भोपाल के कोलार इलाके के गुराड़ी घाट गांव में देशभर के करीब 50 आईएएस और आईपीएस अफसरों ने एक ही दिन खेती की बेशकीमती जमीन खरीदी है। इस निवेश का खुलासा मध्य प्रदेश के आईएएस अफसरों के अचल संपत्ति विवरण (आईपीआर) की जांच में हुआ। इसके बाद दैनिक भास्कर की पड़ताल में पता चला कि इस निवेश में सिर्फ एमपी कैडर ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र, तेलंगाना, हरियाणा कैडर और दिल्ली में पदस्थ कई आईएएस-आईपीएस अफसर भी शामिल हैं। हैरान करने वाली बात ये है कि जमीन खरीदी के 16 महीने बाद ही इसी इलाके में 3200 करोड़ रुपए का वेस्टर्न बायपास मंजूर हो गया। फिर 10 महीने बाद जमीन का इस्तेमाल (लैंड यूज) बदलकर उसे रिहायशी कर दिया गया। इसके बाद जमीन की कीमतें 11 गुना तक बढ़ गईं। अभी तक इसके लिए कोई सोसायटी रजिस्टर्ड नहीं हुई है। रिहायशी प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले जमीन सोसायटी के नाम करनी होगी या प्लॉट बांटने होंगे। 3 पॉइंट्स में जानिए खरीदी से लेकर कीमत बढ़ने तक का खेल 4 अप्रैल 2022- एक दिन में 2.023 हेक्टेयर जमीन खरीदी 31 अगस्त 2023… 16 महीने बाद बायपास मंजूर जून 2024… बायपास के 10 माह बाद लैंड यूज बदला
