतालों में मरीजों का इलाज भी कर रहे थे। जनवरी से मई तक करते रहे नौकरी पुलिस के मुताबिक, ये सभी आरोपी करीब पांच महीने तक अलग-अलग सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत रहे। इस दौरान उन्होंने वेतन भी लिया और चिकित्सकीय सेवाएं भी दीं, जिससे मरीजों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इनके खिलाफ दर्ज हुआ केस
पुलिस ने डॉ. आकाश चंदेलकर, डॉ. मोहर सिंह, डॉ. कमल किशोर, डॉ. मोनिका, डॉ. हारून, डॉ. शांति, डॉ. सोनम, डॉ. बुद्धमान और डॉ. पवन को आरोपी बनाया है। जांच का दायरा बढ़ा
चूनाभट्टी थाना पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस फर्जीवाड़े में कोई संगठित गिरोह या अंदरूनी मिलीभगत तो शामिल नहीं है। साथ ही, भर्ती प्रक्रिया में लापरवाही या जानबूझकर की गई अनदेखी की भी पड़ताल की जा रही है। ये खबर भी पढ़ें… फर्जी डॉक्टर्स मामला, भोपाल एनएचएम आईटी असिस्टेंट गिरफ्तार दमोह के फर्जी एमबीबीएस डिग्री मामले में पुलिस ने पांचवीं गिरफ्तारी की है। इस बार भोपाल के एनएचएम (NHM) ऑफिस में काम करने वाले एक आईटी असिस्टेंट को पकड़ा गया है। वहीं, फर्जी डिग्री पर डॉक्टरी कर रहे तीन लोगों को रिमांड खत्म होने के बाद मंगलवार को जेल भेज दिया गया है।पूरी खबर पढ़ें
