देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 रद्द कर दी गई है। वहीं केंद्र सरकार ने पेपर लीक मामले की जांच CBI को सौंप दी है। पेपर रद्द होने का असर बड़ा मध्य प्रदेश के करीब 1.20 लाख अभ्यर्थियों पर पड़ा है। अभिभावकों और छात्रों में नाराजगी है। नीट अभ्यर्थी सार्थक यादव ने कहा- मैंने पूरे साल मेहनत करके नीट की तैयारी की थी और परीक्षा दी, लेकिन आखिर में एग्जाम रद्द हो गया। यह बेहद निराशाजनक है। मानसिक तनाव है। अब फिर से तैयारी करके परीक्षा देनी पड़ेगी। 2024 में भी यही किया था, अब फिर वही हुआ भोपाल की राखी ने कहा- अगले साल फिर ऐसी स्थिति नहीं बनेगी, इसकी भी कोई गारंटी नहीं है। 2024 में भी प्रबंधन ने यही किया था, अब 2026 में भी मेहनत पानी में मिल गई। लाखों बच्चों का भविष्य फिर अंधकार में धकेला दिया गया। छात्रों पर मानसिक तनाव की स्थिति नीट छात्रा इशीका साहू ने कहा- मैंने पहली बार नीट परीक्षा दी थी। एग्जाम रद्द होने की खबर बेहद निराश करने वाली है। जिन छात्रों ने लंबे समय से तैयारी की थी या ड्रॉप लेकर मेहनत कर रहे थे, उनके साथ बहुत गलत हुआ है। अब री-नीट की बात हो रही है। मानसिक तनाव है। महिला कांग्रेस बोली- बीजेपी सरकार में 90 बार पेपर लीक मध्यप्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना बौरासी सेतिया ने कहा-छात्र-छात्राओं का भविष्य अंधकारमय हो गया है। इन छात्रों के परिवार किस तरह उन्हें पढ़ाते हैं, यह सभी समझ सकते हैं। गरीब परिवारों के छात्र छोटे शहरों से बड़े शहरों में पढ़ाई करने जाते हैं। ऐसे में उन परिवारों पर क्या बीती होगी? बीजेपी सरकार में 90 बार पेपर लीक हुए हैं। 50 बार दोबारा परीक्षाएं कराई गई हैं। इनमें से कई बच्चे परीक्षा देने से चूक गए। उनका भविष्य आज भी अंधकार में है। इसका जिम्मेदार सिर्फ सरकार है, जो पिछले 12 वर्षों से देश में शासन कर रही है। अब इन 23 लाख छात्रों के भविष्य के बारे में कौन सोचेगा? नीट एग्जाम रद्द होने से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
