टीकमगढ़ जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण अंचलों में महाशिवरात्रि पर्व की धूम है। प्रसिद्ध तीर्थ स्थल शिवधाम कुंडेश्वर और शहर के प्रमुख मंदिरों में भगवान भोलेनाथ के विवाह की रस्में पारंपरिक विधि-विधान से प्रारंभ की गई हैं। शुक्रवार रात कुंडेश्वर धाम में गणेश पूजन के साथ महादेव को तेल चढ़ाने की रस्म पूरी की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। हल्दी की रस्म और मंडप भोज कल शिवधाम कुंडेश्वर ट्रस्ट के प्रधान पुजारी जमुना तिवारी महाराज ने बताया कि वैवाहिक कार्यक्रमों के क्रम में शनिवार को मंदिर परिसर में भव्य मंडप सजाया जाएगा। इस दौरान भगवान शिव को हल्दी चढ़ाई जाएगी और विशेष मंडप भोज का आयोजन होगा। महाशिवरात्रि के मुख्य पर्व पर सुबह 4 बजे से ही भगवान का अभिषेक शुरू हो जाएगा। भीड़ को देखते हुए प्रशासन और ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की है ताकि दर्शन सुगमता से हो सकें। नजरबाग और अन्य शिवालयों में भी विशेष आयोजन शहर के नजरबाग प्रांगण में भी तीन दिवसीय उत्सव की शुरुआत हो गई है। पुजारी सुरेंद्र मोहन द्विवेदी के अनुसार, शनिवार को यहां संगीतमय सुंदरकांड का पाठ होगा। इसके साथ ही सुभाष पुरम के गौ लोक धाम, सिविल लाइन के केदारेश्वर शिवालय, जानकी बाग, प्रतापेश्वर और सिद्ध बाबा मंदिर सहित नगर के सभी छोटे-बड़े मंदिरों में शिव-पार्वती विवाह महोत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं। हर तरफ ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे गूंज रहे हैं। 15 फरवरी को निकलेगी भव्य शिव बारात इस वर्ष महाशिवरात्रि के अवसर पर 15 फरवरी को भगवान भोलेनाथ की भव्य बारात निकाली जाएगी। दूल्हा बने भगवान शंकर गाजे-बाजे के साथ नंदी पर सवार होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे। इस खास मौके पर संस्कृति विभाग द्वारा कुंडेश्वर धाम में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें स्थानीय और बाहरी कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
