Homeमध्यप्रदेशहीरा पाने खुली खदान में सेक्स करते हैं मजदूर:महिलाओं को घसीटते हैं,...

हीरा पाने खुली खदान में सेक्स करते हैं मजदूर:महिलाओं को घसीटते हैं, श्मशान से लाकर डालते हैं पानी; पन्ना में अजीबोगरीब टोटके

मध्य प्रदेश के पन्ना में हीरे निकालने की जद्दोजहद सिर्फ मेहनत तक सीमित नहीं है। उथली खदानों में किस्मत चमकाने के लिए तंत्र-मंत्र और टोने-टोटके किए जाते हैं। अजीब मान्यताओं के तहत सेक्स से लेकर श्मशान की राख तक का इस्तेमाल किया जाता है। ये क्रियाएं सिर्फ बुधवार और रविवार को की जाती हैं और इन्हें असरदार माना जाता है। जानकारों के अनुसार, इनका हीरा मिलने से कोई सीधा संबंध नहीं है। भास्कर टीम ने ऐसी खदान में पहुंचकर इन टोटकों को देखा। अब इन टोटकों के बारे में सिलसिलेवार जानिए 1. बुरी नजर से बचाव: हड्डियों और फटे जूतों का पहरा छतरपुर के मजदूर पप्पू छह महीने से परिवार के साथ हीरापुर की खदानों में किस्मत आजमा रहे हैं। खुदाई से पहले धरती माता और खेतपाल बाबा की अनुमति लेना जरूरी माना जाता है। उनके अनुसार खदान पर बुरी नजर का साया रहता है। नजर लगने पर हीरा जमीन में धंस जाता है या मिट्टी में बदल जाता है। इससे बचने के लिए मुहाने पर काला कपड़ा, फटे जूते, जड़ी-बूटियां और जानवरों की हड्डियां बांधी जाती हैं। पप्पू के मुताबिक, हीरा चंचल होता है और साफ नीयत वाले के पास ही टिकता है। खुदाई में सांप दिखे या बुरा सपना आए तो काम रोक दिया जाता है। इसे अनहोनी या खजाने के रक्षक का संकेत माना जाता है। 2. ब्रह्म मुहूर्त में शारीरिक संबंध: जमीन की शक्ति जगाने का तरीका खदानों में एक मान्यता खुली खदान में शारीरिक संबंध बनाने की है। मजदूर अरविंद गोंड के अनुसार, चाल पर ब्रह्म मुहूर्त, यानी सुबह 4 बजे पति-पत्नी संबंध बनाएं तो इसे शुभ माना जाता है। 3. श्मशान का पानी और रूहानी आशीर्वाद मान्यताएं यहीं खत्म नहीं होतीं। अरविंद के अनुसार, लोग रविवार या बुधवार रात सूर्यास्त के बाद श्मशान जाते हैं। वहां मटके में पानी भरकर खदान में 5 या 7 बार छिड़कते हैं। माना जाता है कि इससे आत्माओं या पितरों का आशीर्वाद मिलता है और हीरे तक पहुंचने का रास्ता मिलता है। 4. महिलाओं को घसीटना: एक दर्दनाक टोटका ओडिशा के प्रमोद कुमार मांझी दो महीने में दो लाख रुपए खर्च कर चुके हैं, लेकिन कुछ नहीं मिला। वे भी टोटकों में फंस रहे हैं। उनके अनुसार, खदान में महिलाओं को पैरों से पकड़कर घसीटा जाता है। उन्हें तब तक घसीटा जाता है, जब तक वे न कह दें- “हां, तुम्हें हीरा मिलेगा, तुम्हें हीरा जरूर मिलेगा।” माना जाता है कि ये शब्द सच हो जाते हैं। हीरा मजदूरों के लिए उम्मीद और अध्यात्म का संगम हीरा पारखी अनुपम शर्मा इसे दार्शनिक नजर से देखते हैं। वे कहते हैं- “विज्ञान की नजर में हीरा भले ही कार्बन का एक टुकड़ा हो जो भू-गर्भीय हलचलों से बनता है, लेकिन पन्ना के मजदूर के लिए यह उम्मीद और अध्यात्म का संगम है।” महीनों मेहनत के बाद भी कुछ न मिलने पर मजदूर किस्मत, कर्म और टोटकों पर निर्भर हो जाता है। उसे लगता है कि कोई अदृश्य शक्ति उसके और खजाने के बीच है। एक्सपर्ट बोले- ये साइकोलॉजिकल डिपेंडेंसी इन दावों के बीच विज्ञान अलग राय देता है। भू-विज्ञानी डॉ. डीआर तिवारी इन्हें खारिज करते हैं। वे कहते हैं- “हीरा एक प्राकृतिक प्रक्रिया के तहत बनता है और मिट्टी में दबा होता है। इसका टोने-टोटकों से दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है।” उनके अनुसार यह ‘साइकोलॉजिकल डिपेंडेंसी’ है। वे समझाते हैं- “जैसे हम गेहूं से कंकड़ बीनते हैं, वैसे ही यहां कंकड़-पत्थरों के बीच से हीरा चुनना पड़ता है। यह पूरी तरह से एकाग्रता और कड़ी मेहनत का खेल है, अगर आप 6×6 के प्लॉट में पूरी मेहनत से खुदाई करेंगे और कंकड़ बीनेंगे तो हीरा मिलना आपकी मेहनत और संभावना पर निर्भर करता है, न कि किसी पूजा या टोटके पर। ये खबरें भी पढ़ें… 250 रुपए के हीरा खदान के पट्‌टे ने बनाया अमीर हीरे की खदानों ने कई मजदूरों की किस्मत बदली है। ऐसी ही कहानी चुनुवाद आदिवासी के परिवार की है। 250 रुपए के पट्टे की खदान से उनकी जिंदगी बदल गई। अब परिवार पक्के मकान में रहता है। पहले दूसरों के खेतों में मजदूरी करने वाले चुनुवाद अब काम के ठेके ले रहे हैं। घर में ट्रैक्टर और जमीन भी है। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें… कीमती हीरा मिला, लेकिन नहीं चमकी किस्मत क्या वाकई में हीरा मिलने के बाद पन्ना के लोगों की किस्मत चमक जाती है, इसी का पता करने दैनिक भास्कर की टीम पन्ना पहुंची। ऐसे 4 लोगों से मिली, जिन्हें पहले हीरा मिल चुका है। उनसे बातचीत कर समझ आया कि हीरा मिलने के बाद उनकी किस्मत चमकी नहीं बल्कि उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ा। पूरी खबर पढ़ें…

Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
Related News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here