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दुबई-कनाडा में बसे भारतीय MP में चलाएंगे गौशालाएं:सोलर एनर्जी, सीएनजी, वाटर स्पोर्ट्स और पर्यटकों को रुकने की सुविधा भी मिलेगी

सड़कों पर बेसहारा घूमते गौवंश एक तरफ चुनावी मुद्दा हैं। दूसरी तरफ देश भर की सरकारों के लिए बड़ी चुनौती। मध्य प्रदेश में इन बेसहारा गौवंश को आसरा देने के लिए पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने एक रास्ता खोजा है। प्रदेश भर में 100 एकड़ से लेकर 500 एकड़ जमीन पर पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मोड पर स्वाबलंबी गौशालाएं खोली जाएंगी। दमोह जिले के पथरिया विधानसभा क्षेत्र के सीतानगर में 517 एकड़ में बनने वाली गौशाला का भूमिपूजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रण भेजा है। पीएमओ की तरफ से भूमिपूजन की तारीख तय होने के बाद पीएम मोदी देश की पहली स्वाबलंबी गौशाला की आधारशिला रखेंगे। पशुपालन मंत्री लखन पटेल ने बताया कि प्रदेश में अभी 7 जिलों में स्वाबलंबी गौशालाओं के लिए संस्थाओं और फर्मों का चयन हो गया है। दमोह के सीतानगर में करीब 517 एकड़ जमीन पर बनने वाली गौशाला के लिए दुबई और चीन में काम करने वाले एक प्रवासी भारतीय ने टेंडर लिया है। कई और ऐसे बडे़ उद्यमी हैं जो देश-विदेश में काम रहे हैं। वे मध्य प्रदेश में गौशालाएं चलाएंगे। आमदनी बढ़ाने कई कामों की मिलेगी परमिशन पशुपालन मंत्री लखन पटेल ने कहा कि गौशाला का टेंडर लेने वालों को हमने आमदनी बढ़ाने के लिए कुछ और काम करने की अनुमति दी है। उन्हें पीपीपी मोड पर पैसा लगाना है। वे गौशाला में गोबर गैस से सीएनजी बना सकते हैं। अगर दस टन का सीएनजी प्लांट लगाया तो करीब 65 रुपए किलो के हिसाब से प्रतिदिन करीब 6-7 लाख की आमदनी अकेले उसी से होगी। उसके साथ में जो जैविक खाद बनेगा उसका पैसा मिलेगा। प्रति गाय 40 रुपए सहायता, वेलनेस सेंटर भी सरकार की ओर से 40 रुपए प्रति गाय का पैसा मिलेगा। जब ब्रीडिंग यानी नस्ल सुधार का काम करेगा तो उसका पैसा अलग मिलेगा। गौशाला में अपनी आर्थिक क्षमता के अनुसार सोलर प्लांट भी लगा सकते हैं।
गौशाला का संचालन करने वाली संस्थाएं अपने परिसर में वेलनेस सेंटर यानी योगा, नेचुरोपैथी सेंटर भी चला सकते हैं। इसके लिए आयुष विभाग के सहयोग से प्राकृतिक चिकित्सा केन्द्र भी चला सकेंगे। रुकने, घूमने की सुविधा विकसित कर सकेंगे
पशुपालन मंत्री लखन पटेल ने बताया कि गौशाला का संचालन करने वाली संस्थाएं परिसर में आने वाले पर्यटकों के ठहरने के लिए होम स्टे बना सकेंगे। शहरी इलाकों से सटी गौशालाओं में लोग घूमने गौसेवा करने भी आ सकेंगे। डैम, तालाब से लगी गौशालाओं में नौका विहार भी
जो गौशालाएं नदी, तालाब और डैम के आसपास हैं वे पर्यटकों के लिए नौका विहार, बोटिंग की सुविधा भी शुरु कर सकेंगी। उदाहरण के लिए दमोह से 18 किलोमीटर दूर सीतानगर में 517 एकड़ में बनने वाली गौशाला एक डैम से लगी हुई है। दमोह जिला मुख्यालय के करीब होने के चलते यहां लोकल पिकनिक स्पॉट के तौर पर भी यह गौशाला विकसित हो सकती है। दुबई-चीन में काम करने वाले चलाएंगे गौशालाएं
जिन सात गौशालाओं के लिए जिन संस्थाओं को टेंडर मिले है। उनका संचालन करने वालों में बॉम्बे, दिल्ली के लोग भी हैं। कुछ एनआरआई हैं। अशोकनगर में गौशाला काम लेने वाले कनाड़ा में रहते हैं। दमोह के सीतानगर की गौशाला काम जिन्होंने लिया है वे बॉम्बे के रहने वाले हैं। लेकिन उनका काम सिंगापुर और चाइना में हैं। लोगों को लगता है कि यह एक ऐसा काम है जिसमें आम के आम और गुठलियों के दाम मिलेंगे। यानी गौमाता की सेवा भी होगी और आमदनी भी होगी। एक गौशाला में 500 परिवारों को रोजगार मिलेगा
पशुपालन मंत्री लखन पटेल ने बताया कि एक गौशाला बनने से करीब 500 परिवारों को रोजगार मिलेगा। उदाहरण के तौर पर जैसे दमोह के सीतानगर की गौशाला में अगर 25 हजार गौवंश रखी जाएगी। एक गौशाला में कम से कम 15 हजार गौवंश रखा जाएगा
हमने जिस गौशाला के लिए न्यूनतम गौवंश की संख्या तय की है लोग उससे ज्यादा गौवंश रखेंगे क्योंकि गोबर गैस और सीएनजी बनाने के लिए गोबर की आवश्यकता पड़ेगी। तो स्वाभाविक है कि गौशाला में ज्यादा गौवंश रखेगा। मैं ऐसा मानता हूं कि किसी भी गौशाला में 15 हजार से कम गौवंश कोई भी नहीं रखेगा। किसी के पास यदि 120 एकड़ जमीन भी है तो भी वह 10 से 15 हजार के बीच गौवंश रखेगा। इससे प्रदेश में निराश्रित गौवंश की समस्या हल हो जाएगी। अभी 7 गौशालाओं के टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद संस्थाएं काम शुरु करने जा रहीं हैं। अभी करीब 34 गौशालाएं ऐसी हैं जिनके लिए जमीन शासन की ओर से हमें आवंटित हो गई है। गौशालाएं ऐसी होंगी कि लोग बच्चों का बर्थडे मनाने आएंगे
पशुपालन मंत्री कहते हैं कि यह ऐसा मॉडल बनेगा कि लोग गौशाला को देखने आएंगे और पिकनिक मनाने भी जाएंगे। लोग अपना और अपने बच्चों का जन्मदिन मनाने भी आएंगे। यह देश में पहला प्रयोग है। ये देश भर में पहली योजना है। इसके बारे में जिसने भी सुना उसने बहुत सराहा भी है। और यह भी कहा कि इससे अच्छा मॉडल कुछ और नहीं हो सकता। 90 रुपए किलो में एक कंपनी दूध लेने को तैयार
लखन पटेल ने बताया कि किनले वाटर कंपनी के लोग मेरे पास आए थे। उन्होंने कहा कि हम गौशालाओं से अनुबंध कर लेंगे और 90 रुपए प्रति लीटर के हिसाब से दूध खरीदेंगे। जब गौशालाएं शुरू होंगी तो उनका एग्रीमेंट करा देंगे। गौशाला में 30% दुधारू जानवर रखे जा सकेंगे
गौशाला में सरकार ने यह व्यवस्था दी है कि 30 प्रतिशत दुधारू पशु रखे जा सकेंगे। उदाहरण के तौर पर 10 हजार गौवंश की क्षमता वाली गौशाला में 3 हजार दुधारू पशु और 7 हजार बेसहारा पशु रखे जा सकेंगे।

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