सीताराम-सीताराम करने भर से धर्म नहीं बचेगा, बल्कि माला और भाला रखना होगा। हमें मठों से निकलकर धर्म की रक्षा करनी होगी। ये बात बागेश्वर धाम में 301 कन्याओं के विवाह महोत्सव के दौरान गुरुवार को पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कही। इस बयान पर कांग्रेस ने उन्हें विभाजनकारी बताते हुए बीजेपी ऑफिस में बैठने की सलाह दी है। वहीं बीजेपी ने कांग्रेस को सनातन विरोधी बताया है। शास्त्री को एक-दो घंटे बीजेपी दफ्तर में बैठना चाहिए धीरेन्द्र शास्त्री के इस बयान पर कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री मुकेश नायक ने कहा- शास्त्री जी को एक काम करना चाहिए कि इनको विधिवत एक-दो घंटे का समय निकालकर बीजेपी के दफ्तर में बैठना चाहिए। ये बीजेपी के कार्यकर्ता हैं और हमेशा विभाजनकारी बात करते हैं। इन पर तो मुकद्मा दर्ज होना चाहिए। ये भारत का सौहार्द्र बिगाड़ने वाले लोग हैं। सीएम के बागेश्वर धाम जाने पर मुकेश नायक ने कहा- वो (धीरेन्द्र शास्त्री) उनके इतने बडे़ कार्यकर्ता हैं तो वे (सीएम) जाएंगे ही। खुलेआत धर्म को राजनीति का औजार बनाया जा रहा मुकेश नायक ने कहा- सारा प्रदेश और देश देख रहा है कि क्या चल रहा है? ऐसी धर्मांधता, इस तरह की ठगी और खुलेआम धार्मिक आस्थाओं का दोहन किया जा रहा। खुलेआम धर्म को राजनीति का औजार बनाना, लोगों की श्रद्धा और विश्वास का दोहन किया जा रहा है। गोस्वामी तुलसीदास जी ने कहा है- बेचहिं बेदु धरमु दुहि लेहीं। पिसुन पराय पाप कहि देहीं। इसका अर्थ है कि कलियुग में लोग वेदों को बेचेंगे (शिक्षा का व्यवसायीकरण), धर्म का सहारा लेकर अपना स्वार्थ साधेंगे, चुगलखोर होंगे और दूसरों की निंदा करेंगे। बीजेपी विधायक बोले-कांग्रेस के नेता सनातन के खिलाफ बीजेपी विधायक घनश्याम चंद्रवंशी ने कांग्रेस नेता के बयान पर कहा- मुकेश नायक पहले अपने और कांग्रेस के चरित्र को देख लें। जब भी सनातन की बात आती है तो कांग्रेस के ऊपर से नीचे तक के लीडर हमेशा सनातन के खिलाफ खडे़ होते हैं। पंडित धीरेन्द्र शास्त्री सनातन की अलख जगाने का काम कर रहे हैं। हिन्दू समाज में पूरे विश्व में भगवा का सम्मान हुआ इसमें संतों ने जो मेहनत और तपस्या की है उसके कारण आज यह सब दिख रहा है। इसलिए कांग्रेस किसी भी स्तर पर जाने को तैयार है। कांग्रेस इसीलिए गर्त में चली गई
बीजेपी विधायक ने कहा- सनातन धर्म के लिए मुकेश नायक की जो मानसिकता वो दिख रही है। क्योंकि, ये कोई नया नहीं हैं उनकी पार्टी के नेताओं राहुल गांधी, दिग्विजय सिंह को देख लो। ये सब उनके वंशज हैं। इसी का यह परिणाम है कि कांग्रेस गर्त में चली गई है।
