भोपाल में मंगलवार को सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और तैयारियों का बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। रानी कमलापति स्टेशन के बास बंसल वन बिल्डिंग में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) कमांडो ने हाई-इंटेंसिटी मॉक ड्रिल की, जिसमें आतंकियों के बिल्डिंग में घुसने की स्थिति का सजीव अभ्यास किया गया। ड्रिल के दौरान कमांडो को आतंकवादियों को नेस्तनाबूत करने और बंधकों को सुरक्षित बाहर निकालने जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से निपटने का अभ्यास कराया जा रहा है। यह पूरी एक्सरसाइज पिछले एक महीने से चल रही विशेष ट्रेनिंग का हिस्सा है, जिसका फाइनल प्रदर्शन आज किया जा रहा है। बम स्कॉड और फायर ब्रिगेड टीम भी मौके पर मौके पर मध्य प्रदेश पुलिस की बीडीएनडीएस (बम डिस्पोजल एंड डिटेक्शन स्क्वॉड) टीम भी तैनात है। इसके अलावा कई सुरक्षा वाहन, एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड की टीमों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। ड्रिल के दौरान पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में लिया गया है और आम लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई है। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर इलाके की निगरानी की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि इस तरह की मॉक ड्रिल का मकसद किसी भी आतंकी खतरे की स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है, ताकि आम नागरिकों की सुरक्षा में कोई चूक न हो। तस्वीरों में देखें NSG कमांडो की मॉक ड्रिल ट्रेनिंग के बाद आपसी तालमेल के लिए मॉक ड्रिल एनएसजी ग्रुप कमांडर कर्नल अभिषेक सिंह ने बताया कि पिछले एक महीने से एनएसजी की टीम राज्य पुलिस की काउंटर टेररिस्ट विशेषज्ञ इकाइयों के साथ संयुक्त प्रशिक्षण कर रही है। इस ट्रेनिंग में काउंटर टेररिज्म ऑपरेशन, बिल्डिंग इंटरवेंशन, बॉम्ब डिस्पोजल, ऑफेंसिव-डिफेंसिव और टैक्टिकल ड्राइविंग, K9 यूनिट तथा वीआईपी प्रोटेक्शन जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि किसी भी विस्तृत प्रशिक्षण के अंत में मॉक ड्रिल आयोजित की जाती है, ताकि सिखाई गई सभी तकनीकों और आपसी समन्वय (जॉइंटनेस) का परीक्षण किया जा सके। इससे आपात स्थिति में रिस्पांस टाइम कम होता है और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बनता है, जिससे ऑपरेशन को अधिक प्रभावी ढंग से अंजाम दिया जा सकता है। कर्नल सिंह ने आगे बताया कि इस मॉक ड्रिल के लिए दो संभावित टारगेट चुने गए हैं। पहला टारगेट भोपाल की प्रमुख कॉर्पोरेट इमारत बंसल वन टावर है, जिसे संभावित रूप से आतंकवादी निशाना बना सकते हैं। वहीं दूसरा टारगेट भोपाल इंटरनेशनल एयरपोर्ट को रखा गया है, जिसकी जानकारी टीमों को पहले से नहीं दी गई, ताकि वास्तविक परिस्थितियों के अनुसार उनकी तैयारी और प्रतिक्रिया क्षमता का आकलन किया जा सके।
