प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मिलावटी डेयरी उत्पादों के निर्माण और निर्यात से जुड़े करोड़ों रुपए के फर्जीवाड़े मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने भोपाल स्थित जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके प्रबंध निदेशक किशन मोदी के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत अभियोजन शिकायत (Prosecution Complaint) विशेष पीएमएलए कोर्ट में दायर की है। यह शिकायत 11 मई को पेश की गई, जिस पर अदालत ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद संज्ञान भी ले लिया है। ईडी के अनुसार कंपनी मिल्क मैजिक ब्रांड नाम से डेयरी उत्पादों का कारोबार करती थी। जांच में सामने आया कि कंपनी दूध की वसा (Milk Fat) के स्थान पर पाम ऑयल और अन्य पदार्थों की मिलावट कर डेयरी उत्पाद तैयार कर रही थी। इन उत्पादों की बिक्री घरेलू बाजार के साथ-साथ विदेशों में भी की गई। निर्यात के लिए नकली रिपोर्ट तैयार की जांच एजेंसी ने बताया कि निर्यात की मंजूरी हासिल करने के लिए कंपनी ने प्रतिष्ठित लैब्स की फर्जी टेस्ट रिपोर्ट्स जमा की थीं। संबंधित प्रयोगशालाओं से सत्यापन कराने पर कई रिपोर्ट्स नकली पाई गईं। ईडी के मुताबिक फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कंपनी ने मिलावटी डेयरी उत्पादों का निर्यात कर करीब 19.69 करोड़ रुपए की अवैध कमाई की। ईडी ने कहा कि यह राशि कंपनी के बैंक खातों के माध्यम से संचालित की गई, जिसे पीएमएलए के तहत “अपराध की आय” (Proceeds of Crime) माना गया है। मामले में एजेंसी पहले ही कंपनी की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच कर चुकी है। कंपनी के अधिकारियों की भूमिका की जांच की जा रही इस पूरे मामले की जांच भोपाल के हबीबगंज थाना और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी। कंपनी के निदेशकों और अधिकारियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किए गए थे। ईडी ने कार्रवाई करते हुए कंपनी के प्रबंध निदेशक किशन मोदी को 13 मार्च 2026 को गिरफ्तार किया था, जबकि तत्कालीन CEO सुनील त्रिपाठी को 20 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। एजेंसी के मुताबिक कंपनी के अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों की भूमिका की भी जांच जारी है और आने वाले समय में मामले में और खुलासे हो सकते हैं।
