मध्यप्रदेश के मऊगंज में चोरी की जांच के सिलसिले में गांव पहुंची पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। हालात इतने बिगड़े कि लेडी कॉन्स्टेबल समेत दो पुलिसकर्मियों को कमरे में बंद करने की कोशिश की गई। धक्का-मुक्की में उनकी वर्दी तक फट गई। सूचना मिलने पर अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा, तब जाकर स्थिति काबू में आई। घटना मऊगंज थाना क्षेत्र के कुलबहेरिया गांव से जुड़ी है। यहां सितंबर 2025 में राम लखन शर्मा के घर से करीब 40 हजार रुपए नकद और जेवर चोरी हुए थे। खास बात यह थी कि पेटी और अलमारी के ताले बंद थे। परिवार के अनुसार, छोटे बेटे-बहू बाहर रहते थे और कमरे की चाबी घर की बुजुर्ग महिला के पास थी। होली पर लौटने पर चोरी का खुलासा हुआ। चोरी के मामले में नोटिस देने पहुंची थी टीम
शिकायत के बाद 14 अप्रैल 2026 को केस दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। संदेह के आधार पर प्रियंका शर्मा को कई बार पूछताछ के लिए बुलाया गया, लेकिन वह पेश नहीं हुईं। मंगलवार को पुलिस टीम नोटिस देने के लिए लौर थाना क्षेत्र के शुकुलगवां गांव पहुंची थी। पुलिसकर्मियों को कैद करने की कोशिश पुलिस के पहुंचते ही घर की महिलाएं भड़क गईं। आरोप है कि उन्होंने अभद्रता करते हुए एक महिला आरक्षक को घर के अंदर खींचकर दरवाजा बंद करने की कोशिश की। उप निरीक्षक ज्ञानेंद्र पटेल के साथ भी धक्का-मुक्की की गई। झड़प के दौरान पुलिसकर्मी सत्यम और महिला आरक्षक रेखा को कमरे में बंद करने की कोशिश की गई। खींचतान में दोनों की वर्दी फट गई। खुद को घिरता देख पुलिस टीम ने तुरंत थाने और लौर पुलिस को सूचना दी। सड़क पर लेटकर रोका पुलिस वाहन अतिरिक्त बल मौके पर पहुंचा तो विरोध कर रही महिलाएं पुलिस वाहन के सामने लेट गईं, जिससे काफी देर तक तनाव बना रहा। बाद में समझाइश के बाद हालात काबू में आए और पुलिसकर्मियों को बाहर निकाला गया। एसडीओपी सचि पाठक के मुताबिक, शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट और अभद्रता जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।
