छत्तीसगढ़ के सरगुजा के सीतापुर में नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ विधायक और उनके समर्थकों द्वारा मारपीट के मामले में राजस्व अधिकारियों की हड़ताल खत्म हो गई है। गुरुवार से सभी तहसीलदार और नायब तहसीलदार फिर से काम पर लौट आए हैं। वहीं, सीतापुर के नायब तहसीलदार तुषार मानिक और एसडीएम फागेश सिन्हा हटाए जा सकते हैं। इसे लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी सहमति बनने की खबर है। सरगुजा के सीतापुर में 27 मई को नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ विधायक रामकुमार टोप्पो और समर्थकों ने मारपीट की थी। इस मामले में सीतापुर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। घटना के विरोध में 28 मई से प्रदेशभर के तहसीलदार और नायब तहसीलदार हड़ताल पर चले गए थे और विधायक की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। बुधवार को विधायक समर्थक नाजिम राजा और पंकज गुप्ता ने थाने में सरेंडर कर दिया। थाने में नाजिम राजा और पंकज गुप्ता से चेकलिस्ट पर हस्ताक्षर कराए गए और दोनों को मुचलके पर छोड़ दिया गया। वहीं, इस मामलेमें विधायक रामकुमार टोप्पो ने कहा था कि वे खुद गिरफ्तारी देंगे, लेकिन उन्होंने अभी तक सरेंडर नहीं किया है। हड़ताल समाप्त, काम पर लौटे राजस्व अधिकारी-कर्मचारी बताया जा रहा है कि भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने हड़ताल खत्म कराने के लिए पहल की। नेताओं से चर्चा के बाद विधायक रामकुमार टोप्पो ने अपने दो समर्थकों को सरेंडर कराया। इसके बाद कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने अपना आंदोलन वापस लेने का फैसला किया। गुरुवार से सभी तहसीलदार और नायब तहसीलदार फिर से काम पर लौट आए हैं। उनके साथ सरगुजा के हड़ताल पर गए राजस्व निरीक्षक और पटवारी भी ड्यूटी पर वापस आ गए हैं। कामकाज शुरू होने के बाद गुरुवार को तहसीलों में लोगों की काफी भीड़ देखने को मिली। हटाए जाएंगे नायब तहसीलदार-एसडीएम बताया गया है विधायक रामकुमार टोप्पो अब अड़ गए हैं कि नायब तहसीलदार तुषार मानिक और एसडीएम फागेश सिन्हा को सीतापुर से हटाया जाए। विधायक ने पहले भी तुषार मानिक को हटाने के लिए प्रशासन से मांग की थी, लेकिन वे नहीं हटाए गए थे। मारपीट की घटना सीतापुर के एसडीएम फागेश सिन्हा के सामने हुई थी। उन्होंने बीच-बचाव कर नायब तहसीलदार को बचाया था। साथ ही उन्होंने अपने बयान में भी कहा था कि विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों ने मारपीट की थी। अब विधायक ने सरगुजा कलेक्टर से एसडीएम फागेश सिन्हा को भी सीतापुर से हटाने की मांग की है। बताया गया है कि नायब तहसीलदार को हटाने का आदेश गुरुवार को हो सकता है। वहीं, एसडीएम फागेश सिन्हा को एक-दो दिन बाद हटाए जाने की संभावना है। फागेश सिन्हा को करीब दो महीने पहले ही अंबिकापुर से ट्रांसफर कर सीतापुर का एसडीएम बनाया गया था। घटना के बाद खुद एसडीएम और नायब तहसीलदार के लिए भी सीतापुर क्षेत्र में काम करना आसान नहीं होगा, इसलिए उन्हें भी इससे ऐतराज नहीं होगा। पहले विधायक के गिरफ्तारी की मांग पर अड़े अधिकारियों को भी दबाव में आंदोलन समाप्त करना पड़ा है। वहीं विधायक की बहन ने नायब तहसीलदार के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई है। भाजपा ने नायब तहसीलदार के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है। क्या है पूरा मामला विधायक रामकुमार टोप्पो का आरोप है कि नायब तहसीलदार तुषार मानिक ने उनकी चचेरी बहन से अभद्रता की थी। तुषार मानिक का आरोप है कि, बहन के साथ अभद्रता का आरोप लगाते हुए विधायक और उनके समर्थकों ने उनकी पिटाई की थी। बाद में दोनों पक्षों की शिकायत के बाद काउंटर FIR हुई थी। इसी के बाद राज्य के सभी तहसीलदार एकजुट हुए और कामकाज बंद कर विधायक पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। दूसरी तरफ विधायक समर्थकों ने भी नायब तहसीलदार को हटाने की मांग की है। ……………………….. इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें….. छत्तीसगढ़- तहसीलदारों की हड़ताल खत्म, कल से काम पर लौटेंगे:संघ बोला- कार्रवाई-सुरक्षा का मिला आश्वासन, BJP विधायक की गिरफ्तारी की मांग छत्तीसगढ़ में 500 से ज्यादा तहसीलदार आज हड़ताल पर रहे। राजस्व कामकाज बंद कर अधिकारियों ने सीतापुर से भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो की गिरफ्तारी की मांग की है। आरोप है कि MLA ने सरगुजा जिले के नायब तहसीलदार तुषार मानिक की पिटाई की थी। पढ़ें पूरी खबर…
