एमपी में अब आंधी, बारिश-ओले का दौर थमेगा और तेज गर्मी पड़ेगी। IMD (मौसम केंद्र) ने 12 मई से प्रदेश में हीट वेव यानी, लू का अलर्ट जारी किया है। रविवार से ही गर्मी असर दिखाने लगेगी। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर-जबलपुर समेत पूरे प्रदेश में दिन का पारा 2 से 4 डिग्री तक बढ़ सकता है। इससे पहले शनिवार को प्रदेश में एक ट्रफ और एक साइक्लोनिक सकुर्लेशन (चक्रवात) की एक्टिविटी देखने को मिली। इस वजह से कई शहरों में बादल छाए रहे। शाम को भोपाल, बैतूल, सिवनी, पांढुर्णा, डिंडौरी, अनूपपुर, रायसेन, गुना, विदिशा, राजगढ़, सागर, जबलपुर, दमोह, बालाघाट, मंडला, उमरिया, शहडोल और छिंदवाड़ा में हल्की बारिश हुई और आंधी चली। रतलाम में पारा 44 डिग्री पहुंचा प्रदेश में शनिवार को आंधी-बारिश वाले मौसम के बीच तेज गर्मी भी पड़ी। मौसम विभाग के अनुसार, रतलाम में पारा 44 डिग्री पहुंच गया। शाजापुर में 43.8 डिग्री, धार में 42.6 डिग्री, खरगोन में 42 डिग्री, गुना में 41.8 डिग्री, खंडवा में 41.5 डिग्री, खजुराहो में 41 डिग्री, रायसेन में 40.6 डिग्री, श्योपुर में 40.4 डिग्री, सागर में 40.3 डिग्री, बैतूल में 40.2 डिग्री और दमोह में 40 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, प्रदेश के 5 बड़े शहरों में उज्जैन सबसे गर्म रहा। यहां अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री पहुंच गया। इंदौर में 42 डिग्री, भोपाल में 41 डिग्री, जबलपुर में 39.2 डिग्री और ग्वालियर में पारा 38.5 डिग्री सेल्सियस रहा। मई में पहली बार तेज गर्मी का दौर प्रदेश में 30 अप्रैल से आंधी-बारिश का दौर शुरू हो गया था। लगातार 10 दिन यानी, 9 मई तक प्रदेश में बारिश हुई। कभी वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) का असर देखने को मिला तो कभी चक्रवात और ट्रफ का। इस वजह से मई के पहले सप्ताह में बारिश हुई। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि 10 मई से प्रदेश में मौसम साफ रहेगा। इससे गर्मी का असर बढ़ने लगेगा। 12-13 मई को पश्चिमी हिस्से के कुछ जिलों में लू का अलर्ट भी किया है। शनिवार को बारिश की तस्वीरें… 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम… दिनभर पर्याप्त पानी पीएं, ज्यादा देर धूप में न रहें गर्मी का असर बढ़ते ही मौसम विभाग ने बचाव की एडवायजरी भी जारी की है। लोगों से कहा गया है कि वे दिनभर पर्याप्त पानी पीएं और शरीर को हाइड्रेट रखें। दोपहर के समय लंबे समय तक धूप में न रहे। हल्के वजन और रंग के सूती कपड़े पहनें। बच्चे और बुजुर्ग खासतौर पर ध्यान रखें। अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में पड़ती है तेज गर्मी मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह दिसंबर-जनवरी में सर्दी और जुलाई-अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश होती है, उसी तरह गर्मी के दो प्रमुख महीने अप्रैल और मई हैं। मई के शुरुआती सप्ताह से ही गर्मी का तेज असर रहता है, लेकिन इस बार पहले सप्ताह में आंधी-बारिश वाला मौसम रहा। हालांकि, अब भीषण गर्मी पड़ने का अलर्ट है। मई में MP के 5 बड़े शहरों में ऐसा ट्रेंड भोपाल में गर्मी के साथ बारिश होती है भोपाल में मई में मौसम के ट्रेंड की बात करें तो बीते 10 साल में तेज गर्मी और बारिश दोनों का ही दौर रहा है। 2016 में पारा 46.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका, जो ओवरऑल रिकॉर्ड है। यहां इस महीने बारिश भी होती है। 2014 से 2023 तक हर साल बारिश हुई। 2021 और 2023 में 2 इंच से ज्यादा पानी गिरा। इस बार भी मई में बारिश का अलर्ट है। इंदौर में 2023 में गिरा था 3 इंच पानी इंदौर में भी मई महीने में पारा 46 डिग्री के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, 31 मई 1994 को इतना तापमान दर्ज किया गया था। इस महीने यहां भी मौसम में बदलाव देखने को मिलता है। इसके चलते बादल छाए रहते हैं तो बौछारें भी गिरती हैं। पिछले साल पूरे महीने 3 इंच बारिश हुई थी। वर्ष 2014 से 2023 के बीच 9 बार बारिश हो चुकी है। ग्वालियर में 48 डिग्री के पार पहुंच चुका पारा ग्वालियर में बाकी शहरों से ज्यादा गर्मी पड़ती है। 10 साल में यहां पारा एक बार 47 डिग्री और 3 बार 46 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। 30 मई 1947 को 48.3 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया था। 17 मई 1953 को 24 घंटे में सर्वाधिक 41.9 मिमी, यानी डेढ़ इंच से अधिक बारिश हुई थी। 2023 में भी ढाई इंच पानी गिरा था। जबलपुर में 3 बार 45 डिग्री पार कर चुका तापमान जबलपुर की बात करें तो यहां 25 मई 1954 को पारा 46.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। 10 साल में 3 बार टेम्परेचर 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा है। जबलपुर में मई में बारिश का ट्रेंड भी रहता है। 2014 से 2023 तक हर साल बारिश हुई है। वर्ष 2021 में पूरे महीने 3 इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। पिछले साल 2 इंच पानी गिरा था। उज्जैन में भी गर्मी, बारिश का ट्रेंड उज्जैन में भी इस महीने गर्मी और बारिश का ट्रेंड रहता है। 22 मई 2010 को रिकॉर्ड 46 डिग्री सेल्सियस तापमान पहुंचा था। वहीं, 2014 से 2023 के बीच एक बार पारा 45 डिग्री के पार रह चुका है। हालांकि, पिछले साल तापमान 42.4 डिग्री से ज्यादा नहीं गया था। इस महीने पौन इंच के करीब बारिश भी हुई थी।
